दिल्ली में तेज रफ्तार सियाज कार हैदरपुर अंडरपास से रेलवे ट्रैक पर गिरी, बड़ा हादसा टला 2025

दिल्ली तेज रफ्तार हादसा: रेलवे ट्रैक पर गिरी कार, RPF और पुलिस मौके पर दिल्ली में तेज़ रफ्तार का कहर: बादली हैदरपुर अंडरपास से गिरकर

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दिल्ली तेज रफ्तार हादसा: रेलवे ट्रैक पर गिरी कार, RPF और पुलिस मौके पर

दिल्ली में तेज़ रफ्तार का कहर: बादली हैदरपुर अंडरपास से गिरकर रेलवे ट्रैक पर पहुंची कार, बड़ा हादसा टला

देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर तेज़ रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के कारण बड़ी दुर्घटना की गवाह बनी। शुक्रवार की रात बादली हैदरपुर ओवर ब्रिज अंडरपास के पास एक सियाज कार, जो अनुमानित 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ रही थी, अचानक अनियंत्रित होकर लगभग 20 फुट नीचे रेलवे ट्रैक पर जा गिरी। गनीमत रही कि मौके की नज़ाकत को देखते हुए स्थानीय गार्ड्स ने तत्परता दिखाई और लाल रंग की टी-शर्ट लहराकर समय पर ट्रेन को रुकवा लिया, वरना यह हादसा किसी बड़े जन-हानि में बदल सकता था।

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हादसे की पूरी कहानी

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर दिखा रफ्तार का कहर .मुकरबा चौक फ्लाईओवर के पास से तेज रफ्तार कार बेकाबू हुई .तेज रफ्तार बेकाबू कार फ्लाईओवर से नीचे रेलवे ट्रैक पर जाकर गिरी .करीब 1 घंटे तक बाधित रही रेल सेवाएं .दिल्ली पुलिस रेलवे पुलिस और स्थानीय लोगों की सहायता से कार को रेलवे ट्रैक से हटाया गया.

राजधानी दिल्ली के मुकरबा चौक के पास एक तेज रफ्तार कार बेकाबू हुई और अचानक फ्लाईओवर से नीचे रेलवे ट्रैक पर जा गिरी .घटना आज रविवार सुबह करीब 8 बजे की है.जब एक तेज रफ्तार सियाज कार पीरा गढ़ी की तरफ से आते हुए मुकरवा चौक फ्लाईओवर पर पहुंचने वाली थी उसके पास ही रेलवे ओवरब्रिज के ऊपर यह कार असंतुलित हुई और पलटती हुई नीचे रेलवे ट्रैक पर आ गिरी.चश्मदित गार्ड ने बताया कि कार काफी ज्यादा तेज स्पीड में थी और लुढ़कते हुए रेलवे ट्रैक के ऊपर गिरी जिससे करीब 1 घंटे तक रेलवे ट्रेन की आवाजाही भी बंद हो गई. वहां काम कर रहे मजदूरों ने लाल रंग की टी-शर्ट दिखाकर ट्रेन को रुकवाया. कुछ लोग ट्रेन से उतरे और कुछ मौके पर मौजूद मजदूरों ने कार को ट्रैक से हटाया.उसके बाद ट्रेनों की आवाजाही सामान्य कर दी गई है.कार सवार दिल्ली के पश्चिम विहार का रहने वाला है और ग्रेटर नोएडा जा रहा था.

फिलहाल घायल की हालत स्थिर है गाड़ी ओवर स्पीड थी या कोई और वजह है गिरने की, यह जांच का विषय है.फिलहाल दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच कर रही है क्योंकि कर ऊपर सड़क से ट्रैक पर गिरी है इसलिए मामला रेलवे पुलिस को ना जाकर दिल्ली पुलिस ही इस मामले की जांच कर रही है .

चश्मदीदों ने क्या कहा?

पास ही मेट्रो प्रोजेक्ट में तैनात सिक्योरिटी गार्ड रमेश कुमार ने बताया:
“हम लोग काम कर रहे थे तभी जोरदार आवाज़ आई। देखा तो कार नीचे पटरी पर गिर चुकी थी। उसी समय ट्रेन आती दिखी। हम लोग बिना देर किए दौड़े और लाल रंग का कपड़ा लहराया। शुक्र है ड्राइवर ने गाड़ी रोक दी। अगर 30 सेकंड भी देर हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।”

वहीं, एक स्थानीय मजदूर ने कहा, “कार जब गिरी तो हमें लगा अंदर बैठे लोग मर गए होंगे। लेकिन गाड़ी से एक ही व्यक्ति निकला और वह हल्का-फुल्का घायल था। सच कहें तो यह चमत्कार ही था कि उसकी जान बच गई।”

