रेखा गुप्ता और ऊर्जा मंत्री आशीष ने दिल्ली के सरकारी भवनों में सोलर प्लांट

दिल्ली सरकार रेखा गुप्ता का बड़ा कदम: सरकारी दफ्तरों में सोलर प्लांट से 55 मेगावाट बिजली उत्पादन दिल्ली में 1000 सरकारी दफ्तरों में सोलर रूफटॉप

रेखा गुप्ता

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दिल्ली सरकार रेखा गुप्ता का बड़ा कदम: सरकारी दफ्तरों में सोलर प्लांट से 55 मेगावाट बिजली उत्पादन

दिल्ली में 1000 सरकारी दफ्तरों में सोलर रूफटॉप प्लांट लगाने का बड़ा अभियान शुरू, राजधानी बनेगी “ग्रीन कैपिटल

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में ऊर्जा उत्पादन और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और ऊर्जा मंत्री आशीष ने आज ग्रिड सबस्टेशन टाटा पावर मुबारकपुर, रिठाला स्थित दिल्ली जल बोर्ड के दफ्तर की छत पर 25 किलोवाट क्षमता वाला सोलर रूफटॉप प्लांट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पहल दिल्ली को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

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सोलर ऊर्जा के इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के तहत राजधानी के 1000 सरकारी दफ्तरों में सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य लगभग 55 मेगावाट बिजली उत्पादन करना है, जो दिल्ली के सरकारी संस्थानों की बिजली खपत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पूरा करेगा। इस काम को जनवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस परियोजना से न केवल ऊर्जा की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में भी दिल्ली एक उदाहरण स्थापित करेगी।

गोगा डेयरी में गोबर बायोगैस प्लांट का उद्घाटन, दिल्ली में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा

आज उद्घाटन समारोह के दौरान, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऊर्जा मंत्री आशीष सूट के साथ मिलकर प्लांट का निरीक्षण किया और उपस्थित अधिकारियों तथा मीडिया कर्मियों को विस्तार से इसके कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राजधानी दिल्ली में ऊर्जा उत्पादन का यह नया मॉडल थर्मल और कोयले पर निर्भर न रहकर, केवल सौर ऊर्जा पर आधारित होगा। इससे दिल्ली को देश की ऊर्जा उत्पादन में एक नया और सबसे बड़ा ग्रीन कैपिटल बनाने का लक्ष्य हासिल होगा।

उद्घाटन समारोह में स्थानीय विधायक कुलवंत राणा, पूर्व निगम प्रत्याशी डॉक्टर कमल वशिष्ठ और कई अन्य स्थानीय नेताओं तथा सरकारी अधिकारियों ने भी भाग लिया। उन्होंने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि राजधानी में सौर ऊर्जा की तरफ यह कदम आने वाले समय में पर्यावरण और ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में नई दिशा देगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सोलर ऊर्जा से न केवल बिजली उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि यह ऊर्जा बचत और प्रदूषण नियंत्रण में भी अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सरकार इस परियोजना को विशेष महत्व दे रही है और इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे शहर में लागू किया जाएगा। पहले चरण में सरकारी दफ्तरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाए जाएंगे, जबकि भविष्य में अन्य संस्थाओं और निजी क्षेत्र को भी इसमें शामिल किया जाएगा।

रेखा गुप्ता और ऊर्जा मंत्री आशीष ने दिल्ली के सरकारी भवनों में सोलर प्लांट योजना शुरू की

इसके अलावा, उद्घाटन समारोह में बताया गया कि गोगा डेयरी में जल्द ही गोबर बायोगैस प्लांट का उद्घाटन भी किया जाएगा। यह प्लांट दिल्ली में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और कृषि अपशिष्ट के पुनः उपयोग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बायोगैस प्लांट के माध्यम से न केवल ऊर्जा उत्पादन होगा, बल्कि कृषि अपशिष्ट का भी कारगर और पर्यावरण अनुकूल उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

सोलर रूफटॉप प्लांट की इस पहल से सरकारी दफ्तरों में बिजली की खपत में कमी आएगी। यह परियोजना दिल्ली सरकार की “ग्रीन दिल्ली” नीति का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत लगने वाले प्लांट न केवल पर्यावरण के अनुकूल होंगे, बल्कि ये बिजली की लागत में भी कमी लाएंगे। उन्होंने सभी विभागों और अधिकारियों से अपील की कि वे इस परियोजना को सफल बनाने में सहयोग करें और सरकारी भवनों की छतों का अधिकतम उपयोग सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए करें।

इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री आशीष सूट ने कहा कि दिल्ली सरकार ने ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में नवाचार और हरित तकनीक को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में सौर ऊर्जा पर आधारित उत्पादन को बढ़ाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि राजधानी के थर्मल और कोयले पर आधारित बिजली उत्पादन को धीरे-धीरे कम किया जाएगा और पूरी तरह सौर ऊर्जा पर निर्भरता बढ़ाई जाएगी।

रेखा गुप्ता ने सोलर और बायोगैस प्लांट से दिल्ली में ग्रीन एनर्जी क्रांति का ऐलान किया

