
प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प अभियान में उमड़ा जनसैलाब, स्वदेशी दीपों से रोशन होगी दीपावली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान’ के तहत करावल नगर में भव्य सम्मेलन — कपिल मिश्रा की हुंकार, “अब दिल्ली में हर हिंदू त्योहार खुलेआम और गर्व से मनाया जाएगा”
दिल्ली, करावल नगर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान’ के अंतर्गत राजधानी दिल्ली के करावल नगर विधानसभा क्षेत्र में आज एक भव्य एवं ऐतिहासिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी अपने आप में एक सशक्त संदेश देने वाला कार्यक्रम बना। आयोजन की कमान भाजपा करावल नगर के सक्रिय नेता एवं जिला आईटी सेल संयोजक अमर राय ने संभाली।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सान्निध्य में धूमधाम से मनाया गया मेरा जन्मदिवस
सुबह से ही आयोजन स्थल पर लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। कार्यकर्ता, व्यापारी, महिलाएँ, युवा और स्थानीय नागरिक भारी संख्या में पहुँचते रहे। चारों ओर भगवा झंडे, देशभक्ति के गीतों की गूंज, और “वोकल फॉर लोकल” के नारे माहौल में एक विशेष ऊर्जा भर रहे थे। मंच को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, और मंच पर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे दिल्ली के फायरब्रांड नेता कपिल मिश्रा का जोश देखते ही बनता था। जैसे ही उनका नाम पुकारा गया, भीड़ “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम” के नारों से गूंज उठी।
कपिल मिश्रा का तीखा हमला — “केजरीवाल सरकार ने त्योहारों पर रोक लगाकर दिल्ली की संस्कृति को कुचलने की कोशिश की”
अपने जोशीले संबोधन में कपिल मिश्रा ने सबसे पहले पिछले कुछ वर्षों में दिल्ली में धार्मिक उत्सवों पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा —
“दिल्ली की केजरीवाल सरकार हमेशा हिंदू त्योहारों पर रोक लगाने के लिए कोई न कोई बहाना ढूंढती रही है। कभी पटाखों पर प्रतिबंध, कभी जुलूसों की मनाही, कभी धार्मिक आयोजनों को सीमित करने के आदेश — यही उनका काम रहा है। त्योहारों पर पाबंदियों के नाम पर उन्होंने हमारे धर्म और संस्कृति को कमजोर करने का प्रयास किया है।”

स्वदेशी दीपों और देशभक्ति गीतों से गूंजा करावल नगर — सम्मेलन में हजारों ने लिया आत्मनिर्भर भारत का प्रण
उन्होंने जनता से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि वह समय अब बीत चुका है जब त्योहार मनाने में डर लगता था।
“अब दिल्ली बदलेगी। अब दीपावली डर से नहीं, गर्व से मनाई जाएगी। अब हर हिंदू त्योहार खुलेआम, पूरे जोश और परंपरा के साथ मनाया जाएगा। यह नई दिल्ली है, नई सोच है, और अब कोई भी हमारी परंपराओं को दबा नहीं पाएगा।”
आत्मनिर्भर भारत — लोकल उत्पादों के प्रति आह्वान
कपिल मिश्रा ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प भी दोहराया। उन्होंने कहा कि त्योहारों का असली आनंद तभी है जब हम अपनी मिट्टी, अपने कारीगरों, अपने किसानों के उत्पादों को अपनाएँ।
“इस दीपावली पर विदेशी लड़ी-बम नहीं, बल्कि स्वदेशी गोबर से बने दीए जलाइए। हमारी हर खरीदारी, हर खर्च भारत के किसान, मजदूर और कारीगर के हाथ को मज़बूती देनी चाहिए। यही सच्चा राष्ट्रवाद है, यही आत्मनिर्भर भारत का संकल्प है।”
नंद नगरी में एकतरफा प्यार में रिया की चाकू से हत्या, आरोपी गिरफ्तार #breakingnews
उन्होंने जनता से आह्वान किया कि चीनी और विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करें। “जब हम विदेशी वस्तुएं खरीदते हैं तो हमारा पैसा देश से बाहर चला जाता है। लेकिन जब हम स्वदेशी उत्पाद खरीदते हैं, तो हमारे अपने लोगों की रोज़ी-रोटी चलती है। यही राष्ट्र सेवा है, यही आत्मनिर्भर भारत का मार्ग है।”
अमर राय ने रखा संगठन का दृष्टिकोण
कार्यक्रम के आयोजक और भाजपा के करावल नगर क्षेत्र के सक्रिय नेता अमर राय ने मंच से बोलते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान केवल एक राजनीतिक नारा नहीं है, बल्कि यह देश की नई दिशा और नई सोच का प्रतीक है।
“हमारा उद्देश्य है कि हर नागरिक आत्मनिर्भर बने, अपने परिवार, समाज और देश के विकास में योगदान दे। आत्मनिर्भर भारत का मतलब केवल आर्थिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आत्मगौरव भी है। जब हम अपने त्योहार अपने तरीके से मनाएँगे, अपने सामानों का उपयोग करेंगे, तभी हम सच में आत्मनिर्भर बनेंगे।”
उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय स्तर पर कई व्यापारियों, कारीगरों और युवाओं ने ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान से जुड़कर अपने उत्पादों को बढ़ावा देना शुरू किया है।
सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब — देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजा माहौल
इस भव्य सम्मेलन में स्थानीय व्यापारियों, समाजसेवियों, महिलाओं, विद्यार्थियों और युवाओं की जबरदस्त उपस्थिति रही। मंच के सामने बने पंडाल में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। कई लोग हाथों में तख्तियाँ लिए थे जिन पर लिखा था — “स्वदेशी अपनाओ, देश को मजबूत बनाओ”, “चीनी सामान का बहिष्कार”, “वोकल फॉर लोकल — लोकल ही ग्लोबल है”।
सांस्कृतिक मंच पर देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। बच्चों और युवाओं ने पारंपरिक परिधानों में नृत्य और गीत प्रस्तुत किए। ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्री राम’ के नारे लगातार गूंजते रहे। यह सम्मेलन एक राजनीतिक कार्यक्रम से अधिक एक सांस्कृतिक उत्सव का रूप ले चुका था।
त्योहार और संस्कृति — कपिल मिश्रा का भावनात्मक संदेश
अपने भाषण के अंत में कपिल मिश्रा ने कहा —
“हमारे त्योहार सिर्फ रीति-रिवाज नहीं हैं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति और संस्कारों के प्रतीक हैं। इन्हें रोकने की कोशिश करने वाले दरअसल भारत की आत्मा को कमजोर करना चाहते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब दिल्ली की हवा में हिंदुत्व, संस्कृति और आत्मनिर्भरता की नई ऊर्जा बहेगी।”

