

दिल्ली | आदर्श नगर विधानसभा
राजधानी दिल्ली के आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र से एक गंभीर जनसमस्या सामने आई है, जहाँ एक गली में लंबे समय से कूड़े का अंबार, गड्ढे और गंदे पानी का जलभराव बना हुआ है। इस स्थिति के कारण स्थानीय लोग मच्छरों, कीटाणुओं और अनेक बीमारियों से जूझने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस गली में न तो नियमित साफ-सफाई होती है और न ही समय पर कूड़ा उठाया जाता है।
यह मामला आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र के शाह आलमबाग रोड की बैक साइड स्थित एक गली का बताया जा रहा है, जहाँ हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं।
गली बनी गंदगी और बीमारियों का केंद्र
स्थानीय लोगों के अनुसार, गली में जगह-जगह कूड़ा फैला हुआ है और कई स्थानों पर गहरे गड्ढों में गंदा पानी जमा रहता है। यह जमा हुआ पानी मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बन गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है।
गली में रहने वाले एक परिवार के सदस्य ने बताया—
“यहाँ रहना अब मुश्किल हो गया है। चारों तरफ बदबू फैली रहती है, मच्छरों की भरमार है और बच्चे व बुज़ुर्ग सबसे ज़्यादा प्रभावित हो रहे हैं।”
कभी नहीं होती नियमित साफ-सफाई
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस गली में नियमित रूप से कभी भी सफाई नहीं होती। कई-कई दिनों तक कूड़ा पड़ा रहता है और नगर निगम की गाड़ियाँ भी इस गली में नहीं आतीं। बारिश के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जब गंदा पानी सड़कों और घरों के सामने जमा हो जाता है।
एक अन्य निवासी ने कहा—
“कूड़ा उठाने कोई नहीं आता। अगर कभी-कभार कोई कर्मचारी आता भी है, तो आधा कूड़ा छोड़कर चला जाता है।”
निगम पार्षद के कार्यालय में शिकायत, फिर भी नहीं मिली राहत
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय निगम पार्षद मुकेश गोयल के कार्यालय में लिखित और मौखिक शिकायतें दी हैं। बावजूद इसके, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
स्थानीय जनता का कहना है कि जब भी वे शिकायत लेकर निगम पार्षद के कार्यालय जाते हैं, तो उन्हें केवल आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई काम नहीं होता।
एक निवासी ने नाराज़गी जताते हुए कहा—
“हमने बार-बार शिकायत की, लेकिन हर बार कहा जाता है कि देख लेंगे। आज तक कुछ नहीं हुआ।”
जनता का आरोप: शिकायतें केवल कागज़ों तक सीमित
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निगम पार्षद के कार्यालय में दी गई शिकायतें केवल फाइलों तक सीमित रह जाती हैं। न तो सफाई व्यवस्था सुधरती है और न ही जलभराव की समस्या का समाधान निकलता है।
लोगों का कहना है कि इस लापरवाही के कारण उन्हें रोज़मर्रा की ज़िंदगी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है और बुज़ुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
विधायक और निगम प्रशासन पर भी सवाल
स्थानीय जनता का कहना है कि इस समस्या को लेकर न तो निगम पार्षद और न ही स्थानीय विधायक की ओर से कोई गंभीर पहल देखने को मिली है। लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के समय दिखाई देते हैं, जबकि रोज़मर्रा की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।
एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा—
“जब वोट मांगने की बात होती है, तब सब आते हैं। लेकिन जब जनता परेशानी में होती है, तब कोई सुनने वाला नहीं होता।”
गंदगी से फैल रही बीमारियाँ, लोग भयभीत
स्थानीय लोगों के अनुसार, गली में फैली गंदगी और जलभराव के कारण कई लोग पहले ही बीमार पड़ चुके हैं। बुखार, त्वचा रोग और पेट से संबंधित बीमारियों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह स्थिति किसी बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।
“राजनीति अपनी जगह, जनता की परेशानी अलग” – स्थानीय लोग
स्थानीय जनता का आरोप है कि सरकार और जनप्रतिनिधि आपसी राजनीतिक खींचतान में उलझे हुए हैं, जबकि आम जनता को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।
एक बुज़ुर्ग निवासी ने कहा—
“अगर राजनीति खेलनी है तो आपस में खेलिए, लेकिन जनता को क्यों परेशान किया जा रहा है? हमें साफ़-सुथरा माहौल चाहिए, राजनीति नहीं।”
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
स्थानीय निवासियों ने नगर निगम और जिला प्रशासन से मांग की है कि इस गली में तत्काल साफ-सफाई कराई जाए, जलभराव की समस्या को स्थायी रूप से दूर किया जाए और नियमित रूप से कूड़ा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे मजबूर होकर प्रदर्शन और धरना करने का रास्ता अपनाएंगे।
क्या कहते हैं नियम और जिम्मेदारियाँ?
नगरीय प्रशासन के नियमों के अनुसार, प्रत्येक वार्ड में नियमित सफाई, कूड़ा उठाने और जलभराव रोकने की जिम्मेदारी नगर निगम की होती है। इसके बावजूद आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र की इस गली में हालात यह सवाल खड़े करते हैं कि जिम्मेदार विभाग आखिर क्यों निष्क्रिय है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
इस पूरे मामले में अब तक न तो निगम पार्षद कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है और न ही स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन। इस चुप्पी को लेकर जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
राजधानी दिल्ली के आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र की यह गली आज गंदगी, जलभराव और बीमारियों का प्रतीक बन चुकी है। स्थानीय लोग लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन समाधान के नाम पर उन्हें केवल निराशा हाथ लग रही है।
यह मामला न केवल सफाई व्यवस्था की विफलता को उजागर करता है, बल्कि यह भी सवाल उठाता है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की जवाबदेही आखिर कहाँ है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर जनसमस्या पर कब तक ध्यान देता है और कब तक स्थानीय लोगों को राहत मिलती है।