आउटर नॉर्थ पुलिस ने ट्रांसपोर्टर से हुई ठगी का भंडाफोड़ किया

Fake Truck Owner Fraud Case: दिल्ली पुलिस ने हिसार निवासी ठग को दबोचा दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी का पर्दाफाश किया, फर्जी ट्रक मालिक बनकर

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Fake Truck Owner Fraud Case: दिल्ली पुलिस ने हिसार निवासी ठग को दबोचा

दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी का पर्दाफाश किया, फर्जी ट्रक मालिक बनकर 50,000 रुपये की धोखाधड़ी करने वाला आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली, 12 सितम्बर 2025:
राजधानी दिल्ली में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच आउटर नॉर्थ जिला पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। साइबर क्राइम थाना, आउटर नॉर्थ ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है जो खुद को ट्रक मालिक बताकर एक ट्रांसपोर्टर महिला से 50,000 रुपये की ठगी कर चुका था। यह मामला FIR संख्या 28/2025, धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत दर्ज किया गया था।

घटना का विवरण

शिकायतकर्ता श्रीमती करुणा बंसल, पत्नी श्री ओ.पी. बंसल, निवासी संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर, दिल्ली ने साइबर पुलिस से संपर्क कर बताया कि वह मेसर्स हिंदुस्तान कार्गो कैरियर नामक ट्रांसपोर्ट कंपनी की मालिक हैं। 3 अगस्त 2025 को उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति ने कॉल किया और खुद को ट्रक मालिक सुनील राव बताकर माल ढुलाई हेतु ट्रक उपलब्ध कराने की बात कही। आरोपी ने उन्हें फर्जी वाहन नंबर HR 55 AN 9157 और ड्राइवर का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया।

उसने भरोसा दिलाया कि ट्रक बुकिंग के लिए अग्रिम राशि जमा करनी होगी। आरोपी के झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने ₹50,000/- रुपये गूगल पे के माध्यम से इंडियन ओवरसीज़ बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब वाहन भेजने की बात आई तो मोबाइल नंबर बंद हो गया और ट्रक मालिक या ड्राइवर से कोई संपर्क नहीं हो पाया। इस प्रकार शिकायतकर्ता को समझ आया कि वह एक बड़ी साइबर ठगी की शिकार हो गई हैं।

शिकायत NCRP (National Cybercrime Reporting Portal) पर दर्ज की गई थी। तत्पश्चात साइबर पुलिस स्टेशन, आउटर नॉर्थ द्वारा मामला पंजीकृत कर लिया गया।

जांच की प्रक्रिया

शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच शुरू की। टीम ने सबसे पहले धोखाधड़ी वाले बैंक खातों का विवरण निकाला और मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल्स (CDR) प्राप्त कीं।

पता चला कि शिकायतकर्ता से हड़पे गए 50,000 रुपये पहले वर्धा (महाराष्ट्र) स्थित एक बैंक खाते में जमा हुए। उसके बाद राशि को ‘लेयरिंग’ की तकनीक से हिसार (हरियाणा) स्थित इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक खाते में ट्रांसफर किया गया। वहां से आरोपी ने एटीएम के जरिए पैसे निकालकर सबूत मिटाने की कोशिश की।

पुलिस टीम ने इस पूरे मनी-ट्रेल का पीछा किया और संदिग्ध खातों से जुड़े मोबाइल नंबरों की लोकेशन हिसार, हरियाणा तक पहुंची।

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पुलिस टीम और ऑपरेशन

जिला पुलिस उपायुक्त श्री हरेश्वर स्वामी (IPS) के निर्देशन, एसीपी (ऑप्स) श्री दिनेश कुमार की देखरेख और इंस्पेक्टर गोविंद सिंह (एसएचओ, साइबर थाना आउटर नॉर्थ) के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में सब-इंस्पेक्टर अमित अहलावत, हेड कांस्टेबल राहुल (जांच अधिकारी) और हेड कांस्टेबल अनिल शामिल थे।

