
दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज बोलीं — छठ का व्रत मातृशक्ति की अनोखी तपस्या का प्रतीक
पटेल नगर में आस्था का सागर — सांसद बांसुरी स्वराज ने छठ व्रतियों को दी शुभकामनाएँ
राजधानी दिल्ली में चारों ओर छठ महापर्व की भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। गंगा-जमुनी परंपरा, नारी शक्ति और भारतीय संस्कृति का यह अनुपम उत्सव इस बार भी दिल्ली के हर कोने में पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।
दिल्ली का भलस्वा झील बना भव्य छठ घाट — लाखों श्रद्धालुओं ने दिया सूर्य को अर्घ्य
इसी क्रम में पटेल नगर विधानसभा क्षेत्र के आनंद पर्वत स्थित रामजस ग्राउंड में छठ पूजा समिति द्वारा भव्य आयोजन किया गया। यहाँ श्रद्धा और आस्था से ओतप्रोत माहौल के बीच सैकड़ों महिलाएँ व्रत रखकर सूर्य देव और छठी मैया की आराधना में लीन रहीं।
इस आयोजन में विशेष रूप से नई दिल्ली की सांसद श्रीमती बांसुरी स्वराज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने छठ व्रतियों और उपस्थित श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और इस पवित्र पर्व को “नारी शक्ति, अनुशासन और त्याग की मिसाल” बताया।
🌅 बांसुरी स्वराज ने कहा — “छठी मैया का व्रत कठिन जरूर है, लेकिन इसकी भावना अतुलनीय है”
सांसद बांसुरी स्वराज ने छठ पूजा स्थल पर पहुँचकर व्रती महिलाओं का अभिवादन किया, उनके पास जाकर संवाद किया और पूजन सामग्री अर्पित कर शुभकामनाएँ दीं।
जयकारों और गीतों से गूंजते माहौल में उन्होंने कहा —
“छठी मैया का व्रत जितना कठिन है, उतना ही अद्भुत भी है। माताएँ और बहनें अपने परिवार के सुख, समृद्धि और पति-पुत्र की लंबी उम्र के लिए जो तपस्या करती हैं, वह अपने आप में प्रेरणादायक है। चार दिनों का यह व्रत आत्मसंयम, अनुशासन और नारी शक्ति का जीता-जागता उदाहरण है।”

सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा — छठ व्रत नारी शक्ति और भारतीय संस्कृति का ज्वलंत उदाहरण
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत उसकी पारिवारिक और सामाजिक एकता है, और छठ पर्व इस एकता का उज्ज्वल प्रतीक है।
“मैं सभी माता-बहनों को प्रणाम करती हूँ जो कठिन से कठिन व्रत को भी मुस्कुराते हुए निभाती हैं। यह नारी शक्ति की असली पहचान है,” — बांसुरी स्वराज ने कहा।
🕊️ छठ पूजा समिति का अनुकरणीय आयोजन
आनंद पर्वत के रामजस ग्राउंड पर छठ पूजा समिति द्वारा किया गया यह आयोजन इस वर्ष क्षेत्र का सबसे बड़ा धार्मिक कार्यक्रम बन गया।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि उन्होंने कई दिन पहले से तैयारी शुरू कर दी थी —
सफाई अभियान, जलाशय की सफाई, अस्थायी घाट निर्माण, रोशनी की व्यवस्था और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया।
पूरे मैदान को रंगीन झालरों, फूलों की सजावट और सोलर लाइटों से सुसज्जित किया गया था।
अस्थायी तालाब में साफ़ जल भरवाया गया ताकि व्रतियों को पूजा के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सांसद बांसुरी स्वराज ने स्वयं व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और समिति के सदस्यों की सराहना करते हुए कहा कि —
“दिल्ली जैसे महानगर में इतनी स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आस्थापूर्ण व्यवस्था देखकर हृदय प्रसन्न हो गया। यह सब लोगों की मेहनत, सहयोग और समर्पण का परिणाम है।”
🙏 छठी मैया के जयकारों से गूंजा आनंद पर्वत
शाम के समय जैसे ही सूर्य अस्ताचल की ओर बढ़ा, पूरा आनंद पर्वत क्षेत्र छठी मैया के गीतों, भजनों और जयकारों से गूंज उठा।
महिलाएँ पारंपरिक वेशभूषा में सजधजकर पूजन के लिए पहुँचीं।
‘उग हे सूरज देव’ और ‘केलवा जे हरइले मइया’ जैसे पारंपरिक गीतों की स्वर लहरियों से वातावरण पवित्र और भावनात्मक हो उठा।
व्रतियों ने घाट पर खड़े होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया।
उनके साथ बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों ने दीप जलाए और श्रद्धा से सूर्य देव का स्मरण किया।
रात्रि में घाट क्षेत्र दीपमालाओं से जगमगा उठा।
पूरे आयोजन में धार्मिक शांति और सामूहिक सद्भाव का भाव स्पष्ट दिखाई दिया।
👩🦰 माताओं ने जताया आभार — “पहली बार इतनी सुंदर व्यवस्था देखी”
व्रत रखने आई महिलाओं ने सांसद बांसुरी स्वराज और आयोजन समिति दोनों का धन्यवाद व्यक्त किया।
स्थानीय निवासी सुमन देवी ने कहा —
“हर साल हम यहाँ छठ मनाते हैं, लेकिन इस बार घाट की सफाई और रोशनी की व्यवस्था बेहद शानदार रही। सांसद जी खुद आईं, लोगों से मिलीं, इससे हम सबका मन खुश हो गया।”
वहीं ममता पांडेय ने कहा —
“छठ व्रत कठिन जरूर है, लेकिन यह हमारे जीवन की ताकत है। इस बार दिल्ली में ऐसा लग रहा है जैसे गंगा किनारा यहीं बस गया हो।”

