Delhi Businessmen Cheated: The Luxury Holiday Scam Involving Fake Tickets

Impending December/January Bookings in Doubt After Major Delhi Travel Fraud Uncovered Delhi और गुड़गांव में ट्रैवल फ्रॉड का बड़ा खुलासा, जाली दस्तावेज़ों से ग्राहकों को

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Impending December/January Bookings in Doubt After Major Delhi Travel Fraud Uncovered

Delhi और गुड़गांव में ट्रैवल फ्रॉड का बड़ा खुलासा, जाली दस्तावेज़ों से ग्राहकों को बनाया गया शिकार

राष्ट्रीय राजधानी Delhi में एक संगठित ट्रैवल फ्रॉड का बड़ा मामला सामने आया है, जिसने कई कारोबारियों और आम नागरिकों को लग्जरी छुट्टियों के नाम पर लाखों रुपये की चपत लगाई है। गुड़गांव निवासी संदीप चौधरी और उनकी बेटी मलिका चौधरी कपूर पर अपनी ट्रैवल फर्मों ‘द वॉयज इम्पेक्स’ और ‘द वॉयज टूर्स’ के माध्यम से एक बड़े घोटाले को अंजाम देने का आरोप लगा है।

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यह मामला तब प्रकाश में आया जब साउथ दिल्ली के नेब सराय पुलिस स्टेशन में व्यवसायी विकास त्रेहन की ओर से पिता-पुत्री के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि आरोपी जोड़ी एक पोंजी स्कीम की तर्ज पर एक फर्जी ट्रैवल कंपनी चला रही थी, जहाँ ग्राहकों को फंसाने के लिए जाली दस्तावेज़ों, नकली होटल कन्फर्मेशन कार्ड और फर्जी फ्लाइट टिकटों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस शुरुआती शिकायत के बाद, पीड़ितों की एक लंबी कतार सामने आ गई है, जिससे यह घोटाला अनुमान से कहीं अधिक बड़ा होने का संकेत दे रहा है।

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फर्जी ट्रैवल वाउचर और पोंजी स्कीम का मॉडल

आरोपी संदीप चौधरी और मलिका चौधरी कपूर ग्राहकों को लुभाने के लिए एक विशेष रणनीति का इस्तेमाल करते थे। वे तथाकथित ‘कॉर्पोरेट ट्रैवल वाउचर’ की पेशकश करते थे, जिसके तहत ग्राहकों को बाजार मूल्य से काफी कम दामों पर आलीशान, 5-स्टार रिसॉर्ट्स और महंगे विदेशी हॉलिडे पैकेज का झांसा दिया जाता था। यह भारी-भरकम छूट और लग्जरी पैकेज का आकर्षण ही वह जाल था जिसमें भोले-भाले ग्राहक फंसते चले गए।

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शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इस पूरे धंधे का संचालन एक पोंजी स्कीम की तरह किया जा रहा था, जहाँ नए ग्राहकों से मिलने वाला पैसा शायद पुराने ग्राहकों के कथित ‘रिफंड’ या सीमित बुकिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता था, ताकि एक भ्रम की स्थिति बनी रहे। हालांकि, जब वास्तविक यात्रा का समय आता था, तो ग्राहकों को पता चलता था कि उनकी बुकिंग या तो अस्तित्व में ही नहीं है या अचानक रद्द कर दी गई है। इस पूरे ऑपरेशन का आधार जाली दस्तावेज़ थे—होटल की फर्जी पुष्टि, नकली यात्रा वाउचर और यहाँ तक कि हवाई अड्डे पर काम न आने वाले फर्जी फ्लाइट टिकट।

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पीड़ितों के चौंकाने वाले अनुभव: फुकेट से लेकर हंगरी तक

इस धोखाधड़ी के पीड़ितों के अनुभव स्तब्ध कर देने वाले हैं, जो इस घोटाले की गंभीरता को दर्शाते हैं:

