
स्पेशल स्टाफ की टीम ने उत्तर-पश्चिम जिले में 6 फरार अपराधियों को पकड़ा
दिल्ली पुलिस उत्तर-पश्चिम जिला की सराहनीय कार्रवाई: 7 उद्घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी और ट्रेसिंग
नई दिल्ली, 15 सितंबर 2025: दिल्ली पुलिस उत्तर-पश्चिम जिले की टीमों ने अपनी तत्परता, समर्पण और उत्कृष्ट योजना के बल पर 7 उद्घोषित अपराधियों को गिरफ्तार या ट्रेस करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में उत्तर-पश्चिम जिले की स्पेशल स्टाफ और थाना महेन्द्रा पार्क की समर्पित पीओ टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह कार्रवाई न केवल अपराधियों पर शिकंजा कसने के उद्देश्य से की गई, बल्कि यह भी साबित करती है कि दिल्ली पुलिस किसी भी हाल में कानून की रक्षा और अपराधियों की गिरफ्तारी में पीछे नहीं हटती।
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इस बड़ी कार्रवाई का नेतृत्व उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस के उपायुक्त, श्री भीष्म सिंह IPS ने किया। उन्होंने इस ऑपरेशन को विशेष रूप से सराहनीय बताया क्योंकि यह जनता में पुलिस के प्रति विश्वास को मजबूत करता है और अपराधियों को कानून के कटघरे में लाने का संदेश देता है।
स्पेशल स्टाफ/उत्तर-पश्चिम जिला की भूमिका
स्पेशल स्टाफ और उत्तर-पश्चिम जिला की टीम ने 6 उद्घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया। इस टीम का नेतृत्व SI सुरेन्द्र, ASI सुरेन्द्र दहिया और महिला कांस्टेबल ऋतु ने किया। इन अपराधियों की गिरफ्तारी कई मामलों में अदालत द्वारा उन्हें उद्घोषित अपराधी घोषित करने के बाद की गई थी।

- उत्तर-पश्चिम जिले में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस ने अंजाम दी सफल कार्रवाई
- रविन्द्र सिंह (61 वर्ष)
- पिता: स्व. श्री दलेल सिंह
- पता: मकान संख्या-112, गांव मंगोलपुर खुर्द, दिल्ली
- अदालत द्वारा उद्घोषित: श्री श्रेया सिंह, जेएमएफसी, डिजिटल कोर्ट-08, द्वारका कोर्ट, नई दिल्ली (23/07/2025)
- संबंधित मामले:
- CC नंबर 20339/2022, धारा 138 एनआई एक्ट, थाना द्वारका साउथ
- CC नंबर 31184/2021, धारा 138 एनआई एक्ट, थाना द्वारका साउथ
- CC नंबर 17958/2022, धारा 138 एनआई एक्ट, थाना द्वारका साउथ
- विकास भसीन (51 वर्ष)
- पिता: स्व. श्री विनोद कुमार
- पता: मकान संख्या C3/145, जनकपुरी, दिल्ली
- अदालत द्वारा उद्घोषित: श्री ओमपाल शोकीन, एमएम (पश्चिम) THC कोर्ट, दिल्ली (04/08/2023)
- मामला: CC नंबर 8836/2019, धारा 138 एनआई एक्ट, थाना कीर्ति नगर
- मनोज @ बंटी (34 वर्ष)
- पिता: स्व. श्री मुकेश
- पता: मकान संख्या J-1003, मंगोलपुरी, दिल्ली
- अदालत द्वारा उद्घोषित: सुश्री भारती गर्ग, जेएमएफसी-11/पश्चिम जिला, तिस हजारी कोर्ट, दिल्ली (22/08/2025)
- मामला: FIR संख्या 309/2017, धारा 392/34 आईपीसी, थाना पश्चिम विहार
- ऋषि कुमार मलिक (48 वर्ष)
- पिता: स्व. श्री प्रताप सिंह
- पता: मकान संख्या-255A, गांव शालीमार बाग, दिल्ली
- अदालत द्वारा उद्घोषित: सुश्री अमरदीप कौर, एसीजेएम (उत्तर), रोहिणी कोर्ट, दिल्ली (23/08/2025)
- मामला: CC नंबर 2849/2018, धारा 138 एनआई एक्ट, थाना मुखर्जी नगर
- और 6. परवीन अरोड़ा (70 वर्ष) एवं अर्पण अरोड़ा (45 वर्ष)
- पिता: के.एल. अरोड़ा / परवीन अरोड़ा
- पता: मकान संख्या-37, द्वितीय मंजिल, पश्चिम एन्क्लेव, पीरागढ़ी, दिल्ली
- अदालत द्वारा उद्घोषित: सुश्री सन्या डाल, जेएमएफसी/उत्तर-पश्चिम जिला, रोहिणी कोर्ट, दिल्ली (25/11/2024)
- मामले: CC नंबर 2077/2016 एवं CC नंबर 17930/2016, धारा 138 एनआई एक्ट, थाना सुल्तानपुरी
स्पेशल स्टाफ की इस गिरफ्तारी ने यह संदेश दिया कि चाहे अपराधी कितने भी समय से फरार क्यों न हों, पुलिस उन्हें खोज निकालने और न्यायालय के आदेश के अनुसार कार्रवाई करने में सक्षम है।

