
Delhi Traders Light Candles, Demand Tough Response to Red Fort Attack
Delhi के सदर बाजार में व्यापारियों का कैंडल मार्च — लाल किले ब्लास्ट पीड़ितों को दी गई श्रद्धांजलि
Delhi के दिल कहे जाने वाले सदर बाजार मार्केट में आज शाम एक भावनात्मक माहौल देखने को मिला, जब सैकड़ों व्यापारियों ने लाल किले पर हुए हालिया ब्लास्ट के पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कैंडल मार्च निकाला। पुरानी दिल्ली की भीड़भाड़ और शोर-शराबे के बीच, आज सदर बाजार के गलियारों में एक अलग ही सन्नाटा था — ग़म, एकता और देशभक्ति की भावना से भरा हुआ।
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घटना की पृष्ठभूमि
11 नवंबर की शाम लाल किले मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1, गौरी शंकर मंदिर के पास हुए धमाके ने पूरी दिल्ली को दहला दिया था। इस विस्फोट में कई लोगों की जानें गईं और दर्जनों घायल हुए। राजधानी के इस ऐतिहासिक और अत्यंत संवेदनशील इलाके में हुई यह आतंकी वारदात न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि आम नागरिकों के भीतर भय और आक्रोश भी पैदा करती है।
इस घटना के बाद पूरे दिल्ली में शोक और गुस्से की लहर है। ऐसे में पुरानी दिल्ली के सदर बाजार व्यापारियों ने यह तय किया कि वे केवल दुख व्यक्त नहीं करेंगे, बल्कि देश और सरकार के साथ एकजुटता भी दिखाएँगे।
सदर बाजार का कैंडल मार्च — श्रद्धांजलि और एकजुटता का प्रतीक
शाम 6 बजे से ही सदर बाजार के व्यापारी अपने-अपने प्रतिष्ठानों को जल्दी बंद करने लगे। चाँदनी चौक से लेकर नयी सड़क तक, व्यापारियों ने अपनी दुकानों के बाहर तिरंगा झंडा लगाया और हाथों में मोमबत्तियाँ लेकर एकत्र हुए।
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मार्केट एसोसिएशन के बैनर तले यह कैंडल मार्च सदर बाजार मुख्य चौक से शुरू होकर खारी बावली, नयी सड़क, और अंत में अजमेरी गेट की ओर तक गया। हर तरफ एक ही नारा गूंज रहा था —
“हम शांति चाहते हैं, लेकिन आतंक के खिलाफ सख्त कदम जरूरी हैं!”
मार्च में शामिल व्यापारियों ने लाल किले ब्लास्ट में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा।
व्यापारियों ने सरकार के समर्थन का दिया संदेश
कैंडल मार्च के दौरान कई व्यापारी नेताओं और स्थानीय नागरिकों ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि लाल किले जैसे प्रतीकात्मक स्थल पर हमला केवल दिल्ली नहीं, बल्कि पूरे भारत पर हमला है।
सदर बाजार ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा,
“हमारे देश का गौरव लाल किला सिर्फ एक स्मारक नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता का प्रतीक है। वहाँ ब्लास्ट होना पूरे देश के आत्मसम्मान पर वार है। हम चाहते हैं कि केंद्र सरकार इस घटना के पीछे जो भी आतंकी संगठन हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दे।”

