JNU Durga Puja 2025: मूर्ति विसर्जन के दौरान आईसा

JNU Campus Clash: दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन में आईसा और एसएफआई के छात्रों ने किया विरोध जेएनयू में दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन के दौरान बवाल,

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JNU Campus Clash: दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन में आईसा और एसएफआई के छात्रों ने किया विरोध

जेएनयू में दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन के दौरान बवाल, छात्र संगठनों में तनाव

नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में दुर्गा पूजा का पर्व इस बार भी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। नवरात्रि के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में हिंदू छात्रों द्वारा आयोजित पूजा समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। हजारों छात्र–छात्राओं ने नवमी के अवसर पर प्रसाद ग्रहण किया और मंदिर परिसर तथा कैंपस में भक्ति और उमंग का माहौल देखा गया।

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लेकिन दुर्गा पूजा के समापन और मूर्ति विसर्जन के समय अचानक तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। यह घटना जेएनयू के साबरमती टी प्वाइंट के पास शाम लगभग 7 बजे हुई। छात्र और छात्राएं, जो विसर्जन समारोह में शामिल होने के लिए मूर्तियों को ले जा रहे थे, अचानक कुछ वामपंथी छात्र संगठनों जैसे आईसा (इंटेलेक्चुअल स्टूडेंट्स एसोसिएशन), एसएफआई (स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया), और डीएसएफ (डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन) के सदस्यों द्वारा घेर लिए गए।

सूत्रों के अनुसार, वामपंथी छात्रों ने पहले महिषासुर का नारा लगाते हुए विरोध शुरू किया और फिर हंगामा करते हुए मूर्ति विसर्जन में शामिल छात्रों के साथ मारपीट की। इससे वहां भगदड़ मच गई और छात्रों में भय का माहौल बन गया। मूर्ति विसर्जन की तैयारी कर रहे छात्रों ने बताया कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपने धार्मिक कर्तव्य का पालन कर रहे थे, लेकिन अचानक उनके ऊपर हमला किया गया। कई छात्रों को हल्के और गंभीर चोटें आईं। कुछ छात्र मूर्ति विसर्जन के दौरान भागने के लिए मजबूर हुए।

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जेएनयू के प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।

पुलिस और सुरक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को शांत कराया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी इस घटना की निंदा की और कहा कि कैंपस में किसी भी प्रकार के हिंसक प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वह हर छात्र के धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना इस तथ्य के बावजूद हुई कि पूरे नवरात्रि में विश्वविद्यालय में दुर्गा पूजा और अन्य कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित हुए थे। पिछले दिनों हजारों छात्रों ने नवमी के अवसर पर प्रसाद ग्रहण किया और कार्यक्रमों में भाग लेकर त्योहार का आनंद लिया। आयोजकों का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में सभी ने मिलकर त्योहार को भव्य और शांतिपूर्ण तरीके से मनाने का प्रयास किया।

जेएनयू दुर्गा पूजा विवाद 2025: मूर्ति विसर्जन के दौरान छात्र हिंसा और तनावपूर्ण माहौल

वामपंथी छात्रों द्वारा विरोध और हिंसा की यह पहली घटना नहीं है।

कुछ महीनों पहले भी जेएनयू में महिषासुर का नारा लगाते हुए वामपंथी छात्र संगठनों ने हिंदू त्योहारों का अपमान किया था। इसे लेकर छात्रों और प्रशासन में पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान कैंपस में सुरक्षा और निगरानी की अधिक आवश्यकता है।

इस घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल बना हुआ है। छात्रों ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाए ताकि वह अपने धार्मिक और सांस्कृतिक कर्तव्यों को निर्विघ्न रूप से निभा सकें। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी तरह के हिंसक प्रदर्शन को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए और इसके लिए सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि विश्वविद्यालयों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती होती है। विशेषकर जेएनयू जैसे बड़े और खुले कैंपस में, जहां हजारों छात्र रहते हैं और विभिन्न विचारधाराओं के समूह सक्रिय हैं। ऐसे में प्रशासन को आयोजनों की पूर्व योजना बनाते समय सुरक्षा के सभी उपाय सुनिश्चित करने चाहिए।

आयोजकों ने बताया कि मूर्ति विसर्जन का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर के बाहर सुरक्षित स्थान पर किया जा रहा था। छात्रों ने इसे पारंपरिक और धार्मिक विधियों के अनुसार किया। उन्होंने कहा कि वे केवल अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन कर रहे थे और किसी को आहत करने का इरादा नहीं था। इस बीच, वामपंथी छात्रों द्वारा उनके ऊपर किया गया हमला न केवल छात्रों की व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए खतरा है बल्कि विश्वविद्यालय के शांतिपूर्ण वातावरण के लिए भी एक चुनौती पेश करता है।

Durga Puja Violence in JNU: वामपंथी संगठनों का छात्रों पर हमला, प्रशासन ने जताया कड़ा रुख

जेएनयू प्रशासन ने इस घटना की रिपोर्ट दर्ज करवाई और वामपंथी छात्रों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।

विश्वविद्यालय ने छात्रों से अपील की है कि वे संयम और धैर्य बनाए रखें और किसी भी तरह की प्रतिक्रिया में हिंसा न करें। प्रशासन ने यह भी कहा कि जो भी छात्र या छात्रा इस हमले में घायल हुए हैं, उन्हें सभी चिकित्सा सहायता प्रदान की जाएगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जेएनयू जैसे विश्वविद्यालय में विभिन्न विचारधाराओं के छात्र सक्रिय रहते हैं। कभी-कभी राजनीतिक और वैचारिक मतभेद सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों में हिंसा का कारण बन जाते हैं। इसलिए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह आवश्यक है कि वे ऐसी घटनाओं की पूर्व योजना बनाकर सुरक्षा के उपाय करें।

इस घटना ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि जेएनयू में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ छात्रों की सुरक्षा भी प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। छात्रों और अभिभावकों ने मांग की है कि विश्वविद्यालय परिसर में धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

जेएनयू धार्मिक विवाद: दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन के दौरान छात्रों पर हमला, इलाके में तनाव

निष्कर्ष
जेएनयू में दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन के दौरान हुई यह हिंसक घटना विश्वविद्यालय परिसर में सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए एक चेतावनी बन गई है। यह दर्शाता है कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान छात्रों की सुरक्षा के लिए ठोस उपाय आवश्यक हैं। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएँ न हों और सभी छात्र अपने धार्मिक और सांस्कृतिक कर्तव्यों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से निभा सकें।

इस घटना ने न केवल छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ाई है बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए भी यह चुनौती पेश की है कि वह छात्रों के अधिकारों की रक्षा करते हुए सभी गतिविधियों को सुरक्षित बनाए। जेएनयू जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में छात्रों की सुरक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक अधिकारों का संतुलन बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता बननी चाहिए।

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