
दिल्ली पुलिस कनॉट प्लेस चोरी केस का वांछित अपराधी पहाड़गंज से दबोचा गया
उद्घोषित अपराधी सुनील की गिरफ्तारी: नबी करीम पुलिस की बड़ी कामयाबी
दिल्ली पुलिस लगातार अपराध नियंत्रण और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए सक्रिय रूप से अभियान चला रही है। राजधानी की सड़कों पर गश्त के दौरान पुलिस न केवल आम जनता को सुरक्षा का भरोसा देती है, बल्कि अपराधियों को यह सख्त संदेश भी देती है कि कानून से बचना आसान नहीं है।
हाल ही में थाना नबी करीम क्षेत्र में गश्त कर रही पुलिस टीम ने एक उद्घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) को पकड़कर यह साबित कर दिया कि अपराध चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो और अपराधी चाहे कितना भी चालाक क्यों न बने, अंततः न्याय की डोर से बचना असंभव है।
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यह मामला एफआईआर संख्या 70/2019, थाना कनॉट प्लेस से जुड़ा है, जिसमें चोरी और छीना-झपटी जैसे गंभीर आरोप शामिल थे। इस मामले का अभियुक्त सुनील पुत्र दलीप न्यायालय से बार-बार गैरहाजिर रहने के कारण उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया गया था। 23 सितंबर, 2025 को उसकी गिरफ्तारी ने पुलिस की सतर्कता और दक्षता दोनों को सामने रखा।
गश्त का दिन और विशेष मुखबिर की सूचना
23 सितंबर, 2025 की दोपहर थी। थाना नबी करीम के क्षेत्र में नियमित गश्त पर निकले पुलिसकर्मी—
- हैड कांस्टेबल एम.पी. सिंह (क्रमांक 1298/सी),
- हैड कांस्टेबल नितिन (क्रमांक 1303/सी), और
- कांस्टेबल संजय (क्रमांक 974/सी)
अपने क्षेत्र कुतुब रोड, पुल पहाड़गंज और आसपास की गलियों में निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक विशेष मुखबिर से सूचना मिली।
सूचना थी कि एक वांछित अपराधी, जो लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर है और न्यायालय द्वारा उद्घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका है, फिलहाल कुतुब रोड, पुल पहाड़गंज के आसपास मौजूद है। यदि तुरंत कार्रवाई की जाए तो उसे पकड़ा जा सकता है।
इस प्रकार की सूचना पुलिस के लिए अत्यंत संवेदनशील होती है, क्योंकि उद्घोषित अपराधी आमतौर पर गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपना ठिकाना बदलते रहते हैं। पुलिस दल ने सूचना को गंभीरता से लिया और तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
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अभियुक्त की पहचान
सूचना में बताए गए विवरण के आधार पर उस व्यक्ति की पहचान सुनील पुत्र दलीप के रूप में हुई। सुनील की उम्र 28 वर्ष है और वह रोहिणी सेक्टर-4, डीडीए फ्लैट, ब्लॉक सी-2, मकान संख्या 19 का निवासी है।
पुलिस रिकार्ड खंगालने पर पुष्टि हुई कि सुनील पर पहले से ही एफआईआर संख्या 70/2019 दर्ज थी। यह मामला धारा 379 (चोरी), 356 (लूटपाट/झपटमारी), और 411 (चोरी की संपत्ति को रखना/बेचना) के तहत थाना कनॉट प्लेस, दिल्ली में दर्ज है।
इस मामले में न्यायालय ने कई बार उसे बुलाया था, लेकिन बार-बार अनुपस्थित रहने के कारण माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी-01, पटियाला हाउस कोर्ट, नई दिल्ली ने दिनांक 19 मई, 2025 को उसे Proclaimed Offender (PO) घोषित कर दिया था।

