मणिकम टैगोर, किरेन रिजिजू
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि रिजिजू झूठ फैलाने में व्यस्त हैं.
वे संसद चलाने के बजाय बीजेपी के लिए व्हाट्सएप फॉरवर्ड चला रहे हैं. उन्होंने झूठी कहानियां फैलाना अपना काम बना लिया है. वह चाहते हैं कि भारतीय यह मान लें कि हमारा देश खतरे में है जबकि असली खतरा बीजेपी की नफरत भरी राजनीति है.
टैगोर ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर हमला करना, जिनकी दादी और पिता ने भारत के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी, शब्दों से परे शर्मनाक है. गांधी परिवार का बलिदान भारत के इतिहास में खून से लिखा गया है, व्हाट्सएप फॉरवर्ड से नहीं. दरअसल, रिजिजू ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा था कि राहुल गांधी जी को सुधारना मेरी बस की बात नहीं है.
Unparliamentary affairs Minister @KirenRijiju has made it his full-time job to spread fear & fake stories scripted by RSS.
He wants Indians to believe our nation is in danger—while the real danger is BJPs hate politics.To attack Leader of Opposition @RahulGandhi ji, whose https://t.co/gWNaLW7zfi
— Manickam Tagore .B🇮🇳மாணிக்கம் தாகூர்.ப (@manickamtagore) August 24, 2025
‘रिजिजू संसदीय कार्य मंत्री जैसा व्यवहार नहीं करते’
मणिकम टैगोर ने कहा कि रिजिजू संसदीय कार्य मंत्री जैसा व्यवहार नहीं करते. अगर उनमें जरा भी समझ होती, तो राजनाथ सिंह जी से सीखते, जो कम से कम सदन की गरिमा तो जानते हैं. पहलगाम बहस के बाद भारत ने चुनाव आयोग के पक्षपात पर चर्चा की मांग की. भाजपा घबरा गई. क्यों? क्योंकि राहुल गांधी के वोट चोरी वाले भाषण ने उनके सबसे बड़े डर को उजागर कर दिया था.
इसका नतीजा यह हुआ कि भाजपा ने संसद ठप कर दी. उनके सांसद फुसफुसा रहे थे कि वोट चोरी ने हमारे आकाओं को परेशान कर दिया. हताशा में उन्होंने ध्यान भटकाने के लिए 130वां संविधान संशोधन विधेयक पेश कर दिया. विपक्ष पूरी तरह से डटा रहा. रिजिजू ‘संसद के स्वामी’ बनना चाहते थे लेकिन वे फर्जी खबरों के कारखाने में बदल गए. भारत इस सर्कस से बेहतर का हकदार है.
राहुल को सुधारना मुमकिन नहीं- रिजिजू
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता हैं. मैं उस पर आलोचना नहीं करना चाहता लेकिन जब वो प्रधानमंत्री को चोर बोलते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाई. राफेल को लेकर उन्होंने अनाप शनाप कहा. चीन ने भारत की जमीन ले ली, यह कहकर उन्होंने झूठ बोला. सुप्रीम कोर्ट ने फिर उन्हें फटकार लगाई. इसके बाद भी वो सुनते ही नहीं. अगर राहुल गांधी अपने आप नहीं सुधर सकते तो मैं कौन होता हूं उनको सुधारने वाला. मेरी बात को सुनेंगे ही नहीं. राहुल जब भी बोलते तो उनके मंत्री सकते में आ जाते है क्योंकि वो डरते हैं कि राहुल अनाप शनाप बातें करेंगे, जिसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ता तो उनका नुकसान है. हम चाहते हैं कि लोकतंत्र में विपक्षी पार्टी मजबूत हो. यहां तो स्ट्रॉन्ग अपोजिशन तो छोड़ दीजिए, ये लोग तो बेसिक काम भी नहीं कर पाते हैं.