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व्यापारियों का कहना था कि जब देश संकट में होता है, तो व्यापार और अर्थव्यवस्था सब पीछे छूट जाते हैं — इसलिए अब समय आ गया है कि आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए।
जनता के स्वर – “सरकार के साथ हैं हम”
मार्च में शामिल व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों के बाइट्स में एक समान बात उभरी —
“हम सरकार के साथ हैं। इस तरह की घटनाएँ देश की नींव को हिलाने की कोशिश हैं। लेकिन हम नहीं डरेंगे। हमारा संदेश साफ है — जो हमारे देश पर हमला करेगा, उसे करारा जवाब मिलेगा।”
एक महिला व्यापारी ने कहा,
“हमारे बच्चे रोज़ लाल किला देखने जाते हैं। यह सोचकर ही डर लगता है कि अगर यह धमाका किसी और वक्त हुआ होता, तो शायद नुकसान और बड़ा होता। सरकार से अपील है कि दिल्ली की सुरक्षा को और मज़बूत किया जाए।”
कैंडल मार्च में युवाओं की भी भागीदारी
इस कैंडल मार्च में सिर्फ वरिष्ठ व्यापारी ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में युवा पीढ़ी भी शामिल हुई। कॉलेज के छात्र, दुकान में काम करने वाले कर्मचारी, डिलीवरी एजेंट, और स्थानीय निवासी — सभी हाथों में मोमबत्तियाँ लेकर “भारत माता की जय” के नारे लगा रहे थे।
सदर बाजार की गलियाँ जो आम दिनों में कारोबार की हलचल से गूंजती हैं, आज देशभक्ति और एकजुटता की आवाज़ से भर उठीं।
एक युवा व्यापारी ने कहा,
“हमारे दादा-दादी ने आज़ादी देखी थी, और आज हम अपने देश की रक्षा के लिए खड़े हैं। लाल किला हमारे गौरव का प्रतीक है — उस पर हमला हम सब पर हमला है।”

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एक व्यापारी ने कहा,
सुरक्षा पर सवाल और उम्मीदें
व्यापारियों ने कहा कि इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों के कामकाज पर भी कई सवाल उठाए हैं। लाल किला, जो अत्यधिक संरक्षित क्षेत्र है, वहाँ इस तरह का विस्फोट कैसे हुआ?
कई व्यापारियों ने यह सुझाव दिया कि पुरानी दिल्ली के संवेदनशील बाज़ारों में भी सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा गश्त की संख्या बढ़ाई जाए।
“हमारे मार्केट में हर दिन लाखों लोग आते हैं। यहाँ भीड़ सबसे ज्यादा होती है। अगर आतंकी तत्व यहाँ कुछ करने की कोशिश करें, तो उससे निपटने के लिए हमें स्थानीय स्तर पर भी तैयार रहना होगा।”
व्यापारियों की अपील — आतंकवाद को करारा जवाब मिले
कैंडल मार्च के अंत में सभी व्यापारियों ने एक स्वर में सरकार से अपील की कि आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अब केवल बयानबाज़ी से काम नहीं चलेगा, बल्कि ठोस कदम उठाने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
व्यापारियों ने यह भी कहा कि वे केंद्र सरकार के साथ खड़े हैं और जो भी कदम उठाया जाएगा, उसका समर्थन करेंगे।
“हमारे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को हमारा संदेश है — आतंकवाद को जड़ से मिटाने के लिए जो भी सख्त कदम उठाए जाएँगे, सदर बाजार का हर व्यापारी आपके साथ है,” — मार्केट एसोसिएशन के महासचिव ने कहा।
श्रद्धांजलि के साथ संकल्प
कार्यक्रम के अंत में व्यापारियों ने लाल किले ब्लास्ट में मारे गए लोगों के लिए मोमबत्तियाँ रखीं, राष्ट्रगान गाया, और मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
सदर बाजार के मुख्य चौक पर तिरंगे की रोशनी में व्यापारी समुदाय ने यह संकल्प लिया कि वे देश की सुरक्षा और शांति के लिए हमेशा एकजुट रहेंगे।
“हम डरेंगे नहीं, झुकेंगे नहीं — आतंकवाद के खिलाफ दिल्ली की आवाज़, देश की आवाज़ बनेगी।”

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निष्कर्ष
पुरानी दिल्ली का सदर बाजार हमेशा से दिल्ली की आत्मा रहा है — यहाँ की रौनक, मेहनत और भाईचारा इसकी पहचान है। आज जब इस बाज़ार के व्यापारी एक साथ मोमबत्तियाँ लेकर सड़कों पर उतरे, तो यह सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं थी, बल्कि एक संदेश था —
“देश पर हमला, हम सब पर हमला है।”