मल्टीपल मायलोमा में फ्लो साइटोमेट्री पर कार्यशाला देश की राजधानी नई दिल्ली… जहाँ स्वास्थ्य सेवा और शोध कार्य में निरंतर प्रगति हो रही है, वहीं एक और महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल की शुरुआत होने जा रही है। सर गंगा राम अस्पताल का हीमेटोलॉजी विभाग और साइटोमेट्री सोसाइटी ऑफ इंडिया मिलकर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन कर रहे हैं।

मल्टीपल मायलोमा में फ्लो साइटोमेट्री कार्यशाला | सर गंगा राम अस्पताल नई दिल्ली (29 अगस्त 2025)
29 अगस्त 2025 की सुबह 10 बजे से, सर गंगा राम अस्पताल, ओल्ड राजिंदर नगर, नई दिल्ली के ऑडिटोरियम में चिकित्सा विज्ञान के विद्यार्थी, विशेषज्ञ और शोधकर्ता एक छत के नीचे एकत्र होंगे। उद्देश्य एक ही है — हीमेटो-ऑन्कोलॉजी में नई तकनीकों और बेहतर उपचार पद्धतियों को साझा करना।
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मल्टीपल मायलोमा, रक्त से संबंधित एक गंभीर रोग है, जिसमें अस्थि मज्जा (Bone Marrow) में असामान्य प्लाज्मा कोशिकाएँ अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं। यह रोग धीरे-धीरे शरीर को कमजोर करता है, रोगी की प्रतिरोधक क्षमता को कम करता है और हड्डियों, किडनी तथा रक्त पर गहरा असर डालता है।

दिल्ली में मेडिकल वर्कशॉप: मल्टीपल मायलोमा निदान और MRD Detection पर फ्लो साइटोमेट्री चर्चा
इसी चुनौतीपूर्ण रोग के निदान और प्रबंधन में फ्लो साइटोमेट्री एक क्रांतिकारी तकनीक बनकर उभरी है।
फ्लो साइटोमेट्री की मदद से डॉक्टर, रक्त और अस्थि मज्जा की कोशिकाओं का गहन विश्लेषण कर सकते हैं।
इससे न केवल रोग का सही निदान संभव होता है, बल्कि उपचार के बाद रोगी में बची हुई न्यूनतम अवशिष्ट बीमारी यानी MRD (Minimal Residual Disease) का भी सटीक पता लगाया जा सकता है।इस विशेष आयोजन में प्रतिभागियों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर गहन जानकारी दी जाएगी।
सबसे पहले चर्चा होगी, मल्टीपल मायलोमा के निदान, वर्गीकरण और उपचार योजना में फ्लो साइटोमेट्री की भूमिका पर।
इसके बाद विशेषज्ञ बताएंगे कि न्यूनतम अवशिष्ट रोग यानी MRD की पहचान के उन्नत तरीकों का किस तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।
विकसित हो रहे प्रोटोकॉल्स और उनके कारण रोगियों के बेहतर परिणाम कैसे सामने आ रहे हैं, इस पर भी विस्तार से विचार होगा।
साथ ही, राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख विशेषज्ञों के साथ ज्ञान-साझाकरण सत्र (Knowledge Sharing Sessions) प्रतिभागियों के लिए विशेष अनुभव बनेंगे।
यही कारण है कि यह कार्यशाला चिकित्सा जगत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे।
डॉ. रितु गुप्ता, प्रोफेसर एवं प्रमुख, हीमेटो-ऑन्कोलॉजी विभाग, एम्स, नई दिल्ली।
डॉ. गुप्ता, मल्टीपल मायलोमा के क्षेत्र में अपने अनुभव और शोध कार्यों के लिए जानी जाती हैं। उनकी प्रस्तुतियाँ इस रोग के निदान और मॉनिटरिंग के नए दृष्टिकोण खोलेंगी।
डॉ. मन उपदेश सिंह सचदेवा, प्रोफेसर एवं प्रभारी, फ्लो साइटोमेट्री, पीजीआई चंडीगढ़।
डॉ. सचदेवा, फ्लो साइटोमेट्री में अपने गहन अनुभव और क्लिनिकल रिसर्च के कारण देश-विदेश में विशेष पहचान रखते हैं। उनके विचार प्रतिभागियों के लिए प्रेरणादायक साबित होंगे।
इस पूरे आयोजन का नेतृत्व कर रहे हैं —
प्रोफेसर डॉ. (कर्नल) ज्योति कोटवाल, अध्यक्ष, हीमेटोलॉजी विभाग, सर गंगा राम अस्पताल।
और साथ ही प्रोफेसर (डॉ.) सबीना लैंगर, आयोजन सचिव, जो इस कार्यशाला को सफल बनाने के लिए समर्पित हैं।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है,
चिकित्सा जगत के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को अप-टू-डेट नॉलेज उपलब्ध कराना।
हीमेटो-ऑन्कोलॉजी में इस्तेमाल हो रही आधुनिक तकनीकों को क्लिनिकल प्रैक्टिस में लागू करना।
और सबसे महत्वपूर्ण, रोगियों को बेहतर उपचार और जीवन की गुणवत्ता प्रदान करना।
सर गंगा राम अस्पताल का मानना है कि इस तरह के शैक्षणिक आयोजनों के माध्यम से डॉक्टरों और शोधकर्ताओं की नई पीढ़ी को प्रशिक्षित किया जा सकता है, जिससे देश में कैंसर के खिलाफ जंग और भी मज़बूत हो सके।
आज की तारीख़ में, जब कैंसर जैसी जटिल बीमारियाँ हमारे समाज के सामने चुनौती बनकर खड़ी हैं, तब इस तरह की शैक्षणिक पहलें बेहद अहम हो जाती हैं।
फ्लो साइटोमेट्री जैसी तकनीकें न केवल डॉक्टरों के लिए सहायक हैं, बल्कि यह रोगियों और उनके परिवारों को उम्मीद भी देती हैं।
इस वर्कशॉप के ज़रिए प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि कैसे सही निदान और सटीक मॉनिटरिंग, रोगी के जीवन को बचा सकती है और उसे बेहतर बना सकती है।
29 अगस्त 2025, सुबह 10 बजे…
स्थान – सर गंगा राम अस्पताल, ऑडिटोरियम, नई दिल्ली।
यह था विशेष विवरण “मल्टीपल मायलोमा में फ्लो साइटोमेट्री पर कार्यशाला” का।
हम आशा करते हैं कि इस आयोजन से चिकित्सा जगत को नई दिशा मिलेगी और मल्टीपल मायलोमा से जूझ रहे रोगियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।
यह कार्यशाला सिर्फ़ एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक आंदोलन है — बेहतर स्वास्थ्य सेवा, आधुनिक तकनीक और मरीज-केंद्रित चिकित्सा की दिशा में।
सर गंगा राम अस्पताल और साइटोमेट्री सोसाइटी ऑफ इंडिया आपको इस कार्यशाला का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करते हैं।
आइए, मिलकर एक ऐसी चिकित्सा व्यवस्था का निर्माण करें जहाँ हर रोगी को मिले — सटीक निदान, सही इलाज और जीवन की नई उम्मीद।है।