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ड्राइवर की हालत

कार का ड्राइवर पश्चिम विहार का रहने वाला है और वह उस समय ग्रेटर नोएडा किसी काम से जा रहा था। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन ड्राइवर सीट बेल्ट पहने होने और एयरबैग खुलने के कारण वह सुरक्षित बाहर निकल सका। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है।

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पुलिस और RPF की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF), दिल्ली पुलिस और स्थानीय थाने की टीम मौके पर पहुंच गई। कार को पटरी से हटाने का काम तत्काल शुरू किया गया ताकि ट्रेनों का संचालन बहाल किया जा सके। चूंकि मामला सिविल नेचर का था, इसलिए जांच की जिम्मेदारी बादली थाना पुलिस को सौंप दी गई है। पुलिस ने फिलहाल ड्राइवर से पूछताछ की है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

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हादसे ने उठाए कई सवाल

यह घटना सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि कई गंभीर सवाल भी खड़े करती है—

  1. तेज़ रफ्तार का खतरा: दिल्ली जैसे महानगर में 120 किमी/घंटा की स्पीड से गाड़ी चलाना न सिर्फ खुद के लिए बल्कि दूसरों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है।
  2. सड़क डिज़ाइन की खामियां: हैदरपुर अंडरपास के पास कई बार पहले भी वाहन दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। क्या वहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था है?
  3. रेलवे ट्रैक की सुरक्षा: यह गंभीर सवाल है कि कोई वाहन इतनी आसानी से 20 फुट नीचे रेलवे ट्रैक तक कैसे गिर गया। क्या वहां बैरिकेडिंग या मजबूत रेलिंग नहीं थी?
  4. आपातकालीन प्रतिक्रिया: गार्ड्स और मजदूरों की तत्परता ने इस बार बड़ी दुर्घटना टाल दी। लेकिन क्या हर बार ऐसी तत्परता संभव है? क्या रेलवे को यहां स्थायी सुरक्षा उपाय नहीं करने चाहिए?

विशेषज्ञों की राय

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते ट्रैफिक और तेज़ रफ्तार का सीधा असर दुर्घटनाओं में देखने को मिल रहा है। एक्सपर्ट मानते हैं कि—

  • सड़क पर “स्पीड कंट्रोल ज़ोन” तय होना चाहिए।
  • अंडरपास और फ्लाईओवर के किनारों पर मजबूत बैरिकेडिंग ज़रूरी है।
  • हाईवे और मेन रोड पर स्मार्ट कैमरा सिस्टम लगाया जाना चाहिए ताकि तेज़ रफ्तार वाहनों पर तुरंत कार्रवाई हो सके।

सोशल मीडिया पर चर्चा

घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। लोग हैरानी जता रहे हैं कि कैसे इतनी तेज़ रफ्तार से चलने वाला ड्राइवर मौत के मुंह से लौट आया। कुछ लोगों ने गार्ड्स की बहादुरी की भी तारीफ की और उन्हें “रियल हीरो” बताया।

एक यूज़र ने लिखा, “आज इंसानियत जीती। वरना अगर ट्रेन टकरा जाती तो सैकड़ों यात्रियों की जान जा सकती थी।”
दूसरे ने लिखा, “ये हादसा दिखाता है कि सड़क पर नियम तोड़ना कितना खतरनाक है।”

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पुलिस की अपील

दिल्ली पुलिस ने इस घटना के बाद आम जनता से अपील की है कि—

  • तेज़ रफ्तार से वाहन न चलाएं।
  • शराब या नशे की हालत में गाड़ी न चलाएं।
  • सड़क पर हमेशा सतर्कता और नियमों का पालन करें।

गार्ड्स की बहादुरी का सम्मान

स्थानीय लोगों की मांग है कि रेलवे और दिल्ली सरकार उन गार्ड्स और मजदूरों को सम्मानित करे, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रेन रोकने का काम किया और सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई।

दिल्ली की सड़कों पर रोज़ाना तेज़ रफ्तार के कारण सैकड़ों हादसे होते हैं, लेकिन हैदरपुर अंडरपास का यह मामला एक चमत्कार से कम नहीं। एक तरफ यह हादसा ड्राइवर की लापरवाही दिखाता है, वहीं दूसरी ओर गार्ड्स और मजदूरों की सजगता इंसानियत का सबसे सुंदर चेहरा पेश करती है।

अगर ट्रेन उस वक्त नहीं रुकती, तो यह खबर शायद “दिल्ली में ट्रेन हादसा, सैकड़ों घायल” जैसी दर्दनाक हेडलाइन बनकर सामने आती। अब ज़रूरत है कि सरकार और प्रशासन इस घटना से सबक ले और सड़क सुरक्षा से लेकर रेलवे सुरक्षा तक हर स्तर पर ठोस कदम उठाए।

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