दिल्ली पुलिस ने 5 वर्षीय अपहृत बच्चे को सकुशल किया बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार

उत्तर-पश्चिम जिला दिल्ली पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 5 वर्षीय अपहृत

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उत्तर-पश्चिम जिला दिल्ली पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 5 वर्षीय अपहृत मासूम बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है और इस मामले में एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी बच्चे को कोलकाता में बेचकर अवैध रूप से धन कमाने की फिराक में थे। यह पूरा मामला थाना सुभाष प्लेस क्षेत्र से जुड़ा है, जहां से बच्चे का अपहरण किया गया था। दिल्ली पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रणजीत शाह उर्फ नीरज बेलदार उम्र 29 वर्ष और काजल उम्र 29 वर्ष के रूप में हुई है। दोनों आरोपी बिहार के खगड़िया जिले के रहने वाले हैं। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि दोनों आरोपी मानव तस्करी के इरादे से दिल्ली आए थे और उन्होंने सुनियोजित तरीके से 5 वर्षीय बच्चे का अपहरण किया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से अपहरण की साजिश में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। इन मोबाइल फोन के जरिए आरोपी लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे और बच्चे को बेचने की योजना पर चर्चा कर रहे थे।

यह मामला 9 जनवरी 2026 को सामने आया, जब शकूरपुर, दिल्ली निवासी मोहम्मद साहिद ने थाना सुभाष प्लेस में अपने 5 वर्षीय बेटे आसद के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि बच्चा घर के आसपास खेल रहा था, लेकिन कुछ देर बाद अचानक लापता हो गया। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला।

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सुभाष प्लेस में तुरंत एफआईआर दर्ज की गई और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर जांच शुरू की गई। चूंकि मामला नाबालिग बच्चे से जुड़ा था, इसलिए पुलिस ने बिना समय गंवाए विशेष रणनीति के तहत काम शुरू किया।

उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस ने इस केस को सुलझाने के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया। टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं—एक टीम सीसीटीवी फुटेज खंगालने में लगी, दूसरी टीम तकनीकी निगरानी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स के विश्लेषण में जुटी, जबकि तीसरी टीम संभावित ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी में लगाई गई।

सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के दौरान एक संदिग्ध महिला की गतिविधियां सामने आईं, जो बच्चे के साथ देखी गई। महिला लगातार फोन पर किसी व्यक्ति से संपर्क में थी। तकनीकी जांच के बाद उस व्यक्ति की पहचान रणजीत शाह के रूप में हुई।

तकनीकी निगरानी के जरिए जब रणजीत शाह की लोकेशन ट्रैक की गई, तो वह बिहार के खगड़िया जिले में पाई गई। इसके बाद पुलिस ने तुरंत एक टीम को बिहार रवाना किया, जबकि दूसरी टीम ने रेलवे और बस स्टेशनों पर नजर रखनी शुरू कर दी। तेज और सटीक कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस की टीम ने खगड़िया में चलती बस से आरोपी रणजीत शाह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस की सतर्कता के चलते उसे मौके पर ही दबोच लिया गया।

वहीं दूसरी ओर, तकनीकी इनपुट और मोबाइल लोकेशन के आधार पर महिला आरोपी काजल को कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के पास वैशाली एक्सप्रेस से गिरफ्तार किया गया। महिला आरोपी के साथ अपहृत 5 वर्षीय बच्चा भी मौजूद था।दिल्ली पुलिस की दोनों टीमों के आपसी तालमेल और सटीक समन्वय के चलते बच्चे को सुरक्षित पुलिस अभिरक्षा में ले लिया गया। मेडिकल जांच के बाद बच्चे को पूरी तरह सुरक्षित पाया गया और उसे उसके परिजनों से मिलवाया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने बच्चे को एक लाख रुपये में बेचने की योजना बनाई थी। आरोपी बच्चे को पहले पटना ले गए और फिर कोलकाता ले जाकर अवैध रूप से बेचने का प्रयास किया, लेकिन वहां उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला।

इसके बाद आरोपी दोबारा बच्चे को बेचने की कोशिश में यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान दिल्ली पुलिस की टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उन्हें धर दबोचा और एक बड़े मानव तस्करी प्रयास को नाकाम कर दिया।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी खुद को बच्चे का असली माता-पिता बताकर अवैध दत्तक ग्रहण के जरिए आर्थिक लाभ कमाने की फिराक में थे। यह एक संगठित मानव तस्करी नेटवर्क का हिस्सा भी हो सकता है, जिसकी जांच की जा रही है। “यह एक संवेदनशील मामला था। हमारी टीमों ने तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज और फील्ड इंटेलिजेंस के जरिए त्वरित कार्रवाई की। बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया है और आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”

दिल्ली पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी बच्चों से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियां नजर आएं, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या आपातकालीन नंबर पर सूचना दें।

दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि समय पर सूचना और पुलिस की मुस्तैदी से बड़े अपराधों को रोका जा सकता है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

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