इसी क्रम में चौकी इंचार्ज सेक्टर-10, एसआई रजत मलिक के नेतृत्व में एक समर्पित टीम गठित की गई। टीम में हेड कांस्टेबल प्रवेश दहिया और हेड कांस्टेबल पवन शामिल थे। पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी द्वारका साउथ इंस्पेक्टर राजेश कुमार साह की निगरानी में तथा एसीपी द्वारका किशोर कुमार रेवाला के मार्गदर्शन में की गई।

द्वारका जिला पुलिस को उद्घोषित अपराधियों के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस पोस्ट सेक्टर-10, द्वारका साउथ थाना की टीम ने एक साल से फरार चल रहे उद्घोषित अपराधी देबमाल्या कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी को माननीय न्यायालय द्वारा 13 मार्च 2025 को Proclaimed Offender घोषित किया गया था।
डीसीपी द्वारका जिला के निर्देश पर जिले के सभी एसीपी, एसएचओ और इंचार्ज को उद्घोषित अपराधियों और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों के गठन का आदेश दिया गया था। इसी क्रम में चौकी इंचार्ज सेक्टर-10, एसआई रजत मलिक के नेतृत्व में एक समर्पित टीम गठित की गई। टीम में हेड कांस्टेबल प्रवेश दहिया और हेड कांस्टेबल पवन शामिल थे। पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी द्वारका साउथ इंस्पेक्टर राजेश कुमार साह की निगरानी में तथा एसीपी द्वारका किशोर कुमार रेवाला के मार्गदर्शन में की गई।
पुलिस टीम ने मैनुअल और तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपी के बारे में जानकारी जुटाई। लगातार फील्ड में मेहनत, गुप्त सूचनाओं और तकनीकी विश्लेषण के बाद 26 दिसंबर 2025 को आरोपी देबमाल्या कुमार पुत्र सुब्रत कुमार, निवासी ए-111, चौथी मंजिल, गणेश नगर, तिलक नगर, दिल्ली, उम्र 42 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ एचडीएफसी बैंक लिमिटेड बनाम देबमाल्या कुमार के मामले में चेक बाउंस से संबंधित केस संख्या 986/2020 दर्ज है। यह मामला माननीय मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट, एनआई एक्ट डिजिटल कोर्ट-05 की अदालत में लंबित था, जहां से आरोपी को उद्घोषित अपराधी घोषित किया गया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को संबंधित केस में न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
द्वारका जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उद्घोषित अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत किया जा सके और कानून से फरार आरोपियों को समय पर गिरफ्तार किया जा सके।