श्री केशव रामलीला कमेटी का भूमि पूजन: दिल्ली में नेताओं और राम भक्तों का सैलाब 2025

दिल्ली के पीतमपुरा में श्री केशव रामलीला भूमि पूजन, विजेंद्र गुप्ता व अशोक गोयल रहे उपस्थित श्री केशव रामलीला कमेटी का भूमि पूजन: नेताओं और

रामलीला कमेटी

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दिल्ली के पीतमपुरा में श्री केशव रामलीला भूमि पूजन, विजेंद्र गुप्ता व अशोक गोयल रहे उपस्थित

श्री केशव रामलीला कमेटी का भूमि पूजन: नेताओं और राम भक्तों का ऐतिहासिक संगम

नई दिल्ली, 6 सितम्बर 2025
दिल्ली की सांस्कृतिक परंपरा में रामलीला का स्थान सदैव ही विशेष रहा है। यह केवल धार्मिक नाट्य आयोजन भर नहीं, बल्कि भारतीय समाज की आत्मा, उसके आदर्शों और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। राजधानी के पीतमपुरा स्थित नेताजी सुभाष पैलेस मैदान में इस वर्ष श्री केशव रामलीला कमेटी ने आगामी भव्य रामलीला महोत्सव की शुरुआत भूमि पूजन कार्यक्रम से की। श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से सराबोर इस अवसर ने यह स्पष्ट कर दिया कि श्रीराम के आदर्श आज भी समाज को जोड़ने और दिशा देने की ताकत रखते हैं।

भूमि पूजन का यह आयोजन न केवल धार्मिक अनुष्ठान रहा, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक स्तर पर भी इसकी गूंज सुनाई दी। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु, क्षेत्रीय निवासी, सामाजिक कार्यकर्ता, धार्मिक संगठन, महिलाएँ, युवा और बुजुर्ग सम्मिलित हुए। मंच पर नेताओं, गणमान्य अतिथियों और समाजसेवियों की उपस्थिति ने इसे और भी गौरवपूर्ण बना दिया।

भूमि पूजन की आध्यात्मिक गरिमा

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना के साथ हुई। भूमि पूजन की पवित्र विधि ने पूरे वातावरण को दिव्यता से भर दिया। जब पुजारियों ने वेद मंत्रों के उच्चारण के बीच हवन और पूजन कराया, तो उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा। दीप प्रज्वलन, पुष्प अर्पण और गगनभेदी “जय श्रीराम” के नारों ने माहौल को अद्भुत बना दिया।

लोगों का कहना था कि भूमि पूजन मात्र एक धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि यह विश्वास और परंपरा का प्रतीक है। इससे यह संदेश जाता है कि किसी भी आयोजन की सफलता का मूल उसकी आध्यात्मिक नींव में निहित है।

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मुख्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में पधारे। उनके साथ अनेक गणमान्य अतिथि और राजनीतिक हस्तियाँ मौजूद रहीं, जिनमें भाजपा विधायक राजकुमार भाटिया, पूनम भारद्वाज, प्रदेश कोषाध्यक्ष सतीश गर्ग, जिला अध्यक्ष अरविंद गर्ग, निगम पार्षद एवं ज़ोन चेयरमैन विकेश सेठी, वरिष्ठ भाजपा नेता कुलदीप सिंह, पूर्व विधायक कुंवर कर्ण सिंह, और प्रसिद्ध उद्योगपति व पैकर्स एंड मूवर्स के संस्थापक रमेश अग्रवाल शामिल रहे।

इन नेताओं और अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सामाजिक और राजनीतिक महत्व भी प्रदान किया। यह स्पष्ट हो गया कि रामलीला केवल भक्ति और मनोरंजन का मंच नहीं, बल्कि एक ऐसा अवसर है जो समाज और राजनीति दोनों को जोड़ता है।

विजेंद्र गुप्ता का प्रेरक संबोधन

विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने भूमि पूजन अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा:

“श्री केशव रामलीला कमेटी के इस भूमि पूजन में शामिल होना मेरे लिए हर बार की तरह अत्यंत सुखद अनुभव है। यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान का उत्सव है। समिति के अध्यक्ष श्री अशोक गोयल अब विधायक भी हैं, और उनकी कार्यशैली देखकर यह विश्वास होता है कि आयोजन और भी भव्य होगा। उनमें सीखने की अद्भुत जिज्ञासा है और यही उन्हें आगे बढ़ाती है।”

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उन्होंने आगे कहा कि रामलीला समाज को जोड़ने और अगली पीढ़ी को मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों से परिचित कराने का सर्वोत्तम माध्यम है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सहयोग पर आभार

समिति अध्यक्ष एवं विधायक अशोक गोयल देवराहा ने अपने वक्तव्य में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने धार्मिक आयोजनों से जुड़ी कई मांगों को स्वीकार कर ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।

