
अपराध शाखा उत्तरी रेंज की बड़ी सफलता: भारत नगर केस में गिरफ्तारी
दिल्ली में अपराध पर पुलिस का बड़ा वार
दिल्ली से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। भारत नगर अपराध शाखा, उत्तरी रेंज-वन, प्रशांत विहार की टीम ने हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) के एक गंभीर मामले में दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। मामला भारत नगर थाना क्षेत्र का है, जहां 31 अगस्त 2025 को एक शराब की दुकान पर घातक हमला किया गया था।
इस हमले में शामिल गिरोह के छह आरोपियों में से दो को पुलिस ने धर दबोचा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान देवी प्रसाद और दक्ष कुमार के रूप में हुई है।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, पहला आरोपी देवी प्रसाद (23 वर्ष) है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के ग्राम बरौली, थाना कटरा बाजार का निवासी है। उसके पिता का नाम श्री राम उजागर उर्फ धनी राम है। फिलहाल यह आरोपी दिल्ली के आज़ादपुर मंडी इलाके में रह रहा था।
दूसरा आरोपी दक्ष कुमार (20 वर्ष) है। उसके पिता लेफ्टिनेंट श्री संजय कुमार हैं। दक्ष का निवास स्थान केवल पार्क, आज़ादपुर, दिल्ली बताया गया है।
दोनों आरोपी भारत नगर थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 545/2025 के तहत धारा 307 (हत्या का प्रयास), धारा 452 (घर में घुसकर हमला) और धारा 34 आईपीसी (समान उद्देश्य के तहत अपराध) में वांछित थे।
वारदात का पूरा विवरण
यह मामला 31 अगस्त 2025 की दोपहर का है। भारत नगर इलाके की एक शराब की दुकान पर छह लोगों का गिरोह पहले से योजना बनाकर पहुंचा।
- आरोपी रवि ने अपने साथी देवी प्रसाद को बेसबॉल बैट थमाया।
- सुरजीत को चाकू दिया गया।
- वहीं दक्ष कुमार को दुकान के बाहर निगरानी के लिए खड़ा किया गया, ताकि कोई बाधा न आ सके।
जैसे ही मौका मिला, दुकान के अंदर घुसकर देवी प्रसाद ने पीड़ित पर बेसबॉल बैट से हमला किया, जबकि सुरजीत ने चाकू से वार किया। इस हमले के बाद पूरा गिरोह मौके से फरार हो गया।
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हमले में घायल पीड़ित को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत नगर थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।

दिल्ली पुलिस ने हत्या प्रयास मामले के दो आरोपी दबोचे, चार फरार
पुलिस की सक्रिय कार्रवाई
जांच के दौरान अपराध शाखा की टीम को कई अहम सुराग मिले। इसके बाद 2 सितंबर 2025 को, केवल पार्क, आदर्श नगर के तिकोना पार्क इलाके में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की गई।
इस अभियान का नेतृत्व निरीक्षक अजय शर्मा ने किया। पूरी कार्रवाई सहायक आयुक्त पुलिस (ACP) अशोक शर्मा की देखरेख और उपायुक्त पुलिस (DCP) हर्ष इंदौरा के मार्गदर्शन में की गई।
पुलिस टीम में शामिल थे –
- उप-निरीक्षक मनीष
- उप-निरीक्षक अजीत सिंह
- प्रधान सिपाही मंदीप
- प्रधान सिपाही नरेंद्र
- प्रधान सिपाही नीरज
- सिपाही अंकुश
दोपहर के समय जैसे ही संदिग्ध बताए गए स्थान पर पहुँचे, पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
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पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
गिरफ्तारी के बाद जब दोनों आरोपियों से पूछताछ की गई, तो शुरुआत में उन्होंने अपनी पहचान छिपाने और अपराध से इनकार करने की कोशिश की। लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने पूरा जुर्म कबूल कर लिया।
दोनों ने बताया कि उन्होंने यह हमला अपने साथी रवि और ललित के कहने पर किया था। उनके अनुसार, योजना के तहत ही बेसबॉल बैट और चाकू का इस्तेमाल किया गया था।
इसके बाद पुलिस ने दोनों को बीएनएसएस की धारा 35(सी) के तहत औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया और भारत नगर थाना को सूचना दी।
फरार आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर
भारत नगर थाना पुलिस का कहना है कि मामले में अभी भी चार आरोपी – सुरजीत, पीयूष, रवि और ललित – फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा।

शराब की दुकान हमले में शामिल गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस की कार्रवाई
आपराधिक पृष्ठभूमि का खुलासा
गिरफ्तार आरोपी देवी प्रसाद का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से रहा है।
- वर्ष 2024 में, थाना महेंद्र पार्क में एफआईआर संख्या 33/2024, धारा 12/9/55 जुआ अधिनियम में नामजद था।
- उसी साल थाना आदर्श नगर में एफआईआर संख्या 574/2024, धारा 25 शस्त्र अधिनियम में भी यह आरोपी गिरफ्तार हो चुका है।
हालांकि, दूसरा आरोपी दक्ष कुमार का कोई आपराधिक रिकॉर्ड अब तक सामने नहीं आया है।

दिल्ली पुलिस की तेज़ कार्रवाई, हत्या प्रयास मामले में दो गिरफ्तार
समाज और कानून व्यवस्था पर असर
दिल्ली जैसे महानगर में दिनदहाड़े हत्या के प्रयास जैसी वारदातें यह बताती हैं कि अपराधी किस तरह योजनाबद्ध तरीके से घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से यह भी साबित हुआ कि कानून व्यवस्था अभी भी मजबूत है।
इस गिरफ्तारी ने न केवल पीड़ित को न्याय दिलाने की दिशा में कदम बढ़ाया है, बल्कि इलाके में अपराधियों में भी डर पैदा किया है।
इस तरह अपराध शाखा, उत्तरी रेंज-वन की टीम ने बेहद कम समय में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की। यह मामला पुलिस की सतर्कता और तेज़ कार्रवाई का उदाहरण है।
अब देखना यह होगा कि फरार चारों आरोपियों को कब तक पकड़कर अदालत के कटघरे में लाया जाता है। लेकिन फिलहाल इस कार्रवाई ने दिल्ली पुलिस की छवि को और मजबूत किया है और लोगों में कानून व्यवस्था पर भरोसा कायम किया है।