
Delhi Police उत्तर-पश्चिम जिला: नकली Fleetguard Filters बेचने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
📰 Delhi Police का बड़ा ऐक्शन: नकली “Fleetguard Filters” बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़
दिल्ली, 05 अक्टूबर 2025:Delhi Police के उत्तर-पश्चिम जिला की डाययू (DIU) टीम ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बाजार में नकली “Fleetguard Filters” बेच रहा था। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और मौके से कुल 1,698 नकली फिल्टर्स, जो 130 डिब्बों में पैक थे, बरामद किए गए।
इस भंडाफोड़ में यह सामने आया कि आरोपियों ने स्वयं को “Fleetguard” ब्रांड के अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर बताया और थोक विक्रेताओं एवं ग्राहकों को गुमराह करके नकली सामान बेच रहे थे। यह मामला ट्रेड मार्क एक्ट 103/104 के तहत दर्ज किया गया और थाना भारत नगर (FIR No. 582/25) में अपराध का खुलासा किया गया।
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📌 मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला तब सामने आया जब शिकायतकर्ता श्री यशपाल सापरा, मैनेजर (ब्रांड प्रोटेक्शन), Nuclein Risk Consulting Pvt. Ltd., सेक्टर-45, गुरुग्राम ने पुलिस को जानकारी दी कि दिल्ली में बाजार में नकली Fleetguard Filters बिक रहे हैं।
शिकायत में बताया गया कि नकली फिल्टर्स को वास्तव में ब्रांडेड फिल्टर्स की तरह पैक और मार्केटिंग किया जा रहा था। उपभोक्ता और थोक विक्रेता सोच रहे थे कि वे अधिकृत वितरक से खरीद रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह थी कि उन्हें नकली सामान बेचा जा रहा था।
शिकायत के आधार पर डीआईयू/उत्तर-पश्चिम टीम ने तत्काल जांच शुरू की।

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🕵️♂️ टीम और कार्रवाई
इस गंभीर मामले को देखते हुए इंस्पेक्टर सुनील कुमार की अगुवाई में एक विशेष जांच टीम गठित की गई। टीम में शामिल थे:
- SI उदय नारायण दुबे
- SI देवेन्द्र
- SI मोहन लाल
- SI सुब्बा रेड्डी
- ASI संदीप
- महिला कॉन्स्टेबल पूजा
यह टीम ACP अजय कुमार सिंह, DIU/उत्तर-पश्चिम के पर्यवेक्षण और वरिष्ठ अधिकारियों के समग्र निर्देशन में काम कर रही थी।
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टीम ने गुप्त सूचना और खुफिया नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए दोनों आरोपियों के ठिकानों का पता लगाया।
🏘️ गिरफ्तारी और बरामदगी
- पहली गिरफ्तारी: बी-43, सत्यवती कॉलोनी, अशोक विहार फेज-III, दिल्ली से दिनेश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से 1,600 नकली फिल्टर्स (122 डिब्बे) बरामद किए गए।
- दूसरी गिरफ्तारी: बीपी ब्लॉक, शालीमार बाग, दिल्ली से राजेश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से 98 नकली फिल्टर्स (08 डिब्बे) बरामद हुए।
कुल मिलाकर 1,698 नकली Fleetguard Filters, जो 130 डिब्बों में पैक थे, पुलिस ने बरामद किए।

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📝 आरोपियों का प्रोफ़ाइल
- दिनेश गुप्ता, पुत्र स्व. कपूर चंद गुप्ता, निवासी सत्यवती कॉलोनी, अशोक विहार फेज-III, दिल्ली, उम्र 64 वर्ष।
- राजेश गुप्ता, पुत्र सत्य नारायण गुप्ता, निवासी बीपी ब्लॉक, शालीमार बाग, दिल्ली।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे नकली Fleetguard Filters को बाजार में बेचते थे और अपने आप को अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर बताते थे। उन्होंने यह भी बताया कि बरामद फिल्टर्स पर ब्रांडिंग कंपनी की तरह ही की गई थी ताकि उपभोक्ताओं और थोक विक्रेताओं को भ्रमित किया जा सके।
दोनों आरोपी कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके, जिससे स्पष्ट हो गया कि यह पूरी तरह से धोखाधड़ी का मामला है।
⚖️ कानूनी कार्रवाई
- मामला ट्रेड मार्क एक्ट 103/104 के तहत दर्ज किया गया।
- FIR संख्या: 582/25, थाना भारत नगर।
- आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और मामले की जांच अभी जारी है।
पुलिस टीम का कहना है कि इस कार्रवाई से बाजार में नकली सामान फैलाने वाले गिरोहों पर सख्त संदेश गया है।
📊 तकनीकी और खुफिया प्रयास
डीआईयू टीम ने आरोपियों का नेटवर्क खंगालने के लिए कई तकनीकी और खुफिया उपाय अपनाए:
- गुप्त सूचना और स्थानीय सूत्रों की सहायता से छापेमारी की योजना बनाई।
- आरोपियों के ठिकानों और पैकिंग स्टोरेज का निरीक्षण किया।
- बरामद फिल्टर्स का लेबल और पैकेजिंग कंपनी के असली उत्पाद से तुलना की गई।
- आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए ठिकानों और लॉजिस्टिक चैनल का अध्ययन किया गया।
इन उपायों से स्पष्ट हुआ कि यह एक संगठित और लंबी अवधि से चल रहा फ्रॉड था।
💬 पुलिस का बयान (Police Statement)
उप पुलिस आयुक्त भीष्म सिंह, IPS, उत्तर-पश्चिम जिला ने कहा:
“यह कार्रवाई दर्शाती है कि दिल्ली पुलिस नकली और धोखाधड़ी वाले उत्पादों के खिलाफ पूरी तरह सतर्क है। उपभोक्ताओं की सुरक्षा और बाजार की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हम लगातार खुफिया निगरानी और तकनीकी जांच कर रहे हैं। इस प्रकार की धोखाधड़ी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

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🔍 उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी
- खरीदी करने से पहले सर्टिफाइड स्टोर और अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर से ही माल खरीदें।
- लेबल, पैकेजिंग और सीरियल नंबर की जाँच करें।
- किसी भी प्रकार की संदेहजनक बिक्री या ऑफ़र पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
📌 निष्कर्ष
डीआईयू/उत्तर-पश्चिम की टीम की यह कार्रवाई दर्शाती है कि नकली उत्पादों और ट्रेड मार्क उल्लंघन के मामलों में पुलिस पूरी तरह सतर्क है।
इस गिरफ्तारी से यह संदेश गया है कि धोखाधड़ी और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले गिरोहों पर दिल्ली पुलिस सख्त है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की आगे की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या यह गिरोह अन्य राज्यों या दिल्ली के अन्य हिस्सों में भी ऐसे नकली फिल्टर्स बेच रहा था।