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उन्होंने घोषणा की—

  • रामलीला और दुर्गा पूजा समितियों को 1200 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध होगी।
  • जिला स्तर पर डीएम कार्यालय में सिंगल विंडो सिस्टम लागू होगा, जिससे सभी प्रकार की अनुमति और एनओसी सहजता से मिल सकेंगी।
  • आयोजकों को प्रशासनिक और वित्तीय सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

अशोक गोयल ने कहा कि 27 वर्षों बाद दिल्ली में सनातनियों की सरकार बनी है, और अब धार्मिक समितियों को वास्तविक सहयोग मिल रहा है। यह केवल सुविधा नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

पूनम भारद्वाज का भावपूर्ण वक्तव्य

भाजपा विधायक पूनम भारद्वाज ने कहा:

“श्री केशव रामलीला कमेटी वास्तव में एक अनूठी परंपरा का निर्वाह कर रही है। यहाँ एक ही दिन में पूरी रामलीला का मंचन होता है, जो पूरे देश में अद्वितीय है। इस आयोजन में अनुशासन, श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत संगम दिखाई देता है।”

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उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में भाईचारे और धार्मिक सौहार्द को मजबूत करते हैं।

रामलीला कलाकारों की अद्भुत प्रस्तुति

भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान रामलीला कलाकारों ने भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों पर आधारित संक्षिप्त नाट्य प्रस्तुति दी। श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान और रावण के पात्रों को जीवंत करने वाले कलाकारों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

बच्चों और युवाओं ने इस प्रस्तुति का भरपूर आनंद लिया। कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो और तस्वीरें बनाई। इन झलकियों ने लोगों के मन में आगामी रामलीला महोत्सव के प्रति उत्सुकता को और भी बढ़ा दिया।

सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व

श्री केशव रामलीला कमेटी का आयोजन दिल्ली के सांस्कृतिक कैलेंडर का अहम हिस्सा बन चुका है। इस रामलीला में धार्मिक भावना के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का भी अद्भुत मेल दिखाई देता है। मंच सज्जा, ध्वनि-प्रकाश और वेशभूषा की भव्यता इसे खास बनाती है।

यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक संदेश देने का माध्यम भी है। श्रीराम के जीवन प्रसंगों के माध्यम से सत्य, त्याग, मर्यादा, भाईचारे और धर्मनिष्ठा जैसे मूल्य समाज में स्थापित किए जाते हैं।

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जनता का उत्साह और सहभागिता

इस भूमि पूजन अवसर पर जनता की भारी भीड़ उमड़ी। महिलाएँ, बुजुर्ग, बच्चे और युवा – सभी ने मिलकर जयकारों से माहौल को गुंजायमान कर दिया। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि यह कार्यक्रम उनके क्षेत्र के लिए शुभ संकेत है और अब वे बेसब्री से रामलीला महोत्सव का इंतजार कर रहे हैं।

लोगों का कहना था कि यह आयोजन उनके लिए केवल धार्मिक पर्व नहीं बल्कि सामूहिक आस्था और एकजुटता का प्रतीक है।

समिति की तैयारियाँ और भविष्य की योजना

भूमि पूजन के साथ ही आगामी रामलीला की तैयारियाँ भी शुरू हो गई हैं। समिति ने मंच सज्जा, ध्वनि-प्रकाश व्यवस्था, वेशभूषा और सुरक्षा इंतजाम पर विशेष ध्यान देने का आश्वासन दिया है।

समिति अध्यक्ष अशोक गोयल ने कहा:

“हमारी कोशिश है कि इस वर्ष की रामलीला और भी यादगार बने। परंपरा और आधुनिक तकनीक का संतुलन बनाते हुए हम हर प्रसंग को भव्य रूप में प्रस्तुत करेंगे।”

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ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य

दिल्ली की रामलीलाएँ सदियों से राजधानी की सांस्कृतिक पहचान रही हैं। मुगल काल से लेकर आज तक इन आयोजनों ने समाज को जोड़ने का कार्य किया है। आधुनिक दौर में भी जब तकनीक ने जीवन की दिशा बदल दी है, तब भी रामलीला जैसे आयोजन यह दिखाते हैं कि परंपरा की जड़ें कितनी गहरी हैं।

श्री केशव रामलीला कमेटी ने वर्षों से जिस अनुशासन और श्रद्धा के साथ इस परंपरा को निभाया है, वह इसे विशेष बनाता है।

श्री केशव रामलीला कमेटी का भूमि पूजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामूहिक आस्था, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकजुटता का अद्भुत संगम था। नेताओं और जनता की भारी भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि श्रीराम की शिक्षाएँ आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं।

आगामी दिनों में जब रामलीला का भव्य मंचन होगा, तो निश्चित ही यह केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बनेगा। भूमि पूजन से प्राप्त ऊर्जा और जनता का उत्साह इस आयोजन को अविस्मरणीय बनाने वाला है।

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