टीम ने गुप्त सूचनाओं और तकनीकी इनपुट के आधार पर हरियाणा के हिसार जिले में छापेमारी की। आरोपी की पहचान मुकेश कुमार के रूप में हुई। उसे नोटिस देकर जांच में शामिल होने को कहा गया।

लेकिन पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और बयान बदलता रहा। जब सबूतों और बैंक लेनदेन की पुष्टि हो गई तो पुलिस ने पर्याप्त आधारों पर उसे गिरफ्तार कर लिया और गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी भी विधिवत रूप से दी।

आरोपी का परिचय

गिरफ्तार आरोपी की पहचान इस प्रकार है –

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नाम: मुकेश कुमार

पिता का नाम: धरमपाल कुमार

आयु: 40 वर्ष

पता: गली नं. 7, मिल गेट, शिव नगर, हिसार, हरियाणा

शिक्षा: बी.ए. और जे.बी.टी. (Junior Basic Training)

आरोपी ने अपने नाम पर इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक, हिसार में खाता खुलवा रखा था। यही खाता धोखाधड़ी की रकम को ‘लेयरिंग’ के बाद प्राप्त करने और निकालने के लिए इस्तेमाल किया गया।

बरामदगी

आरोपी से पुलिस ने निम्नलिखित वस्तुएँ बरामद कीं –

  1. दो मोबाइल फोन (धोखाधड़ी में इस्तेमाल)।
  2. एक सिम कार्ड (शिकायतकर्ता को कॉल करने में प्रयोग)।
  3. एक डेबिट कार्ड (एटीएम से पैसा निकालने हेतु प्रयोग)।

ठगी का तरीका (Modus Operandi)

मुकेश कुमार और उसके साथियों ने एक बेहद सामान्य लेकिन कारगर ठगी की योजना बनाई। उन्होंने एक वास्तविक ट्रक मालिक की पहचान को नकली तरीके से अपनाया। उसके बाद वाहन का फर्जी नंबर और ड्राइवर की डिटेल देकर पीड़िता को भरोसे में लिया।

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इस भरोसे के चलते पीड़िता ने अग्रिम बुकिंग राशि जमा कर दी। धोखाधड़ी की राशि सबसे पहले एक खाते में गई, फिर दूसरे खाते में स्थानांतरित की गई ताकि ट्रैकिंग मुश्किल हो जाए। अंत में हिसार में आरोपी ने एटीएम से कैश निकालकर रकम गायब कर दी।

यह एक आम साइबर ठगी का उदाहरण है जिसमें अपराधी नकली पहचान, बैंक खातों की श्रृंखला और डिजिटल पेमेंट ऐप का इस्तेमाल करते हैं।

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पुलिस की अपील

आउटर नॉर्थ जिला पुलिस ने इस मामले को एक चेतावनी के रूप में देखते हुए आम जनता से अपील की है कि –

  • किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था को अग्रिम भुगतान न करें।
  • ट्रांसपोर्ट, प्रॉपर्टी, नौकरी, या ऑनलाइन डीलिंग से जुड़ी बुकिंग करते समय हमेशा संबंधित दस्तावेज और वाहन/व्यक्ति की वास्तविक पहचान सत्यापित करें।
  • किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ट्रांजैक्शन की सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) या 1930 हेल्पलाइन नंबर पर दें।

जांच जारी

पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और यह जांच की जा रही है कि क्या इस पूरे नेटवर्क में और भी लोग शामिल हैं। संभावना जताई जा रही है कि आरोपी किसी बड़े साइबर गिरोह का हिस्सा हो सकता है जो अलग-अलग राज्यों में सक्रिय है।

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डीसीपी आउटर नॉर्थ, श्री हरेश्वर स्वामी (IPS) ने कहा कि दिल्ली पुलिस जनता को सुरक्षित रखने और साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस मामले की गहनता से जांच जारी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

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