थाना महेन्द्रा पार्क की टीम ने महिला कांस्टेबल के नेतृत्व में एक अपराधी ट्रेस किया
थाना महेन्द्रा पार्क की पीओ टीम की भूमिका
थाना महेन्द्रा पार्क की समर्पित पीओ टीम ने महिला कांस्टेबल अंजू के उत्कृष्ट प्रयास से एक उद्घोषित अपराधी को ट्रेस करने में सफलता प्राप्त की।
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सोहिल @ फारुक (47 वर्ष)
पिता: श्री बंडू खान
पता: मकान संख्या E-3638, जे.जे. कॉलोनी, बवाना, दिल्ली
अदालत द्वारा उद्घोषित: श्री सार्थक पंवार, जेएमएफसी, रोहिणी कोर्ट, दिल्ली (13/05/2024)
मामला: e-FIR संख्या 132/2017, धारा 356/379/411/34 आईपीसी, थाना शाहबाद डेयरी
महिला कांस्टेबल अंजू ने अपने साहस और समर्पण के बल पर अपराधी का पता लगाया और उसे ट्रेस कर पुलिस हिरासत में सौंपा। यह कार्य टीम व पुरुष अधिकारियों के साथ महिला पुलिसकर्मी की उत्कृष्टता और भागीदारी को भी उजागर करता है।

डीसीपी उत्तर-पश्चिम की निगरानी में खुला अपराधियों का पर्दाफाश
गिरफ्तारी की प्रक्रिया और जांच
इन अपराधियों को गिरफ्तार करने में पुलिस ने व्यापक जांच, तकनीकी निगरानी और गहन फील्ड वर्क का सहारा लिया। विशेष टीमों ने अपराधियों की गतिविधियों, ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटाई। इसके लिए विभिन्न पुलिस रिकॉर्ड, अदालत के आदेश, डिजिटल फोरेंसिक डेटा और स्थानीय गुप्त सूत्रों का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस ने बताया कि कई अपराधी लंबे समय से फरार थे और उन्हें पकड़ना आसान नहीं था। लेकिन समर्पित टीम ने लगातार गहन जांच और मोनिटरिंग के माध्यम से अपराधियों का पता लगाया और न्यायालय के आदेशों के अनुरूप कार्रवाई की।
कानून और सामाजिक संदेश
उत्तर-पश्चिम जिले की पुलिस की यह कार्रवाई यह स्पष्ट करती है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना और उद्घोषित अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाना प्राथमिकता है। अदालतों द्वारा अपराधियों को उद्घोषित किया जाना केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और समाज में सुरक्षा बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह कार्रवाई आम नागरिकों के लिए यह संदेश देती है कि अपराधियों की कोई जगह नहीं है। पुलिस अपनी तत्परता, निगरानी और समर्पण से अपराधियों को पकड़ने और उन्हें कानून के अनुसार सजा दिलाने में सक्षम है।

महिला कांस्टेबल और स्पेशल स्टाफ की टीम ने साबित की कानून की पकड़
पुलिस अधिकारियों की सराहना
उपायुक्त, भीष्म सिंह IPS ने इस अभियान की सफलता पर टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि:
“यह कार्रवाई उत्तर-पश्चिम जिले की पुलिस की तत्परता, समर्पण और उत्कृष्ट योजना का परिचायक है। हमारे अधिकारी और कर्मचारी लगातार कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेहनत कर रहे हैं। उद्घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी से जनता को विश्वास मिलेगा कि कोई भी अपराधी कानून से ऊपर नहीं है।”
उत्तर-पश्चिम जिले की पुलिस की यह कार्रवाई न केवल उद्घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी का उदाहरण है, बल्कि यह उन सभी कानून प्रवर्तकों के लिए प्रेरणा भी है, जो कानून और न्याय के सिद्धांतों के प्रति समर्पित हैं। स्पेशल स्टाफ और पीओ टीमों की इस सफलता ने यह साबित किया कि चाहे अपराधी कितने भी समय से फरार क्यों न हों, पुलिस उन्हें खोज निकालने और न्यायालय के आदेश के अनुसार कार्रवाई करने में सक्षम है।
इस अभियान से जनता में यह स्पष्ट संदेश गया कि दिल्ली पुलिस अपराधियों के खिलाफ किसी भी हद तक कार्रवाई करने में सक्षम है। जनता की सुरक्षा, कानून और न्याय प्रणाली की दृढ़ता सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस ने इसे पूर्णतया निभाया है।