साइबर पुलिस टीम का उत्कृष्ट कार्य: हिस्ट्री शीटर गिरफ्तार

दिल्ली साइबर पुलिस ने 50 से अधिक केस वाले अपराधी को पकड़ा, कोर्ट VC में दिखा असभ्य व्यवहार दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराध में सक्रिय

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दिल्ली साइबर पुलिस ने 50 से अधिक केस वाले अपराधी को पकड़ा, कोर्ट VC में दिखा असभ्य व्यवहार

दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराध में सक्रिय हिस्ट्री शीटर को किया गिरफ्तार, कोर्ट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में की थी आपत्तिजनक हरकत

नई दिल्ली, 04 अक्टूबर 2025:
दिल्ली पुलिस के साइबर पुलिस स्टेशन नॉर्थ की टीम ने एक अत्यंत गंभीर और असामान्य मामले में शानदार कार्य करते हुए एक सक्रिय हिस्ट्री शीटर (BC) को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने न्यायालय की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) प्रक्रिया में शामिल होकर असभ्य और अनुचित व्यवहार किया, जिससे कोर्ट की गरिमा पर प्रश्नचिन्ह लग गया। आरोपी के पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और राउटर बरामद किए गए हैं।

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मामले की पृष्ठभूमि

मामला 22 सितंबर 2025 को PS Cyber North में FIR No. 87/25 के तहत दर्ज हुआ। यह शिकायत न्यायालय के अहलमद की ओर से की गई थी, जो श्री अंशुल सिंघल, न्यायाधीश (JMFC-04), पश्चिमी तिहाड़ी कोर्ट्स, दिल्ली के कार्यालय से संबंधित थी। शिकायत में बताया गया कि 16 और 17 सितंबर 2025 को एक अज्ञात व्यक्ति न्यायालय के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सत्र में शामिल हुआ। उसने खुद को “अकिब अख़लाक” नाम से प्रस्तुत किया।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान आरोपी ने न्यायालयीय कार्यवाही में गंभीर अनुशासनहीनता दिखाई। वह केवल अंतर्वस्त्र (Undergarments) में दिखाई दिया, सिगरेट पी रहा था और शराब का सेवन कर रहा था। इसके बावजूद कि कोर्ट ने उसे बार-बार चेतावनी दी, वह वीडियो सत्र से बाहर नहीं गया और कार्यवाही में शामिल रहा। इस प्रकार की हरकत ने न केवल न्यायालय की गरिमा को ठेस पहुँचाई, बल्कि कोर्ट के कार्य में बाधा भी उत्पन्न की।

PS Cyber North ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में बाधा डालने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया, तकनीकी जांच में सफलता

पुलिस टीम और जांच प्रक्रिया

इस गंभीर मामले को देखते हुए, PS Cyber North ने एक विशेष टीम का गठन किया। टीम का नेतृत्व SI संजीत कुमार ने किया, जबकि HC मोहित और HC विनीत टीम में शामिल थे। SHO/PS Cyber North इंस्पेक्टर रोहित गहलोत और ACP/Operations Cell/North District, Ms. विदुषी कौशिक के मार्गदर्शन में यह टीम आरोपी को पकड़ने के लिए समर्पित रूप से काम कर रही थी।

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जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित किया गया। आरोपी ने कई झूठे ईमेल आईडी का इस्तेमाल किया और लगातार अपने पते बदलते रहे। इसके साथ ही, इलाके में जनसंख्या घनत्व अधिक होने के कारण आरोपी का सटीक स्थान पता करना कठिन हो गया। इसके बाद पुलिस ने मैनुअल खोज और स्थानीय खुफिया जानकारी पर ध्यान केंद्रित किया।

स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर पता चला कि आरोपी बाबू नगर, ओल्ड मुस्तफाबाद क्षेत्र में निवास कर रहा है। इसके बाद पुलिस को जानकारी मिली कि असली निवास चमन पार्क, गोकुलपुरी, दिल्ली में है। लगातार प्रयासों और सतत निगरानी के बाद आरोपी मोहम्मद इमरान (32 वर्ष) को उसके निवास स्थान से गिरफ्तार किया गया।

