
दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा: केशव पुरम फायरिंग केस में दो आरोपी गिरफ्तार, तीसरा फरार
केशव पुरम फायरिंग केस का खुलासा: दिल्ली पुलिस ने दो आदतन अपराधियों को किया गिरफ्तार,
राजधानी दिल्ली में त्योहारों की खुशियों के बीच अपराधियों की करतूतों ने एक बार फिर से शांति भंग करने की कोशिश की। लेकिन दिल्ली पुलिस की तत्परता और पेशेवर जांच ने मामले को कुछ ही दिनों में सुलझा लिया। उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस की केशव पुरम थाना टीम ने दिवाली की रात हुई गोलीबारी की वारदात का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीसरा आरोपी अभी फरार है। पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त देशी पिस्तौल भी बरामद कर ली है।
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यह फायरिंग उस समय हुई थी जब आरोपी नशे की हालत में पटाखे फोड़ते हुए सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज कर रहे थे। जब इलाके के लोगों ने इसका विरोध किया, तो झगड़ा बढ़ गया और एक युवक को गोली लग गई।
घटना का सिलसिला: दिवाली की रात बना डरावना अनुभव
घटना 21 अक्टूबर 2025 की सुबह करीब 4:20 बजे की बताई जा रही है। थाना केशव पुरम को लॉरेंस रोड इलाके में फायरिंग की सूचना पीसीआर कॉल के माध्यम से प्राप्त हुई। सूचना के मुताबिक, कुछ युवक नशे में धुत होकर कई राउंड फायरिंग कर रहे थे, जिसमें एक गोली एक व्यक्ति के पेट में लगी।
पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची और घायल युवक को भगवान महावीर अस्पताल पहुंचाया गया। वहाँ उसकी पहचान भानु (उम्र 26 वर्ष), पुत्र रमेश, निवासी शकूरपुर के रूप में हुई। प्राथमिक जांच में यह सामने आया कि घटना वाल्मीकि कैंप, लॉरेंस रोड इंडस्ट्रियल एरिया के पास घटी थी, जहाँ भानु दिवाली की रात अपनी दादी से मिलने आया था।

सनी उर्फ रफ्तार और टॉमी उर्फ अविनाश गिरफ्तार, तीसरा आरोपी जीशान अब भी फरार
रात लगभग 1:00 से 1:30 बजे के बीच, आरोपी सनी उर्फ रफ्तार, अविनाश उर्फ टॉमी और उनका साथी जीशान नशे की हालत में पटाखे फोड़ रहे थे और सड़क पर गाली-गलौज कर रहे थे। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, जिसमें भानु और उसके मित्र भी शामिल थे। मामूली कहासुनी झगड़े में बदल गई और आरोपी अविनाश उर्फ टॉमी ने अचानक पिस्तौल निकालकर कई राउंड फायर कर दिए। उन्हीं गोलियों में से एक भानु के पेट में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
एफआईआर और पुलिस कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए एफआईआर संख्या 583/25 दर्ज की गई। इसमें धारा 109(1)/3(5) बीएनएस और 27/54/59 शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ।
थाना केशव पुरम पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। एसीपी एफआर सत्येंद्र सिंह, एसएचओ/थाना केशव पुरम और एसीपी/अशोक विहार श्री आकाश रावत के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
इस विशेष टीम में शामिल थे —
एसआई मुकुल, एएसआई जितेंद्र, एचसी मोहित, एचसी संजीव, एचसी रमेश, एचसी जोगिंदर, एचसी अमित, और कॉन्स्टेबल राम किशोर।
टीम को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए कि वे वारदात के तकनीकी व फील्ड दोनों एंगल से जांच करें और जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ें।