अब दीपावली डर से नहीं, गर्व से मनेगी” — करावल नगर सम्मेलन में कपिल मिश्रा की गर्जना
उन्होंने कहा कि जब हर घर में स्वदेशी दीये जलेंगे, जब हर परिवार देशी मिठाइयाँ खरीदेगा, जब हर नागरिक विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का संकल्प लेगा — तब आत्मनिर्भर भारत का सपना सच होगा।
जनता ने लिया संकल्प — “विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करेंगे, आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करेंगे”
कार्यक्रम के अंत में एक सामूहिक संकल्प का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में उपस्थित लोगों ने हाथ उठाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन को आगे बढ़ाने का प्रण लिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि इस दीपावली वे विदेशी सामान का बहिष्कार करेंगे और देशी उत्पादों का ही प्रयोग करेंगे।
अमर राय ने कहा —
“जब हर नागरिक आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएगा, तभी भारत दुनिया में आत्मसम्मान के साथ खड़ा होगा। हमें अपने गाँव, अपने कस्बे, अपनी दुकानों और अपने कारीगरों पर गर्व करना होगा।”
करावल नगर से निकला एक मजबूत संदेश
इस सम्मेलन ने यह स्पष्ट कर दिया कि आत्मनिर्भर भारत केवल सरकार की नीतियों का हिस्सा नहीं, बल्कि जनता का आंदोलन बन चुका है। करावल नगर की जनता ने दिखा दिया कि वह न केवल प्रधानमंत्री के विज़न के साथ खड़ी है, बल्कि उसे जन आंदोलन का रूप देने को भी तैयार है।
आयोजन स्थल पर आए एक स्थानीय व्यापारी ने कहा —
“हम सालों से विदेशी सजावट का सामान और पटाखे बेचते थे, लेकिन इस बार हमने फैसला किया है कि हम सिर्फ स्वदेशी उत्पाद ही बेचेंगे। हमें भरोसा है कि लोग भी इस बदलाव को स्वीकार करेंगे।”
एक महिला स्वयं सहायता समूह की प्रतिनिधि ने बताया कि उन्होंने गोबर से बने पर्यावरण-अनुकूल दीये तैयार किए हैं और इस दीपावली पर 10,000 से अधिक दीये बेचने का लक्ष्य रखा है। यह स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ठोस कदम है।
दीपावली की रोशनी — आत्मनिर्भर भारत के संकल्प में
जैसे-जैसे कार्यक्रम समाप्ति की ओर बढ़ा, मंच पर दीप प्रज्वलन किया गया। कपिल मिश्रा, अमर राय और उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने मिलकर पारंपरिक दीया जलाकर ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को प्रतीकात्मक रूप से प्रज्ज्वलित किया।
“दीपावली की रोशनी इस बार सिर्फ घरों में नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प में भी चमकेगी,” — यही संदेश पूरे सम्मेलन में गूंजता रहा।

स्थानीय नागरिकों ने उठाया आत्मनिर्भर भारत का झंडा — चीनी सामान का बहिष्कार कर अपनाएंगे देशी उत्पाद
निष्कर्ष
करावल नगर में आयोजित यह सम्मेलन केवल एक राजनीतिक सभा नहीं था, बल्कि यह एक ऐसा आंदोलन था जो सांस्कृतिक आत्मगौरव, आर्थिक स्वावलंबन और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बन गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान’ को लेकर जनता में जो उत्साह और प्रतिबद्धता दिखी, वह आने वाले समय में एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकती है।
कपिल मिश्रा का जोशीला भाषण, अमर राय का संगठनात्मक दृष्टिकोण, और जनता की सक्रिय भागीदारी — इन तीनों ने मिलकर इस सम्मेलन को ऐतिहासिक बना दिया।
इस बार दीपावली पर केवल रोशनी ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की नई ज्योति जलेगी — और करावल नगर से निकला यह संदेश पूरे दिल्ली में गूंजेगा।