
Delhi Police Crack Big ATM Fraud Case, Mastermind Sanjeev Arora Arrested
तिलक नगर में एटीएम फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश, 42 लाख की नकदी बरामद, तीन गिरफ्तार
पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर इलाके में Delhi Police ने एक बड़े और संगठित एटीएम फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से कुल 42,57,000 रुपये की धोखाधड़ी से प्राप्त नकदी बरामद की गई। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह अलग-अलग बैंकों के एटीएम से फर्जी कार्ड और बैंक खातों के डेटा का इस्तेमाल कर अवैध निकासी करता था।
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तिलक नगर थाना पुलिस की सतर्क टीम ने पिछले कुछ हफ्तों से इलाके में चल रही संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखी और इस गिरोह की पकड़ में बड़ी सफलता हासिल की। अधिकारियों ने कहा कि यह गिरोह अत्यंत संगठित और पेशेवर था, और इनके द्वारा किया गया अपराध बड़े पैमाने पर योजना के तहत संचालित होता था।
पुलिस की सतर्कता और गिरफ्तारी का क्रम
12 नवंबर 2025 को पुलिस को सूचना मिली कि गिरोह का एक सदस्य शीला माता रोड स्थित इंडियन बैंक एटीएम पर अवैध नकद निकासी के लिए आने वाला है। इस सूचना के आधार पर तिलक नगर पुलिस ने एटीएम के आसपास निगरानी तैनात की।
सख्त सतर्कता और रणनीतिक निगरानी के बाद आरोपी सिमरन संधू को एटीएम पर कैश निकालते समय गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके कामकाज की जानकारी दी।
इसके बाद पुलिस ने संजीव अरोड़ा और विक्की टंडन को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि संजीव अरोड़ा गिरोह का मास्टरमाइंड है। वह पहले भी विभिन्न राज्यों की पुलिस और सीबीआई की गिरफ्त में आ चुका है। वहीं, विक्की टंडन बैंक खातों की जानकारी उपलब्ध कराता था।
गिरोह के पास से कुल 16 फर्जी एटीएम कार्ड, एक स्कूटी और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए। इन उपकरणों का उपयोग आरोपी नकदी निकालने और अपने संपर्क बनाए रखने के लिए करते थे।

Three Arrested in Delhi ATM Scam; Fake Cards and Huge Cash Seized
फर्जी एटीएम कार्ड और बैंक खातों का खेल
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य विभिन्न बैंकों के एटीएम में फर्जी कार्ड का इस्तेमाल करके नकदी निकालते थे। यह गिरोह काफी योजनाबद्ध तरीके से काम करता था।
- सिमरन संधू सीधे एटीएम से नकद निकालता था।
- विक्की टंडन खातों की जानकारी उपलब्ध कराता था।
- संजीव अरोड़ा फर्जी एटीएम कार्ड सप्लाई करता था।
इस तरह के क्रॉस-फंक्शनल कार्य ने गिरोह को काफी समय तक पुलिस की पकड़ से दूर रखा। फर्जी कार्ड और खातों के डेटा के संयोजन के कारण, यह गिरोह अलग-अलग बैंक शाखाओं से बड़ी रकम निकालने में सक्षम था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संजीव अरोड़ा और विक्की टंडन के खिलाफ पहले भी साइबर फ्रॉड और बैंक धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। यह स्पष्ट करता है कि गिरोह का नेतृत्व पहले से अनुभवी अपराधियों द्वारा किया जा रहा था।
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बरामद नकदी और उपकरण
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने कुल 42,57,000 रुपये नकद बरामद किए। इस रकम का स्रोत फर्जी एटीएम कार्ड और खातों से निकाली गई थी।
साथ ही पुलिस ने गिरोह के पास से अन्य अहम उपकरण बरामद किए:
- 16 फर्जी एटीएम कार्ड
- एक स्कूटी, जिसका उपयोग आरोपी एटीएम तक पहुंचने और भागने के लिए करते थे
- तीन मोबाइल फोन, जिनसे गिरोह के सदस्य आपस में संपर्क बनाए रखते थे
पुलिस ने कहा कि ये उपकरण जांच के लिए महत्वपूर्ण सबूत हैं और अदालत में भी इस्तेमाल किए जाएंगे।