अभियुक्त की पूछताछ और खुलासे

पकड़े जाने के बाद आरोपी मोहम्मद इमरान से विस्तृत पूछताछ की गई। उसने पुलिस को बताया कि वह PS Dayalpur का सक्रिय हिस्ट्री शीटर (BC) है। उसने पहले अपने खिलाफ चल रहे मुकदमों की ट्रायल प्रक्रियाओं में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया करता था।

इमरान ने स्वीकार किया कि 16 और 17 सितंबर 2025 को उसने न्यायालय के वीडियो सत्र में अपने अंतर्वस्त्र में शामिल होकर सिगरेट पी और शराब का सेवन किया। उसने यह भी खुलासा किया कि किसी व्यक्ति ने उसे WebEx Video Conferencing एप्लिकेशन से परिचित कराया और कोर्ट VC का Meeting ID साझा किया। इस प्रक्रिया के माध्यम से उसने नियमित रूप से कोर्ट सत्र में भाग लेना शुरू कर दिया।

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अभियुक्त की आपराधिक पृष्ठभूमि

मोहम्मद इमरान, चमन पार्क, गोकुलपुरी, दिल्ली का निवासी है और 32 वर्ष का है। इमरान स्कूल छोड़ चुका है और पहले एयर कंडीशनर मैकेनिक के रूप में कार्य कर चुका था। इसके बावजूद, नशीले पदार्थों और शराब की लत के कारण उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इमरान पहले 50 से अधिक मामलों में शामिल रहा है, जिनमें डकैती, झपटमारी, हथियार संबंधित अपराध आदि शामिल हैं। वह PS Dayalpur का सक्रिय हिस्ट्री शीटर (BC) है और जेल से सितंबर 2021 में रिहा हुआ था। रिहा होने के बाद वह फिर से अपराध की दुनिया में लौट आया और तेज़ कमाई व नशे के लिए अपराध करने लगा।

बरामदगी

इस मामले में पुलिस ने आरोपी के कब्जे से निम्नलिखित वस्तुएं बरामद की हैं:

  • एक मोबाइल फोन
  • एक सिम कार्ड
  • एक राउटर

इन उपकरणों का उपयोग आरोपी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान न्यायालय की कार्यवाही में बाधा डालने के लिए किया था।

पुलिस की भूमिका और सराहना

इस कार्य में साइबर पुलिस स्टेशन नॉर्थ की टीम ने तकनीकी और मैनुअल जांच का समन्वय करते हुए उत्कृष्ट कार्य किया। टीम ने आईपी एड्रेस और कॉल डेटा रिकॉर्ड्स (CDRs) का विश्लेषण किया और स्थानीय खुफिया जानकारी के माध्यम से आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। इस मामले में SHO, SI और HC की भूमिका सराहनीय रही।

ACP/Operations Cell, Ms. विदुषी कौशिक ने भी टीम का मार्गदर्शन किया और सुनिश्चित किया कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। इस गिरफ्तारी से यह संदेश भी गया कि तकनीकी और साइबर अपराधों में पुलिस पूरी तरह सतर्क है और न्यायालयीय कार्यवाही में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।

निष्कर्ष और आगे की कार्रवाई

पुलिस का कहना है कि मामले की आगे की जांच जारी है। आरोपी मोहम्मद इमरान के खिलाफ अदालत में उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उसके अपराधों की गहन जांच की जा रही है। यह मामला यह दर्शाता है कि साइबर अपराध और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाले अपराधों के प्रति पुलिस पूरी तरह सजग है।

साइबर पुलिस नॉर्थ की टीम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग अपराध में विशेषज्ञता दिखाते हुए आरोपी को किया गिरफ्तार

उल्लेखनीय है कि, वर्तमान डिजिटल युग में न्यायालयीय कार्यवाही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का उपयोग बढ़ गया है। ऐसे में यह जरूरी हो गया है कि अदालत की गरिमा और प्रक्रिया में बाधा डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि पुलिस तकनीकी और डिजिटल अपराधों के मामले में अत्यंत सक्रिय और तत्पर है।

RAJA BANTHIA, IPS
Deputy Commissioner of Police, North District, Delhi

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