
सिर्फ 24 घंटे में शाहबाद डेयरी पुलिस ने मासूम को सुरक्षित ढूंढ निकाला
दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी : शाहबाद डेयरी से अगवा 5 वर्षीय बच्चा 24 घंटे में सकुशल बरामद
नई दिल्ली।
दिल्ली के आउटर नॉर्थ ज़िले से एक ऐसी खबर आई है जिसने एक ओर तो माता-पिता के चेहरे पर मुस्कान ला दी, वहीं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस की पेशेवर कार्यशैली और तत्परता का भी परिचय दिया। शाहबाद डेयरी थाना पुलिस ने बेहद चुस्ती और तेजी दिखाते हुए मात्र 24 घंटे के भीतर एक मासूम बच्चे को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से सुरक्षित बरामद कर लिया।
घटना की शुरुआत
यह मामला 29 अगस्त का है।
शाहबाद डेयरी इलाके में रहने वाले एक पिता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उनका 5 वर्षीय बेटा, जो घर के पास खेल रहा था, अचानक लापता हो गया। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि पड़ोस में रहने वाली एक महिला बच्चे को अपने साथ बाज़ार ले जाने के बहाने घर से बाहर ले गई और फिर वापस नहीं लौटी।
मामले की गंभीरता और बच्चे की उम्र को देखते हुए यह साफ हो गया कि पुलिस के लिए यह समय से मुकाबले की लड़ाई है। हर बीतता पल बच्चे की सुरक्षा के लिए अहम था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
जैसे ही शिकायत दर्ज हुई, थाना शाहबाद डेयरी के प्रभारी इंस्पेक्टर विजय कुमार ने विशेष टीम का गठन किया।
इस टीम में शामिल थे –
- एसआई घनश्याम
- एसआई प्रदीप
- हेड कॉन्स्टेबल अनिरुद्ध, बृजेश, कुलदीप
- कॉन्स्टेबल जिंदर और विपिन
टीम को साफ निर्देश दिए गए कि हर संभव संसाधन और रणनीति का इस्तेमाल कर बच्चे को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद किया जाए।
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जांच की दिशा
पुलिस टीम ने सबसे पहले CCTV फुटेज खंगालना शुरू किया।
👉 500 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज की गहनता से जांच की गई।
👉 तकनीकी निगरानी के तहत संदिग्ध मोबाइल नंबरों की लोकेशन और कॉल डिटेल्स खंगाले गए।
👉 इलाके में व्यापक स्तर पर पूछताछ की गई, ताकि कोई भी सुराग हाथ से न छूटे।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी महिला बच्चे को दिल्ली से बाहर ले गई है। यह सुराग मिलने के बाद टीम ने हरियाणा के विभिन्न जिलों में दबिश दी और कैथल जिले तक जांच का दायरा बढ़ाया।

500 CCTV फुटेज और तकनीकी जांच से पुलिस ने किया 5 साल के बच्चे का रेस्क्यू
सफलता की घड़ी
लगातार अथक प्रयास और तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस ने आखिरकार कैथल से बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया।
बच्चे को अपहरणकर्ता महिला के पास से छुड़ाया गया। पुलिस टीम ने बच्चे को तुरंत मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया, जहां उसे पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। इसके बाद मासूम को सकुशल माता-पिता के हवाले कर दिया गया।
बच्चे को अपनी गोद में पाकर माता-पिता की आंखें खुशी से भर आईं। वे पुलिस टीम को धन्यवाद देते नहीं थके।
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पुलिस की सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई को लेकर आउटर नॉर्थ ज़िले के डीसीपी हरेश्वर स्वामी ने शाहबाद डेयरी थाना पुलिस और जांच टीम की जमकर सराहना की।
उन्होंने कहा –
“यह कार्रवाई न केवल पुलिस की तत्परता को दर्शाती है बल्कि यह भी साबित करती है कि यदि कोई घटना घटती है तो पुलिस हर स्तर पर कोशिश करती है कि पीड़ित को तुरंत राहत मिले।”
डीसीपी ने यह भी जोड़ा कि ऐसे मामलों में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। हर मिनट बच्चे की सुरक्षा के लिहाज से अहम हो सकता है। इसीलिए टीम ने बिना समय गंवाए निरंतर काम किया और नतीजा यह रहा कि बच्चा सुरक्षित घर लौट सका।
इंस्पेक्टर विजय कुमार की टीम ने किया कमाल, 5 साल का बच्चा सुरक्षित मिला

तेज़ कार्रवाई और चुस्ती: दिल्ली पुलिस ने अपहरणकर्ताओं को दिया करारा जवाब
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि छोटे बच्चों की देखभाल में थोड़ी सी लापरवाही कितनी बड़ी समस्या खड़ी कर सकती है।
बच्चे को पड़ोसियों या अनजान लोगों के साथ बिना पूछे भेजना खतरनाक हो सकता है।
माता-पिता को हमेशा सतर्क रहना चाहिए कि बच्चे कहां और किसके साथ हैं।
बच्चों को भी यह सिखाना ज़रूरी है कि वे किसी के बहकावे में आकर घर से दूर न जाएं।
तकनीक और पुलिस का मेल
इस मामले में पुलिस ने जिस तरह से CCTV फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और तकनीकी निगरानी का इस्तेमाल किया, वह आधुनिक पुलिसिंग का शानदार उदाहरण है।
अगर यह तकनीकी सहयोग न होता, तो बच्चे को इतनी जल्दी बरामद करना कठिन हो सकता था।
टीमवर्क की मिसाल
यह सफलता केवल एक अधिकारी या एक कदम की वजह से नहीं बल्कि पूरी टीम के समर्पित प्रयास का नतीजा है।
- एक ओर तकनीकी टीम लगातार फुटेज और मोबाइल लोकेशन खंगाल रही थी।
- दूसरी ओर ज़मीनी स्तर पर पुलिसकर्मी गांव-गांव जाकर पूछताछ कर रहे थे।
- आपसी तालमेल और तेज़ी ने ही यह मिशन संभव बनाया।
माता-पिता की प्रतिक्रिया
बच्चे के पिता ने मीडिया से बातचीत में कहा –
“हमें लग रहा था कि हमारी दुनिया खत्म हो गई है। पर जिस तेजी से पुलिस ने काम किया, वह काबिले-तारीफ है। हम जिंदगी भर इनके आभारी रहेंगे।”
बच्चे की मां ने रोते हुए पुलिस टीम को गले लगाकर धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा –
“हमारा बच्चा हमारे पास वापस आ गया, यही सबसे बड़ी खुशी है।”
अपराध पर सख्ती का संदेश
इस घटना से अपराधियों को भी साफ संदेश गया है कि चाहे मामला कितना भी जटिल क्यों न हो, दिल्ली पुलिस उसे हल करने में सक्षम है। खासकर जब बात मासूम बच्चों की सुरक्षा की हो, तो पुलिस किसी भी हाल में पीछे नहीं हटती।

एसआई घनश्याम और टीम की मेहनत रंग लाई, कैथल से मिला बच्चा
निष्कर्ष
शाहबाद डेयरी थाना पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल एक परिवार की जिंदगी बचाई बल्कि लोगों का पुलिस पर भरोसा भी और मजबूत किया।
मात्र 24 घंटे में अपहृत बच्चे को सुरक्षित ढूंढ निकालना पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा, तकनीकी दक्षता और मानवीय संवेदनशीलता का अनोखा उदाहरण है।
यह मामला याद दिलाता है कि दिल्ली पुलिस का नारा –
“शांति, सेवा और न्याय”
सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि ज़मीन पर उतरकर साकार किया जाने वाला संकल्प है।