Proclaimed Offender सुनील की गिरफ्तारी: नबी करीम पुलिस का बड़ा ऑपरेशन
गिरफ्तारी की कार्रवाई
मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान—कुतुब रोड, पुल पहाड़गंज—पर पुलिस टीम ने चुपचाप निगरानी रखी। कुछ ही देर में मुखबिर ने जिस युवक की ओर इशारा किया, उसे टीम ने घेर लिया।
पुलिसकर्मियों ने सुनील को हिरासत में लेकर उसकी पहचान सत्यापित की। पूछताछ और प्रारंभिक जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया कि वही व्यक्ति उद्घोषित अपराधी सुनील है, जिसकी पुलिस को लंबे समय से तलाश थी।
अभियुक्त को मौके से गिरफ्तार कर थाना नबी करीम लाया गया। गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी तरह BNSS की धारा 35(1)(d) के तहत की गई।
व्यक्तिगत तलाशी और दस्तावेज़ीकरण
थाने पहुंचकर अभियुक्त की व्यक्तिगत तलाशी ली गई। इस दौरान उसके पास से कोई भी आपत्तिजनक या अवैध वस्तु बरामद नहीं हुई।
गिरफ्तारी से संबंधित आवश्यक दस्तावेज़ तैयार किए गए और गिरफ्तारी की सूचना संबंधित जांच अधिकारी को दी गई।
इसके अतिरिक्त, अभियुक्त से गहन पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उसकी प्रकटीकरण विवरणी (disclosure statement) अलग से लिखी गई, ताकि जांच की आगे की दिशा तय की जा सके।
कानूनी प्रक्रिया और न्यायालय में प्रस्तुतिकरण
अभियुक्त की गिरफ्तारी के बाद, पूरा मामला अब कलंदरा (अदालत में रिपोर्ट प्रस्तुत करने की प्रक्रिया) के माध्यम से न्यायालय के समक्ष रखा जा रहा है।
इससे यह सुनिश्चित होगा कि अभियुक्त को न्यायालय में विधिवत प्रस्तुत किया जाए और उसके खिलाफ आगे की कार्यवाही पूरी तरह कानून के दायरे में संपन्न हो।

पुलिस गश्त बनी कामयाब, पहाड़गंज कुतुब रोड से अपराधी गिरफ्तार
पुलिस की सफलता का महत्व
इस गिरफ्तारी का महत्व कई कारणों से है—
- जनसुरक्षा का आश्वासन – उद्घोषित अपराधी अक्सर चोरी, झपटमारी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहते हैं। उनकी गिरफ्तारी से आम नागरिकों को सुरक्षा की भावना मिलती है।
- कानून का सख्त संदेश – यह संदेश जाता है कि चाहे अपराध पुराना हो, लेकिन अपराधी अंततः कानून के शिकंजे में आएगा।
- पुलिस की कार्यकुशलता का उदाहरण – इस सफलता ने दिखाया कि पुलिस गश्त और मुखबिर तंत्र (informant network) कितना प्रभावी है।
- न्यायालय की प्रतिष्ठा – जब न्यायालय द्वारा उद्घोषित अपराधी को गिरफ्तार कर पेश किया जाता है, तो यह न्यायपालिका की विश्वसनीयता को मजबूत करता है।
समाज पर प्रभाव
दिल्ली जैसे महानगर में अपराधियों की गिरफ्तारी केवल कानूनी कार्रवाई भर नहीं होती, बल्कि इसका समाज पर गहरा मनोवैज्ञानिक असर पड़ता है। लोग महसूस करते हैं कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए सक्रिय है और अपराधियों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
विशेषकर पहाड़गंज और नबी करीम जैसे संवेदनशील इलाकों में पुलिस की यह सफलता अपराधियों के हौसले पस्त करती है और आम जनता को राहत देती है।

Delhi Crime News: 2019 की एफआईआर का वांछित आरोपी गिरफ्तार
थाना नबी करीम पुलिस टीम द्वारा उद्घोषित अपराधी सुनील पुत्र दलीप की गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह न केवल पुलिस की सतर्कता और दक्षता का परिणाम है, बल्कि न्यायालय के आदेशों के पालन की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम भी है।
पुलिस की यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि कानून से भागना असंभव है और अपराधी कितना भी चतुर क्यों न हो, अंततः उसे न्याय के कटघरे में आना ही पड़ता है।
इस गिरफ्तारी से पुलिस बल का मनोबल बढ़ा है और जनता में भी विश्वास जगा है कि दिल्ली पुलिस अपराध नियंत्रण और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए निरंतर समर्पित है।