
Haryana Day Inspires Citizens: Massive Voluntary Blood Donation by Dr. Verma
Haryana दिवस के अवसर पर करनाल में 567वां स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित, डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने दी प्रेरणा
करनाल। Haryana दिवस के पावन अवसर पर राज्यवासियों ने सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय सेवा के प्रतीक स्वरूप एक अनूठा संदेश दिया। इस अवसर पर हरियाणा राज्य परिवहन करनाल के महाप्रबंधक श्री कुलदीप सिंह के मार्गदर्शन में करनाल बस अड्डे पर आयोजित किया गया 567वां स्वैच्छिक रक्तदान शिविर इस बात का उदाहरण है कि मानवीय सेवा और रक्तदान के माध्यम से समाज में जीवन रक्षा का महत्व कितनी गहराई से स्थापित किया जा सकता है।
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इस विशेष शिविर का आयोजन डॉ. अशोक कुमार वर्मा द्वारा किया गया, जो न केवल एक राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता और राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित डायमंड रक्तदाता हैं, बल्कि पर्यावरण प्रहरी के रूप में भी अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। डॉ. अशोक कुमार वर्मा का योगदान समाज में मानवीय सेवा और स्वास्थ्य संवर्धन के क्षेत्र में अतुलनीय माना जाता है। उन्होंने अपने जीवन में अब तक 179 बार रक्तदान किया है, 88 बार प्लेटलेट्स दान की हैं और एक बार प्लाज़्मा दान करके समाज के प्रति अपनी गहरी जिम्मेदारी दिखाई है। उनका यह समर्पण युवाओं और समाज के सभी वर्गों के लिए प्रेरणास्रोत है।
शिविर का उद्घाटन हरियाणा परिवहन समस्त कार्यकारिणी संघ ट्रेड यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष महिंद्र सिंह गौड़ ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। उन्होंने सभी रक्तदाताओं को बैज प्रदान किए और रक्तदान को पुण्य का कार्य बताते हुए कहा कि हर स्वस्थ व्यक्ति को यह नैतिक और सामाजिक दायित्व समझते हुए नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए। महिंद्र सिंह गौड़ ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि रक्तदान केवल मानवता की सेवा नहीं है, बल्कि यह समाज के लिए जीवनदायिनी योगदान भी है।
शिविर की अध्यक्षता कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सेवानिवृत सहायक कुलसचिव दविंद्र सचदेवा ने की। उन्होंने कहा कि रक्तदान समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ने वाला कार्य है। रक्तदान के माध्यम से हम न केवल किसी व्यक्ति के जीवन की रक्षा करते हैं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य और सेवा के प्रति जागरूकता भी फैलाते हैं।
डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने अपने उद्घाटन संबोधन में रक्तदान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “रक्त किसी कारखाने में नहीं बन सकता। यह जीवन का अमूल्य उपहार है। प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को इस उपहार को दूसरों तक पहुँचाना चाहिए। रक्तदान से शरीर को कोई क्षति नहीं होती, बल्कि यह शरीर में नए खून के निर्माण और स्वास्थ्य को भी बनाए रखने में मदद करता है। रक्तदान केवल एक सामाजिक सेवा नहीं है, बल्कि यह जीवन और मानवता की सेवा है।”

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शिविर में क्षेत्रीय रक्त संचरण अधिकारी डॉ. संजय वर्मा और उनकी टीम ने सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने 27 इकाई रक्त संग्रहित किया, जिससे कई जरूरतमंदों के जीवन में नई उम्मीद जगी। शिविर में उपस्थित अन्य सहयोगियों और स्वयंसेवकों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में करनाल के कई युवाओं ने भाग लिया। अवनीत कुमार, प्रदीप कुमार, सलिंद्र कुमार, विनोद कुमार, सौरभ कश्यप, शुभम, राजेश, विकास, अजय कुमार, अंकुश शर्मा, मुकेश शर्मा, सुल्तान सिंह, भरत, सोनू, वीरेंदर सिंह, बलवान सिंह, धर्मबीर, विकास कुमार, सतबीर सिंह, रवि, मुकिल, अरविन्द, सुमित, राजबीर, प्रदीप और धर्मपाल सहित कई अन्य लोगों ने रक्तदान कर समाज और मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।
इस अवसर पर डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि रक्तदान केवल जीवन बचाने का कार्य नहीं है, बल्कि यह हमारे अंदर सहानुभूति, करुणा और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को भी विकसित करता है। उन्होंने युवाओं को आवाहन किया कि वे रक्तदान को नियमित जीवनशैली का हिस्सा बनाएं और इसे केवल एक अवसर विशेष तक सीमित न रखें।
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महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने इस शिविर के महत्व को बताते हुए कहा कि हरियाणा राज्य परिवहन के तहत आयोजित यह 567वां रक्तदान शिविर इस बात का प्रमाण है कि कर्मचारियों और आम जनता में समाज सेवा की भावना कितनी प्रबल है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम केवल रक्तदान तक सीमित नहीं रहते, बल्कि यह समाज में स्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक सहयोग और मानवता के प्रति प्रतिबद्धता को भी बढ़ावा देते हैं।
डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने शिविर में यह भी उल्लेख किया कि रक्तदान के माध्यम से हम न केवल दूसरों की जीवन रक्षा करते हैं, बल्कि स्वयं को मानसिक और शारीरिक रूप से भी सशक्त बनाते हैं। रक्तदान के समय शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है, नई कोशिकाओं का निर्माण होता है और रक्त का संपूर्ण स्वास्थ्य बेहतर होता है। उन्होंने कहा कि यह सभी के लिए लाभकारी प्रक्रिया है और इसे समाज में फैलाना अत्यंत आवश्यक है।
शिविर के दौरान सामाजिक और स्वास्थ्य सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न स्लोगन और पोस्टर लगाए गए। “रक्तदान जीवनदान है”, “स्वस्थ जीवन, स्वस्थ समाज”, “रक्त दान से बचाएं जीवन” जैसे संदेशों के माध्यम से उपस्थित लोगों को रक्तदान के महत्व और लाभ के बारे में बताया गया।
शिविर में उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को रक्तदान की प्रक्रिया को समझना चाहिए और इसे नियमित जीवन में अपनाना चाहिए। इसके अलावा, समाज के कमजोर वर्ग और जरूरतमंदों के लिए रक्तदान एक अमूल्य योगदान है।
इस अवसर पर यह भी देखा गया कि रक्तदान शिविर में शामिल युवाओं और स्वयंसेवकों ने अत्यंत अनुशासन और उत्साह के साथ काम किया। उन्होंने प्रत्येक रक्तदाता की सुविधा और स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए सुनिश्चित किया कि कोई भी कठिनाई या असुविधा न हो।

शिविर का समापन डॉ. अशोक कुमार वर्मा द्वारा किया गया। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों, रक्तदाताओं, स्वयंसेवकों और आयोजकों का धन्यवाद किया और कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में मानवता, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा और पूरे देश में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है।
इस प्रकार हरियाणा दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित यह रक्तदान शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह समाज में मानवता, सेवा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रतीक बन गया। यह संदेश देता है कि रक्तदान केवल जीवन बचाने का कार्य नहीं है, बल्कि यह समाज में सहयोग, करुणा और मानवता की भावना को भी मजबूती देता है।