नशे और गुंडागर्दी का नतीजा: दिवाली पर गोली चली, पुलिस ने किया केस का खुलासा
जांच: सीसीटीवी और खुफिया सूत्रों ने सुलझाई गुत्थी
पुलिस टीम ने सबसे पहले इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फायरिंग के तुरंत बाद आरोपियों के भागने का रास्ता और दिशा इन फुटेज में स्पष्ट दिख रही थी। इसके बाद पुलिस ने स्थानीय खुफिया सूत्रों को सक्रिय किया और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी।
लगातार कई दिनों की निगरानी और छापेमारी के बाद पुलिस को सफलता मिली। आरोपियों अविनाश उर्फ टॉमी (21 वर्ष) और सनी उर्फ रफ्तार (24 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपराध स्वीकार किया और तीसरे साथी जीशान (निवासी झुग्गियां, पंजाबी बाग) का नाम उजागर किया, जो अभी फरार है।
आरोपियों से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे
पूछताछ के दौरान यह सामने आया कि दोनों आरोपी इलाके में पहले से ही बदनाम हैं और झगड़े-फसाद में शामिल रहते हैं।
- अविनाश उर्फ टॉमी, उम्र 21 वर्ष, निवासी विधवा कॉलोनी, शिवाजी एनक्लेव — एक एनडीपीएस (ड्रग्स) मामले में पहले भी गिरफ्तार हो चुका है। वह नशे का आदी है और अक्सर छोटी चोरी व झगड़ों में शामिल रहता है।
- सनी उर्फ रफ्तार, उम्र 24 वर्ष, निवासी वाल्मीकि कैंप, लॉरेंस रोड — स्थानीय स्तर पर झगड़ों के लिए जाना जाता है, लेकिन उसका कोई पुराना केस रिकॉर्ड नहीं मिला।
अविनाश की निशानदेही पर पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त देशी पिस्तौल बरामद कर ली। पुलिस का कहना है कि फायरिंग उसी हथियार से की गई थी।
स्थानीय भय और पुलिस का भरोसा
घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी। दिवाली की रात जिस समय लोग पूजा-अर्चना और परिवार संग जश्न में डूबे थे, उसी वक्त गोलीबारी की आवाज़ों ने लोगों को डरा दिया। आसपास के निवासियों ने बताया कि वाल्मीकि कैंप क्षेत्र में कुछ युवकों द्वारा नशे और शोर-शराबे की शिकायतें पहले भी कई बार की जा चुकी हैं।
थाना केशव पुरम पुलिस का कहना है कि ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि इलाके में शांति बनी रहे। पुलिस टीम ने कहा कि तीसरे आरोपी जीशान की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है और उसके जल्द पकड़े जाने की उम्मीद है।
जांच टीम की मेहनत को मिली सराहना
उत्तर-पश्चिम जिला के डीसीपी भीष्म सिंह (IPS) ने पूरी टीम को सराहते हुए कहा कि —
“यह केस पुलिस की त्वरित और संगठित कार्यशैली का उदाहरण है। दिवाली जैसी संवेदनशील रात में हुई इस फायरिंग ने शांति व्यवस्था के लिए चुनौती पेश की थी, लेकिन हमारी टीम ने तकनीकी और मानवीय खुफिया इनपुट दोनों का उपयोग कर आरोपियों को गिरफ्तार किया और हथियार बरामद किया। तीसरे आरोपी की तलाश भी जल्द पूरी होगी।”
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डीसीपी ने यह भी जोड़ा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस गश्त और सामुदायिक निगरानी दोनों को मजबूत किया जा रहा है।
कानूनी प्रक्रिया और आगे की जांच
गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उनके आपराधिक नेटवर्क और हथियार की सप्लाई चैन का पता लगाने की कोशिश कर रही है। जांचकर्ता यह भी जानने का प्रयास कर रहे हैं कि क्या फायरिंग में प्रयुक्त पिस्तौल किसी बड़े गैंग या स्थानीय सप्लायर से हासिल की गई थी।
साथ ही, पुलिस तीसरे आरोपी जीशान के कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रेस और सोशल नेटवर्क की जांच कर रही है।
स्थानीय नागरिकों से अपील
दिल्ली पुलिस ने जनता से अपील की है कि इस तरह की घटनाओं या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत 112 हेल्पलाइन या स्थानीय थाना में दें। कई बार छोटे झगड़े या नशे में की गई हरकतें बड़े अपराध का रूप ले लेती हैं — इसलिए लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
अविनाश और सनी: दो चेहरे, एक ही आदत — अपराध की दुनिया में लौटते कदम
दोनों आरोपियों की पृष्ठभूमि इस बात को रेखांकित करती है कि कैसे नशे और बेरोजगारी की वजह से युवा अपराध की राह पकड़ रहे हैं।
अविनाश की गिरफ्तारी के बाद उसकी मां ने पुलिस को बताया कि बेटा पिछले कुछ वर्षों से नशे में डूबा हुआ था और घर का माहौल बिगाड़ चुका था। वहीं सनी इलाके में ‘रफ्तार’ नाम से जाना जाता था और अक्सर मोटरसाइकिल रेसिंग, झगड़ों और शोर-शराबे के लिए बदनाम था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों का संग साथ ही उन्हें इस अंजाम तक ले आया। पुलिस के अनुसार, दोनों को जेल भेजने के साथ-साथ उन पर निगरानी रखी जाएगी ताकि वे दोबारा समाज में शांति भंग न करें।
डीसीपी उत्तर-पश्चिम जिला, श्री भीष्म सिंह (IPS) ने कहा कि —
“हमारी प्राथमिकता समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखना है। किसी भी त्योहारी माहौल को अपराधी तत्वों द्वारा बिगाड़ने नहीं दिया जाएगा। हर ऐसे मामले में पुलिस पूरी सख्ती से पेश आएगी।”

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मुख्य बिंदु एक नजर में
- दिवाली की रात फायरिंग से घायल युवक — भानु (26 वर्ष), निवासी शकूरपुर।
- आरोपियों के नाम — अविनाश उर्फ टॉमी (21 वर्ष), सनी उर्फ रफ्तार (24 वर्ष), तीसरा आरोपी जीशान (फरार)।
- एफआईआर संख्या — 583/25, धारा 109(1)/3(5) बीएनएस एवं 27/54/59 शस्त्र अधिनियम।
- बरामदगी — एक देशी पिस्तौल।
- जांच पर्यवेक्षण — एसीपी सत्येंद्र सिंह, एसएचओ केशव पुरम, एसीपी आकाश रावत।
- जिला डीसीपी — भीष्म सिंह (IPS)।
- तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम सक्रिय।
निष्कर्ष
यह पूरा मामला न केवल पुलिस की दक्षता को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि त्योहारों के दौरान कैसे छोटी सी लापरवाही बड़े अपराध में बदल सकती है।
केशव पुरम थाना पुलिस ने अपनी जांच, त्वरित कार्रवाई और तकनीकी विश्लेषण के दम पर दो अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। अपराध में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी इस केस का अहम पहलू रही, जिससे जांच को मजबूती मिली।