
दिल्ली में युवा कांग्रेस का “I LOVE AMBEDKAR” मार्च: सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा का संदेश
दलितों पर बढ़ते अत्याचार और CJI पर हमले के विरोध में भारतीय युवा कांग्रेस का “I LOVE AMBEDKAR” मार्च
दिल्ली देश में दलितों और वंचित वर्ग के लोगों के खिलाफ लगातार बढ़ते अत्याचारों और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (CJI) पर कथित हमले के विरोध में भारतीय युवा कांग्रेस ने आज राजधानी दिल्ली में “I LOVE AMBEDKAR” नामक मार्च का आयोजन किया। यह मार्च सामाजिक न्याय, समानता और संविधान के मूल्यों की रक्षा के संदेश को लेकर निकाला गया।
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मार्च का आयोजन मौजपुर चौक से शुरू हुआ और इसका नेतृत्व भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने किया। इस मार्च में बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता, स्थानीय पदाधिकारी और नागरिक शामिल हुए। सभी प्रतिभागियों ने हाथों में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के चित्र और “जय भीम” के नारे लिखी तख्तियां लेकर मार्च में भाग लिया। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और कहा कि दलितों और वंचित वर्ग के साथ हो रहे अत्याचार देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के लिए चुनौती हैं।
दलितों और वंचित वर्ग के अधिकारों की रक्षा:
भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का कहना है कि देश में दलितों और वंचित वर्ग के खिलाफ अत्याचार की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस गंभीर समस्या के समाधान में विफल रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि दलित समाज के साथ होने वाले अत्याचार न केवल सामाजिक असमानता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि लोकतंत्र की बुनियादी नींव को भी कमजोर करते हैं।

I LOVE AMBEDKAR मार्च: युवा कांग्रेस का दलित अधिकारों और न्याय की मर्यादा पर जोर
उदय भानु चिब के विचार:
मार्च के दौरान उदय भानु चिब ने मीडिया से बातचीत में कहा, “यह मार्च देश के संविधान और न्याय की मर्यादा की रक्षा के लिए है। CJI पर हमले जैसी घटनाएं लोकतंत्र को कमजोर करती हैं और इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। लोकतंत्र की मजबूती इस बात में है कि हम अपने न्यायालय और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करें। युवा कांग्रेस देश में समानता और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए हमेशा सक्रिय रहेगी।”
उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह दलित समाज की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन युवा कांग्रेस इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी। उदय भानु चिब ने जोर देकर कहा कि यह मार्च किसी राजनीतिक विरोध की सीमाओं में नहीं है, बल्कि यह समाज में समानता और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक जागरूक प्रयास है।
मार्च की शुरुआत और सुरक्षा प्रबंध:
मार्च की शुरुआत मौजपुर चौक से हुई। इस दौरान पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। मौजपुर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस तैनात की गई, ताकि मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। मार्च के आयोजकों ने भी कहा कि यह प्रदर्शन पूर्णतः गैर-हिंसात्मक और शांतिपूर्ण रहेगा, ताकि समाज में समानता और न्याय का संदेश प्रभावी ढंग से पहुँच सके।
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मार्च की विशेषता और संदेश:
मार्च की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। युवा कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों में अंबेडकर की तस्वीरें और “जय भीम” के नारे लिखी तख्तियां लेकर मार्च किया। यह न केवल दिल्ली की सड़कों पर एक प्रभावशाली दृश्य प्रस्तुत कर रहा था, बल्कि यह दलित समाज और वंचित वर्ग के अधिकारों के प्रति जनता में जागरूकता फैलाने का भी माध्यम बन गया।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि देश में सामाजिक न्याय और समानता को सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह दलितों और वंचित वर्ग के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर तत्काल प्रभावी कदम उठाए। मार्च में हिस्सा लेने वाले लोगों ने यह भी कहा कि संविधान में समानता और न्याय के अधिकार का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है और इसे दबाया नहीं जा सकता।
CJI पर हमले के विरोध में:
मार्च का एक प्रमुख उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पर कथित हमले के विरोध में जन चेतना पैदा करना भी था। उदय भानु चिब ने कहा कि न्यायपालिका पर हमले जैसी घटनाएं लोकतंत्र को कमजोर करती हैं। उन्होंने कहा, “हमें अपनी संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए। CJI पर हमले जैसी घटनाओं को नजरअंदाज करना लोकतंत्र के लिए खतरा है। यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि देश के संविधान और न्याय की मर्यादा पर हमला है।”

युवा कांग्रेस का दलित अधिकारों और CJI सुरक्षा के लिए I LOVE AMBEDKAR मार्च, उदय भानु चिब का संदेश
सामाजिक संदेश और युवाओं की भागीदारी:
मार्च के दौरान युवा कार्यकर्ताओं ने जोर देकर कहा कि देश के युवाओं को संविधान और सामाजिक न्याय के मूल्यों को समझना और उनका पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दलितों और वंचित वर्ग के खिलाफ अत्याचार किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हैं और युवा समाज को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। मार्च ने युवाओं में जागरूकता बढ़ाने का काम किया और यह संदेश दिया कि समानता, सामाजिक न्याय और संविधान का सम्मान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
समापन और निष्कर्ष:
मार्च शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ। आयोजकों ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में समानता और न्याय के लिए एक स्थायी आंदोलन की शुरुआत है। मार्च के माध्यम से भारतीय युवा कांग्रेस ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि दलित समाज और वंचित वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा आवाज उठाई जाएगी और लोकतंत्र और संविधान की मर्यादा को कमजोर होने नहीं दिया जाएगा।
इस कार्यक्रम ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि युवा शक्ति समाज में बदलाव ला सकती है और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए हमेशा सजग रह सकती है। “I LOVE AMBEDKAR” मार्च न केवल एक विरोध प्रदर्शन था, बल्कि यह सामाजिक न्याय, समानता और संविधान के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया।
मार्च ने देशभर के नागरिकों और युवाओं के बीच यह संदेश फैलाया कि दलित समाज के अधिकारों की रक्षा करना और न्यायपालिका की सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी का कर्तव्य है। युवा कांग्रेस की यह पहल यह दिखाती है कि युवा शक्ति जब संगठित होती है तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखती है।

जय भीम नारे और अंबेडकर की तस्वीरों के साथ युवा कांग्रेस ने निकाला I LOVE AMBEDKAR मार्च
इस प्रकार, “I LOVE AMBEDKAR” मार्च ने दिल्ली की सड़कों पर एक महत्वपूर्ण संदेश छोड़ते हुए यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और संविधान के प्रति जागरूकता बनाए रखना हर नागरिक का अधिकार और जिम्मेदारी है।