
दिल्ली के प्राइमरी स्कूलों में ग्लोबल हैंडवॉश डे पर विशेष कार्यक्रम आयोजित
📰 ग्लोबल हैंडवॉश डे के अवसर पर दिल्ली नगर निगम में स्वच्छता और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम
राजधानी दिल्ली के स्कूलों में आज ग्लोबल हैंडवॉश डे के अवसर पर विशेष स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह पहल बच्चों को स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से की गई थी। कार्यक्रम दिल्ली नगर निगम के प्राइमरी स्कूल, सरस्वती विहार डी-ब्लॉक में आयोजित किया गया और इसमें क्षेत्रीय पार्षद, शिक्षा अधिकारी और स्थानीय समाजसेवी संगठन ‘जागरण पहल’ और डेटॉल के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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इस कार्यक्रम का आयोजन बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें यह संदेश देने के लिए किया गया कि व्यक्तिगत स्वास्थ्य और हाथ धोने की आदत कैसे उनके जीवन और समाज को सुरक्षित बना सकती है।
🏫 मुख्य अतिथि और उपस्थित अधिकारी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिल्ली नगर निगम की शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री योगेश वर्मा (एडवोकेट) रहे। साथ ही, क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती शिखा भारद्वाज, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जागरण पहल के डॉ. विवेक और दिल्ली इंचार्ज सुश्री प्रीति ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।
श्री वर्मा ने अपने संबोधन में बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि:
“हाथ धोने की आदत हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होनी चाहिए। यह सिर्फ बीमारी से बचाव नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी को दर्शाने का भी तरीका है। दिल्ली नगर निगम का शिक्षा विभाग लगातार विद्यार्थियों और शिक्षकों के हित में नवाचारपूर्ण कदम उठा रहा है।”

👨🏫 Delhi Nagar Nigam स्कूलों में स्वास्थ्य और स्वच्छता पर बच्चों के लिए जागरूकता पहल
उन्होंने आगे बताया कि नगर निगम के एकीकरण के बाद पहली बार विद्यालयों के छात्रों को वर्दी, स्टेशनरी और स्कूल बैग हेतु राशि सत्र प्रारंभ में ही, यानी सितंबर माह में सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। इससे पहले यह राशि सत्र समाप्ति के बाद दी जाती थी।
“इस वर्ष वन-क्लिक ट्रांसफर प्रणाली के माध्यम से 6.5 लाख छात्रों के खातों में राशि पहुंचाई गई, जिससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों में वृद्धि हुई है।”
🏫 विद्यालय प्रशासन और शिक्षक सुविधाएँ
श्री योगेश वर्मा ने आगे कहा कि दिल्ली नगर निगम ने शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कई पहलें की हैं। इस वर्ष पहली बार 1400 प्रिंसिपलों की एक साथ नियुक्ति की गई है, जिससे विद्यालयों के प्रशासनिक कार्यों में सुगमता आई है। इसके अलावा, दीपावली बोनस भी शिक्षकों के खातों में समय पर भेजा गया — जो निगम के इतिहास में पहली बार हुआ है।
उन्होंने बताया कि अब तक 700 स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड लगाए जा चुके हैं और जल्द ही सभी विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
“इन सभी कार्यों में निगम के माननीय महापौर श्री राजा इकबाल सिंह और निगम अधिकारियों का पूरा सहयोग प्राप्त हुआ है। हमारा लक्ष्य विद्यालयों के इंफ्रास्ट्रक्चर को और बेहतर बनाना, प्रिंसिपलों की वित्तीय सीमा बढ़ाना, बॉयज़ फंड की राशि जारी करना और मरम्मत कार्यों को गति देना है,” — श्री योगेश वर्मा, अध्यक्ष, शिक्षा समिति।