ATM Fraud in West Delhi Solved: Three Held, Massive Cash Seized
तीन गिरफ्तार आरोपी और उनका प्रोफ़ाइल
1. संजीव अरोड़ा — मास्टरमाइंड
- मास्टरमाइंड और गिरोह का प्रमुख
- पहले भी विभिन्न राज्यों की पुलिस और सीबीआई की गिरफ्त में आ चुके हैं
- फर्जी एटीएम कार्ड उपलब्ध कराता था
- गिरोह के आपराधिक इतिहास में कई साइबर फ्रॉड मामले शामिल
2. विक्की टंडन — बैंक अकाउंट डेटा सप्लायर
- खातों की जानकारी जुटाने और गिरोह के सदस्यों तक पहुंचाने में मुख्य
- पहले भी बैंक धोखाधड़ी में शामिल
- गिरोह की योजनाओं में तकनीकी मदद प्रदान करता था
3. सिमरन संधू — एटीएम ऑपरेटर
- सीधे नकद निकालने का कार्य करता था
- फर्जी एटीएम कार्ड का प्रयोग कर ट्रांज़ैक्शन करता था
- पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी
पुलिस ने बताया कि इन तीनों के अलावा कुछ अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
गिरोह की कार्यप्रणाली और रणनीति
पुलिस के मुताबिक, गिरोह काफी पेशेवर तरीके से काम करता था। फर्जी कार्ड और बैंक डेटा का संयोजन उन्हें लंबे समय तक पकड़ से बचाए रखता था। गिरोह की कार्यप्रणाली इस प्रकार थी:
- डेटा इकट्ठा करना – विक्की टंडन खातों का विवरण जुटाता था।
- फर्जी कार्ड तैयार करना – संजीव अरोड़ा द्वारा फर्जी एटीएम कार्ड बनाए जाते थे।
- नकदी निकालना – सिमरन संधू और अन्य सदस्य एटीएम से नकदी निकालते थे।
- संचार और रूटिंग – मोबाइल फोन और स्कूटी का इस्तेमाल गिरोह के संपर्क और एटीएम तक पहुंचने के लिए किया जाता था।
इस तरह की रणनीति के कारण गिरोह ने कई महीनों तक पुलिस की नजरों से बचकर काम किया।
पुलिस की रणनीतिक कार्रवाई और सफलता
तिलक नगर पुलिस की सतर्कता, क्षेत्र में सक्रिय निगरानी और सूचना के आधार पर कार्रवाई ने इस गिरोह को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई। अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय समुदाय से मिली ताजा सूचना ने पुलिस को सही समय पर कार्रवाई करने में मदद की।
पुलिस टीम ने 12 नवंबर को मिली सूचना के आधार पर एटीएम के आसपास निगरानी की और आरोपी को कैश निकालते समय पकड़ लिया। इसके बाद पूछताछ और रिकार्ड की समीक्षा से बाकी सदस्यों तक पहुंच संभव हुई।
जांच की आगे की दिशा
पुलिस ने कहा कि अभी गिरोह के कुछ सदस्य फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या और बैंक खातों का उपयोग किया गया है और कितनी राशि अभी तक अवैध तरीके से निकाली जा सकती है।
साथ ही पुलिस यह भी देख रही है कि गिरोह की गतिविधियाँ केवल दिल्ली तक सीमित थीं या अन्य राज्यों में भी अपराध कर रहे थे। अधिकारियों ने कहा कि इस गिरोह के अन्य मामले और तकनीकी डेटा की जाँच की जा रही है।
समुदाय और सुरक्षा संदेश
पुलिस ने स्थानीय समुदाय को सावधान रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि फर्जी एटीएम कार्ड और बैंक डेटा का दुरुपयोग लगातार बढ़ रहा है, इसलिए सतर्कता आवश्यक है।
इस कार्रवाई ने यह संदेश भी दिया है कि पुलिस की सतर्कता और सक्रिय कार्रवाई किसी भी अपराध को रोकने में प्रभावी साबित हो सकती है।

West Delhi ATM Fraud: Three Arrested Including Mastermind, Further Investigation Underway
निष्कर्ष
पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर में हुई यह बड़ी कार्रवाई दिल्ली पुलिस की दक्षता और सतर्कता को दर्शाती है। तीन मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी, 42 लाख रुपये की नकदी और फर्जी एटीएम कार्डों की बरामदगी ने अपराधियों के लिए संदेश भेजा है कि पुलिस किसी भी तरह की धोखाधड़ी और साइबर अपराध को बर्दाश्त नहीं करेगी।
पुलिस ने यह भी कहा कि आगे की जांच जारी है और अन्य फरार सदस्यों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में तकनीकी और फोरेंसिक जांच से अपराध की गहराई तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।