  1. हर्षदीप सेठी (दिल्ली के व्यवसायी): यह इस मामले की पहली दर्ज शिकायत थी। सेठी को जून 2025 में थाईलैंड के फुकेट के लिए फैमिली ट्रिप की बुकिंग के नाम पर ठगा गया था। मलिका चौधरी ने उन्हें मार्केट से कम दामों पर आलीशान 5 स्टार रिसॉर्ट्स में ठहरने का प्रस्ताव दिया। पूरा भुगतान करने के बाद, उन्हें कटथानी फुकेट बीच रिसॉर्ट का एक वाउचर मिला। शुरू में होटल ने इसकी वैधता की पुष्टि भी की, लेकिन कुछ ही दिनों बाद बुकिंग अचानक रद्द कर दी गई। जब सेठी ने ऑपरेटरों से संपर्क करने की कोशिश की, तो कोई जवाब नहीं मिला, और बाद में पता चला कि दिए गए दस्तावेज़ जाली थे।
  2. अर्श बहरी (दिल्ली के व्यवसायी): इन्होंने जापान के लिए हॉलिडे पैकेज बुक किया था। उनके पैकेज के लिए पूरा भुगतान स्वीकार कर लिया गया, लेकिन जब यात्रा का समय आया तो उन्हें पता चला कि होटल में कोई बुकिंग हुई ही नहीं है।
  3. जयपुर के व्यवसायी का भयावह अनुभव: एक और अत्यंत गंभीर मामले में, जयपुर के एक व्यवसायी अपनी यात्रा के लिए हवाई अड्डे पर पहुँचे, जहाँ उन्हें पता चला कि उनके टिकट नकली थे। टिकटों के फर्जी होने के कारण वह हंगरी में फँस गए। इस घटना से न केवल उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि सार्वजनिक रूप से शर्मिंदगी भी उठानी पड़ी।
  4. कश्मीर के उद्यमी: इन्होंने अपने परिवार के साथ वियतनाम में छुट्टियां बिताने के लिए पैकेज बुक किया और पूरा भुगतान कर दिया। यात्रा शुरू होने से ठीक एक दिन पहले, संदीप चौधरी के वकील ने उन्हें ट्रिप कैंसिल होने की सूचना दी। इसके तुरंत बाद मलिका चौधरी ने उनसे सभी संपर्क तोड़ दिए।

ये मामले इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि पिता-पुत्री की यह जोड़ी सुनियोजित तरीके से एक के बाद एक लोगों को ठग रही थी, जिससे पीड़ितों को न केवल वित्तीय हानि हुई, बल्कि उनकी छुट्टियों और प्रतिष्ठा को भी गहरा आघात लगा।

धमकी और आपराधिक पृष्ठभूमि

धोखाधड़ी का यह मामला तब और भी गंभीर हो जाता है जब पीड़ितों ने अपने पैसे वापस मांगने की कोशिश की। पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने अपने ठगे गए पैसे वापस मांगे, तो संदीप चौधरी और मलिका चौधरी कपूर ने कथित तौर पर अपने वकील के माध्यम से उन्हें धमकी दी। धमकी में कहा गया था कि यदि पीड़ितों ने पैसा वापस मांगा, तो वे आत्महत्या का झूठा प्रयास करेंगे और शिकायतकर्ताओं को फंसा देंगे। इस प्रकार, पैसे वापस मांगने वाले पीड़ितों को कानूनी उलझनों और व्यक्तिगत खतरे की धमकी देकर चुप कराने की कोशिश की गई।

सूत्रों से यह भी पता चलता है कि आरोपी पिता-पुत्री का आपराधिक रिकॉर्ड हो सकता है। जानकारी के अनुसार, उन पर पहले भी इसी तरह की धोखाधड़ी के आरोप लग चुके हैं, जिनमें दिल्ली के करोल बाग इलाके में कई ज्वैलर्स को ठगने की खबरें भी शामिल हैं। पिछली शिकायतों और कानूनी कार्रवाई के बावजूद, ऐसा प्रतीत होता है कि उनका अवैध धंधा बेरोकटोक जारी रहा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे कानून की पकड़ से बचने के तरीकों में माहिर हो चुके थे।

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आगामी चिंताएँ और पुलिस पर दबाव

इस बड़े खुलासे के बीच, चिंता का एक और विषय उभरकर सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, आरोपी फर्मों के माध्यम से आगामी दिसंबर और जनवरी के महीनों के लिए कई अन्य ट्रिप पहले से ही बुक हैं। जो ग्राहक अब तक इस घोटाले से अनभिज्ञ थे, वे अब अपनी यात्राओं के रद्द होने और अपने पैसे डूबने को लेकर गंभीर रूप से चिंतित हैं।

इस धोखाधड़ी की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस समय पंद्रह से अधिक पीड़ित सामने आ चुके हैं। ये सभी पीड़ित वर्तमान में चौधरी पिता-पुत्री के खिलाफ नई शिकायतें दर्ज कराने और दिल्ली पुलिस आयुक्त को एक औपचारिक अभ्यावेदन (Representation) देने की तैयारी कर रहे हैं। पीड़ितों ने जांचकर्ताओं से आग्रह किया है कि आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत धोखाधड़ी (Fraud), जालसाजी (Forgery) और आपराधिक षडयंत्र (Criminal Conspiracy) सहित अन्य गंभीर अपराधों के लिए मामला दर्ज किया जाए।

पुलिस और जांच एजेंसियों पर अब इस पोंजी-स्टाइल ट्रैवल फ्रॉड को जल्द से जल्द बेनकाब करने और पीड़ितों को न्याय दिलाने का भारी दबाव है। इस मामले में आगे की जांच जारी है, जिससे उम्मीद है कि ठगी गई राशि और पीड़ितों की कुल संख्या का सही आकलन किया जा सकेगा।

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