
थाना अशोक विहार पुलिस की बड़ी सफलता: 2 शातिर अपराधी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई: मंदिर चोरी में शामिल शातिर अपराधी दबोचे गए
दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर साबित किया है कि अपराध चाहे कितना भी संगठित क्यों न हो, कानून की पकड़ से अपराधी बच नहीं सकते। थाना अशोक विहार पुलिस स्टाफ ने बेहद महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक मंदिर से भगवान गणेश की पीतल की मूर्ति चोरी की थी। इस मामले को सुलझाने के साथ ही पुलिस ने न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा एक अहम केस क्लियर किया, बल्कि दिल्ली के लोगों में विश्वास भी जगाया है कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।
📌 घटना की शुरुआत
यह मामला 31 अगस्त 2025 का है। थाना अशोक विहार पुलिस को सत्संग कॉलोनी, डब्ल्यूपीआईए, दिल्ली स्थित एक मंदिर से भगवान गणेश की पीतल की मूर्ति चोरी होने की शिकायत मिली। शिकायत प्राप्त होते ही पुलिस ने तेजी दिखाई और तुरंत एफआईआर संख्या 455/2025, धारा 305 बीएनएस दर्ज की गई। चोरी का मामला धार्मिक स्थल से जुड़ा होने के कारण यह केस बेहद संवेदनशील माना गया।
📌 जांच टीम का गठन
अपराध की गंभीरता और लोगों की धार्मिक भावनाओं को देखते हुए, थाना अशोक विहार के एसएचओ इंस्पेक्टर सुमवीर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में शामिल थे:
- एचसी करनपाल
- एचसी राहुल हुड्डा
- एचसी राजन
- महिला एचसी कविता
- कॉन्स्टेबल भूपेश
इस टीम का काम था जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान करना और चोरी हुई मूर्ति को बरामद करना। पूरी कार्रवाई एसीपी अशोक विहार श्री आकाश रावत के निकट पर्यवेक्षण और उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई।
📌 जांच और सुराग
पुलिस टीम ने सबसे पहले शिकायतकर्ता से गहन पूछताछ की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की। साथ ही, पुलिस ने अपने गुप्त सूचना तंत्र (सोर्सेस) को भी सक्रिय कर दिया। कई स्थानों पर दबिश दी गई और लगातार छापेमारी अभियान चलाया गया।

BC कौशल @ पारे और साथी अमन गिरफ्तार, मंदिर मूर्ति चोरी केस सुलझा
दिल्ली क्राइम न्यूज़: मंदिर से चोरी हुई भगवान गणेश की मूर्ति मिली वापस
📌 गिरफ्तारी
पुलिस को आखिरकार सफलता मिली और दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी पहचान इस प्रकार है:
- अमन पुत्र शेखर, निवासी संगम पार्क, अशोक विहार, दिल्ली, उम्र – 24 वर्ष।
- पूर्व संलिप्तता: 01 आपराधिक मामला।
- कौशल उर्फ पारे पुत्र नेम सिंह, निवासी सावन पार्क, भरत नगर, दिल्ली, उम्र – 32 वर्ष।
- पूर्व संलिप्तता: 24 आपराधिक मामले।
- BC (Bad Character) घोषित – थाना भरत नगर।
📌 पूछताछ में बड़ा खुलासा
गिरफ्तारी के बाद जब आरोपियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने यह चोरी नशे की लत और आसान पैसे कमाने के लिए की थी। उनकी निशानदेही पर चोरी हुई भगवान गणेश की पीतल की मूर्ति बरामद की गई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं। वे पहले से ही कई आपराधिक मामलों में शामिल रह चुके हैं और दिल्ली-एनसीआर इलाके में सक्रिय रूप से अपराध करते रहे हैं।
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📌 अपराधियों का इतिहास
- अमन (24 वर्ष): इस पर पहले से ही एक आपराधिक केस दर्ज था। हालांकि इसकी गतिविधियां छोटी चोरी और अन्य आपराधिक प्रवृत्तियों से जुड़ी रही हैं।
- कौशल उर्फ पारे (32 वर्ष): यह अपराध की दुनिया का पुराना खिलाड़ी है। अब तक 24 आपराधिक मामलों में नामजद हो चुका है। थाना भरत नगर में इसे BC (Bad Character) घोषित किया गया है। इसका आपराधिक रिकॉर्ड चोरी, लूटपाट और हथियारों से जुड़े मामलों तक फैला हुआ है।
📌 बरामदगी
पुलिस ने उनकी निशानदेही पर चोरी हुई भगवान गणेश की पीतल की मूर्ति को बरामद कर लिया। यह बरामदगी न केवल इस केस को सॉल्व करने में अहम रही बल्कि लोगों की धार्मिक आस्था को भी वापस स्थापित करने में महत्वपूर्ण रही।दिल्ली पुलिस ने साफ कहा है कि अपराध चाहे कितना भी पुराना या शातिर अपराधी क्यों न हो, उसे कानून के शिकंजे में लाया ही जाएगा। थाना अशोक विहार की इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि धार्मिक स्थलों से जुड़े अपराधों को लेकर पुलिस कितनी संवेदनशील और सतर्क है।वर्तमान में दोनों आरोपियों से और पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इनके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है। पुलिस का मानना है कि इनकी संलिप्तता कई और मामलों में भी हो सकती है। जांच अभी जारी है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होंगे।
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📌 नतीजा
थाना अशोक विहार पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल एक धार्मिक स्थल की चोरी का मामला सुलझाया है बल्कि यह भी संदेश दिया है कि अपराध और अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
दो शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी और चोरी हुई भगवान गणेश की मूर्ति की बरामदगी ने पुलिस की मेहनत और तत्परता को दर्शाया है।