
वृंदावन स्थित गौरी गोपाल आश्रम में पूज्य अनिरुद्धाचार्य जी महाराज के पावन सान्निध्य में नन्ही योग साधिका वान्या शर्मा को विशेष आशीर्वाद प्राप्त हुआ। यह अवसर साधना, अनुशासन और संत कृपा के दिव्य संगम का साक्षी बना।
UYSF वर्ल्ड योगा कप 2025 में वान्या शर्मा ने सब जूनियर वर्ग में ‘चैम्पियंस ऑफ चैम्पियन’ का सर्वोच्च खिताब अपने नाम किया। प्रतियोगिता के दौरान उन्होंने पारंपरिक योगासन श्रेणी में प्रथम स्थान तथा पेयर इवेंट में द्वितीय स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनकी इस उपलब्धि को लंदन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा भी मान्यता प्रदान की गई है।
इसी प्रतियोगिता में मौलिक शर्मा ने अपने आयु वर्ग में द्वितीय स्थान प्राप्त कर यह सिद्ध किया कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के माध्यम से सफलता प्राप्त की जा सकती है।
इस अवसर पर पूज्य अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दोनों बाल योग साधकों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि योग न केवल शारीरिक क्षमता को सुदृढ़ करता है, बल्कि आत्मबल, संस्कार और जीवन मूल्यों को भी सशक्त बनाता है।
भगवद्गीता के अनुसार
योगस्थः कुरु कर्माणि संगं त्यक्त्वा धनंजय।
अर्थात योग में स्थित होकर, आसक्ति त्यागकर कर्म करना ही श्रेष्ठ मार्ग है।
इन बाल योग साधकों की यह उपलब्धि भारतीय योग परंपरा, साधना और संत कृपा की उज्ज्वल पहचान है।