पटेलनगर विधानसभा में छठ पूजा की रौनक, बांसुरी स्वराज ने की श्रद्धालुओं से मुलाकात
महिलाओं का कहना था कि इस आयोजन से उन्हें अपने गृह राज्य बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश की याद ताजा हो गई।
💡 सफाई, सुरक्षा और समरसता — तीनों में मिसाल रहा आयोजन
एमसीडी कर्मियों, पुलिस विभाग और स्थानीय नागरिकों के संयुक्त प्रयास से आयोजन में किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई।
सफाई के लिए विशेष टीम तैनात थी, और सुरक्षा के लिए पुलिस बल ने रातभर निगरानी रखी।
स्थानीय पार्षदों और समाजसेवियों ने भी सक्रिय योगदान दिया।
घाट के चारों ओर CCTV कैमरे लगाए गए थे, बच्चों और महिलाओं के लिए अलग प्रवेश मार्ग बनाए गए।
सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा —
“दिल्ली सरकार, नगर निगम और स्थानीय संगठनों का सामूहिक प्रयास ही हमारी सांस्कृतिक एकता की पहचान है। छठ पर्व हमें यही सिखाता है कि जब समाज एक साथ खड़ा होता है, तो कोई चुनौती बड़ी नहीं रहती।”
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🌞 उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पूर्ण हुआ व्रत
अगले दिन प्रातःकाल जब उगते सूर्य की पहली किरणें पड़ीं, तब श्रद्धालु महिलाएँ पुनः घाट पर पहुँचीं।
उनके चेहरों पर प्रसन्नता और संतोष का भाव था।
उगते सूर्य को जल अर्पित करते हुए उन्होंने अपने परिवारों की खुशहाली, देश की उन्नति और समाज में शांति की कामना की।
छठी मैया के गीतों, शंखनाद और दीपों की रोशनी ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक आभा से भर दिया।
सांसद बांसुरी स्वराज ने भी इस अवसर पर प्रार्थना की और कहा —
“सूर्य देव हमें शक्ति दें कि हम अपने कर्तव्यों का पालन श्रद्धा और निष्ठा से करें। छठ का यही संदेश है — मेहनत, अनुशासन और आस्था।”
🪔 छठ पर्व — नारी शक्ति, पर्यावरण और परंपरा का संगम
छठ महापर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और नारी सशक्तिकरण का भी प्रतीक बन चुका है।
इस वर्ष अधिकतर श्रद्धालुओं ने मिट्टी के दीपक, प्राकृतिक फलों और बायोडिग्रेडेबल सामग्री का उपयोग किया।
इससे यह संदेश गया कि पूजा के साथ-साथ प्रकृति की रक्षा भी हमारी जिम्मेदारी है।
बांसुरी स्वराज ने कहा —
“छठ पर्व हमें सिखाता है कि हम प्रकृति के ऋणी हैं। सूर्य और जल — ये दोनों हमारे अस्तित्व की जड़ हैं। जब हम इनका पूजन करते हैं, तो हम धरती माता को प्रणाम कर रहे होते हैं।”
🕊️ धर्म और समाज का सेतु बना छठ पर्व
आनंद पर्वत में हुए आयोजन ने यह साबित किया कि दिल्ली केवल राजधानी नहीं, बल्कि पूरे भारत की विविध संस्कृति का संगम है।
यहाँ हर राज्य, हर भाषा और हर वर्ग के लोग मिलकर त्योहार मनाते हैं।
छठ पूजा ने उस सामाजिक एकता की भावना को फिर एक बार मजबूत किया।
सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा —
“दिल्ली का दिल तभी धड़कता है जब यहाँ के लोग मिलकर एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होते हैं। यह हमारा भारतीयत्व है — सबका सम्मान, सबका सहयोग।”

‘छठी मैया सबकी मनोकामनाएं पूरी करें’ — आनंद पर्वत कार्यक्रम में बांसुरी स्वराज की प्रार्थना
🌸 समापन — भक्ति, सौहार्द और संस्कृति का अद्भुत मेल
पटेल नगर के आनंद पर्वत का यह छठ आयोजन केवल पूजा-अर्चना का अवसर नहीं था,
बल्कि यह एक ऐसा मंच बन गया जहाँ भक्ति, अनुशासन, सेवा और समरसता सब एक साथ दिखाई दिए।
सांसद बांसुरी स्वराज की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया।
उनके शब्दों ने हर व्रती महिला के हौसले को और मजबूत किया।
अंत में जब सूर्य देव को अंतिम अर्घ्य दिया गया, तो ऐसा लगा जैसे हर व्यक्ति के जीवन में प्रकाश, ऊर्जा और नई उम्मीद का संचार हो गया हो।
छठ का यह पर्व सचमुच यह संदेश देकर गया —
कि जब आस्था और एकता साथ चलते हैं, तब हर कठिन व्रत भी उत्सव बन जाता है,
और हर दीपक, हर मुस्कान — भारत की संस्कृति का उजाला बढ़ा देती है।