स्थानीय विधायक कुलवंत राणा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना दिल्ली को स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह केवल ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहर में पर्यावरण संरक्षण, वायु प्रदूषण नियंत्रण और ऊर्जा संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

पूर्व निगम प्रत्याशी डॉ. कमल वशिष्ठ ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा शुरू की गई यह पहल न केवल ऊर्जा की आपूर्ति में सुधार करेगी, बल्कि इससे जनता में सौर ऊर्जा और हरित ऊर्जा के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली जैसे महानगर में ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है और इसे पूरी तरह से स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से पूरा करना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उद्घाटन के दौरान जोर देकर कहा कि दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सौर ऊर्जा और बायोगैस प्लांट जैसे उपायों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राजधानी दिल्ली में हर सरकारी भवन की छत पर सोलर प्लांट लगाना सरकार की प्राथमिकता है और इसे पूरा करने के लिए जनवरी 2026 तक सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।

सोलर रूफटॉप प्लांट से दिल्ली बनेगी ग्रीन कैपिटल, 2026 तक 1000 सरकारी दफ्तरों में लगाए जाएंगे प्लांट

इस योजना के अंतर्गत लगने वाले 25 किलोवाट के सोलर रूफटॉप प्लांट में उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह प्लांट छोटे और बड़े दफ्तरों दोनों के लिए उपयुक्त है और इसे मॉड्यूलर तरीके से बढ़ाया जा सकता है। सरकार का लक्ष्य है कि राजधानी में लगने वाले सभी सरकारी प्लांट्स कुल 55 मेगावाट बिजली उत्पादन करेंगे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह परियोजना दिल्ली सरकार की ऊर्जा उत्पादन और हरित नीति के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से राजधानी को न केवल ऊर्जा की दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाया जाएगा, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में देश के लिए एक मॉडल भी प्रस्तुत करेगी।

इसके साथ ही, दिल्ली सरकार ने यह भी ऐलान किया है कि आने वाले दिनों में थर्मल प्लांट और कोयले पर निर्भरता कम कर दी जाएगी। दिल्ली को पूरी तरह से सौर ऊर्जा और बायोगैस जैसे स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों पर आधारित करने की दिशा में यह योजना एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह केवल बिजली उत्पादन की योजना नहीं है, बल्कि यह राजधानी दिल्ली को हरित और स्वच्छ ऊर्जा राजधानी बनाने का सपना है। उन्होंने अधिकारियों और जनता से अपील की कि वे इस पहल में सहयोग करें और सरकारी भवनों की छतों पर सौर ऊर्जा के लिए अधिक से अधिक स्थान उपलब्ध कराएं।

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इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री आशीष सूट ने कहा कि दिल्ली सरकार ऊर्जा संरक्षण और हरित ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में कई अन्य परियोजनाओं पर भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में राजधानी दिल्ली पूरी तरह से ग्रीन कैपिटल बनने की दिशा में अग्रसर होगी और यह देश के अन्य शहरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

स्थानीय विधायक कुलवंत राणा ने कहा कि इस पहल से राजधानी के नागरिकों में ऊर्जा उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा शुरू की गई यह परियोजना ऊर्जा उत्पादन, प्रदूषण नियंत्रण और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश में अग्रणी साबित होगी।

पूर्व निगम प्रत्याशी डॉ. कमल वशिष्ठ ने कहा कि यह योजना सिर्फ सरकारी भवनों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य में निजी संस्थानों और आवासीय क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से राजधानी दिल्ली में ऊर्जा की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित होगी और प्रदूषण कम होगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उद्घाटन के मौके पर यह भी बताया कि राजधानी में अगले कुछ महीनों में गोगा डेयरी में गोबर बायोगैस प्लांट का उद्घाटन किया जाएगा। इससे न केवल स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन होगा, बल्कि कृषि अपशिष्ट का भी कारगर और पर्यावरण अनुकूल उपयोग किया जाएगा।

दिल्ली सरकार की हरित ऊर्जा पहल: सरकारी दफ्तरों में सौर ऊर्जा उत्पादन शुरू

इस पूरी पहल के माध्यम से दिल्ली सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि राजधानी में सौर ऊर्जा और बायोगैस आधारित बिजली उत्पादन को प्राथमिकता दी जाएगी। इस योजना के तहत लगने वाले प्लांट्स से लगभग 55 मेगावाट बिजली प्राप्त होगी, जो सरकारी भवनों की बिजली जरूरत का एक बड़ा हिस्सा पूरा करेगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह परियोजना दिल्ली को ऊर्जा उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया उदाहरण प्रस्तुत करेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली को देश का सबसे बड़ा ग्रीन कैपिटल बनाने का सपना जल्द ही पूरा होगा।

अंत में, मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और जनता से अपील की कि वे इस पहल में सहयोग करें और सुनिश्चित करें कि सभी सरकारी भवनों की छतों पर सोलर प्लांट लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि जनवरी 2026 तक यह परियोजना पूरी तरह से लागू कर दी जाएगी और दिल्ली देश के अन्य शहरों के लिए ऊर्जा उत्पादन और हरित पहल का मॉडल बनेगी।

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