हाथ धोने की आदत बच्चों में डालने के लिए दिल्ली नगर निगम ने शुरू किया विशेष कार्यक्रम
🧼 स्वच्छता और स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेष जोर
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करना था। शिक्षा समिति के अध्यक्ष ने बच्चों को समझाया कि नियमित रूप से हाथ धोना और स्वच्छता का पालन करना उनकी सेहत के लिए कितना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा:
“छात्रों, यदि आप स्वच्छता और स्वास्थ्य के नियमों का पालन करेंगे, तो न केवल आप खुद स्वस्थ रहेंगे, बल्कि आप अपने परिवार और समाज के लिए भी एक उदाहरण बनेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत – शिक्षित भारत – विकसित भारत’ के संकल्प को हम सभी मिलकर साकार कर सकते हैं।”
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कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों ने भी सक्रिय भागीदारी दिखाई। उन्होंने हाथ धोने के सही तरीके, साबुन के महत्व और नियमित स्वच्छता आदतों के लाभों पर चर्चा की। बच्चों के लिए विभिन्न इंटरैक्टिव गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिसमें वे प्रत्यक्ष रूप से सीख सके कि हाथ धोने की सही तकनीक क्या होती है और क्यों यह जरूरी है।
🎓 क्षेत्रीय पार्षद का संदेश
इस अवसर पर क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती शिखा भारद्वाज ने बच्चों को दीपावली की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि त्योहार की खुशी में स्वच्छता और पर्यावरण का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने बच्चों और शिक्षकों से आग्रह किया कि विद्यालय और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखें, और इस प्रकार न केवल खुद की सुरक्षा सुनिश्चित करें बल्कि अपने समुदाय को भी स्वस्थ बनाएं।
🏫 विद्यालयों के लिए निगम की अन्य पहलें
शहर के विद्यालयों में शिक्षा का स्तर और छात्रों की सुविधा बढ़ाने के लिए दिल्ली नगर निगम ने कई अन्य महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
- वर्दी और स्टेशनरी का समय पर वितरण — 6.5 लाख छात्रों को सीधे उनके बैंक खातों में राशि ट्रांसफर की गई।
- स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना — 700 स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड लगाए जा चुके हैं।
- 1400 प्रिंसिपलों की नियुक्ति — प्रशासनिक कार्यों की गति बढ़ाने के लिए।
- दीपावली बोनस का समय पर वितरण — शिक्षकों के हित में।
- बच्चों और शिक्षकों के लिए नवाचारपूर्ण पहलें — स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान।
श्री वर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि निगम का प्रयास केवल भौतिक सुविधाओं तक सीमित नहीं है। उनका लक्ष्य छात्रों में स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति दीर्घकालिक जागरूकता पैदा करना है, ताकि बच्चे इसे जीवन का हिस्सा बनाएं।
🧒 बच्चों की भागीदारी और जागरूकता कार्यक्रम
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने विभिन्न खेल और गतिविधियों में भाग लिया। उन्हें साबुन से हाथ धोने की सही तकनीक सिखाई गई, और उनसे पूछा गया कि वे स्कूल और घर में स्वच्छता के नियमों का पालन कैसे करते हैं। बच्चों की भागीदारी उत्साहपूर्ण रही, और उन्होंने इस पहल का सकारात्मक प्रभाव दिखाया।
शिक्षक और स्वयंसेवी उपस्थित रहे और बच्चों को समझाया कि हाथ धोना सिर्फ संक्रमण से बचाव नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ जीवनशैली का भी हिस्सा है। बच्चों ने प्रतिज्ञा ली कि वे नियमित रूप से हाथ धोएंगे और स्वच्छता का पालन करेंगे।🌟 स्वच्छ भारत मिशन और शिक्षा का योगदान
इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल हाथ धोने की आदत डालना नहीं था, बल्कि बच्चों के माध्यम से पूरे समुदाय में स्वच्छता जागरूकता फैलाना था। श्री वर्मा ने कहा:
“यदि हम बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली और स्वच्छता के नियम सिखा दें, तो यह संदेश उनके परिवार और समाज तक जाएगा। यही हमारी दीर्घकालिक योजना है — शिक्षा और स्वच्छता को एक साथ जोड़कर स्वस्थ और विकसित भारत की दिशा में कदम बढ़ाना।”
📢 समापन और भविष्य की योजना
कार्यक्रम का समापन बच्चों द्वारा हाथ धोने और स्वच्छता के नियमों का पालन करने की प्रतिज्ञा के साथ हुआ। नगर निगम ने यह भी घोषणा की कि आगामी सत्रों में ऐसे और भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों और शिक्षकों को भी शामिल किया जाएगा।
श्री योगेश वर्मा ने अंत में कहा:
“हमारा लक्ष्य बच्चों को स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। साथ ही विद्यालयों की संरचना, स्मार्ट क्लासरूम, शिक्षकों के वित्तीय लाभ और प्रिंसिपलों की प्रशासनिक क्षमता को बढ़ाना भी हमारा उद्देश्य है। यह सभी पहलें मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और स्वस्थ समाज का निर्माण करेंगी।”

ग्लोबल हैंडवॉश डे 2025: सरस्वती विहार स्कूल में बच्चों ने सीखी स्वच्छता की महत्वपूर्ण आदतें
✅ निष्कर्ष
ग्लोबल हैंडवॉश डे के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल बच्चों में स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करने का प्रयास था, बल्कि यह दिल्ली नगर निगम की शिक्षा प्रणाली में सुधार और नवाचार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। बच्चों, शिक्षकों, अभिभावकों और प्रशासन के सहयोग से यह पहल भविष्य में और प्रभावी साबित होगी।
इस प्रकार, दिल्ली नगर निगम ने शिक्षा और स्वच्छता के क्षेत्र में एक मॉडल पेश किया है, जो अन्य महानगरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।