
GACS AI Event 2025 | India’s Corporate Leaders Discuss AI Opportunities
GACS ने एआई पर नॉलेज कॉन्क्लेव का आयोजन: भारत में डिजिटल भविष्य की ओर एक बड़ा कदम
Delhi।
Delhi ग्लोबल एसोसिएशन ऑफ कॉर्पोरेट लीडर्स एंड स्ट्रैटेजिस्ट्स GACS ने नई दिल्ली में एक दिवसीय “एआई नॉलेज कॉन्क्लेव” का सफल आयोजन किया। इस विशेष अवसर पर 400 से अधिक कॉर्पोरेट लीडर्स, उद्योग जगत के दिग्गज, टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ और नीति-निर्माता एक साथ जुटे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य, इसके अवसरों और चुनौतियों पर मंथन किया।
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इस भव्य आयोजन का उद्घाटन एक कैबिनेट मंत्री द्वारा किया गया, जिन्होंने अपने संबोधन में भारत में एआई के बढ़ते महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एआई न केवल कॉर्पोरेट जगत बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासनिक सुधारों में भी क्रांतिकारी बदलाव लाने में सक्षम है।
एआई का बढ़ता प्रभाव: उद्घाटन भाषण में मुख्य बातें
कैबिनेट मंत्री ने अपने भाषण में कहा:
“भारत का भविष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित डिजिटल इकोनॉमी पर निर्भर करेगा। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि एआई का उपयोग नैतिक और मानवीय दृष्टिकोण से हो। अगर हमने सही दिशा में कदम उठाए तो आने वाले वर्षों में भारत विश्व की टेक्नोलॉजी सुपरपावर बन सकता है।”

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उन्होंने यह भी जोड़ा कि एआई केवल नौकरियों को खत्म करने वाला टूल नहीं है, बल्कि यह नए रोज़गार और अवसर पैदा करेगा।
कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य
इस कॉन्क्लेव का मकसद केवल टेक्नोलॉजी पर चर्चा करना नहीं था, बल्कि यह समझना भी था कि कॉर्पोरेट जगत एआई को कैसे अपनाए, इसके नैतिक उपयोग को कैसे सुनिश्चित करे और डेटा सुरक्षा को किस प्रकार मजबूत बनाए।
- कॉर्पोरेट सेक्टर के सामने सबसे बड़ी चुनौती है AI Ethics – यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को किस तरह से जिम्मेदारी के साथ उपयोग किया जाए।
- दूसरी बड़ी चुनौती है डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा।
- अवसर की बात करें तो एआई के जरिए बिजनेस प्रोसेस ऑटोमेशन, प्रोडक्टिविटी बढ़ाना और नई सर्विसेज लॉन्च करना आसान हो जाएगा।
पैनल चर्चाएँ: विशेषज्ञों की राय
दिनभर चलने वाले इस नॉलेज कॉन्क्लेव में कई पैनल चर्चाएँ आयोजित की गईं, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपनी राय रखी।

- GACS AI Summit Delhi | Artificial Intelligence and Corporate Innovation
- पहला सत्र:“AI and Future of Work”
- इसमें बताया गया कि एआई कैसे मानव संसाधन प्रबंधन को प्रभावित कर रहा है।
- कई कंपनियां एआई टूल्स का उपयोग हायरिंग, परफॉर्मेंस मैनेजमेंट और स्किल एनालिसिस में कर रही हैं।
- दूसरा सत्र:“AI in Governance and Public Policy”
- विशेषज्ञों ने समझाया कि कैसे एआई सरकारों को पब्लिक सर्विसेज बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
- स्वास्थ्य सेवाओं, ट्रैफिक मैनेजमेंट और ग्रामीण विकास में एआई के उपयोग के उदाहरण साझा किए गए।
- तीसरा सत्र:“AI Ethics and Data Privacy”
- यह चर्चा कॉन्क्लेव का सबसे अहम हिस्सा रही।
- विशेषज्ञों ने कहा कि बिना एथिक्स और डेटा सिक्योरिटी के एआई को अपनाना खतरनाक साबित हो सकता है।
बाइट्स (प्रतिभागियों की राय)
कर्नल अशोक प्रभाकर
उन्होंने कहा – “AI अब केवल टेक्नोलॉजी का विषय नहीं है, बल्कि यह भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी और भविष्य की आर्थिक दिशा तय करने वाला एक अहम उपकरण बन चुका है। हमें इसे जिम्मेदारी और दूरदर्शिता के साथ अपनाना होगा।”
कैप्टन राजेश
उन्होंने कहा – “कॉर्पोरेट जगत में AI अपनाने से जहां बिजनेस तेज़ और सटीक होंगे, वहीं यह सुनिश्चित करना भी ज़रूरी है कि इससे रोजगार प्रभावित न हों। AI को हमें मानव संसाधन के पूरक के रूप में देखना चाहिए, प्रतिस्पर्धी के रूप में नहीं।”

Global AI Knowledge Conclave | Delhi में Industry Experts ने साझा किए Insights
अरुण खना
उन्होंने कहा – “भारत जैसे देश के लिए AI का सबसे बड़ा अवसर है ‘इनोवेशन’। अगर हम स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों को सही प्लेटफॉर्म देंगे, तो भारत AI-ड्रिवन इकोनॉमी में वैश्विक नेतृत्व कर सकता है।”
अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि:
- अमेरिका और चीन जैसे देश पहले से ही एआई में भारी निवेश कर रहे हैं।
- भारत को भी चाहिए कि वह एआई रिसर्च, ट्रेनिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर में तेजी से निवेश करे।
- भारत की सबसे बड़ी ताकत है इसकी युवा आबादी, जिसे एआई की ट्रेनिंग देकर दुनिया का सबसे बड़ा AI Talent Pool बनाया जा सकता है।
स्टार्टअप्स और इनोवेशन की भूमिका
कॉन्क्लेव में शामिल स्टार्टअप फाउंडर्स ने बताया कि कैसे उन्होंने AI-बेस्ड सॉल्यूशंस तैयार किए हैं:
- हेल्थकेयर सेक्टर में AI का उपयोग मरीजों के डेटा एनालिसिस और डायग्नोसिस में किया जा रहा है।
- फाइनेंस सेक्टर में AI चैटबॉट्स और फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम्स पर काम हो रहा है।
- एजुकेशन सेक्टर में AI से पर्सनलाइज्ड लर्निंग को बढ़ावा मिल रहा है।
कॉर्पोरेट जगत की जिम्मेदारी
कॉर्पोरेट नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि:
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एआई को अपनाने के साथ-साथ कंपनियों को रोजगार पुनर्संरचना (Reskilling Programs) पर ध्यान देना होगा।
कर्मचारियों को एआई-फ्रेंडली ट्रेनिंग देकर उन्हें नए अवसरों के लिए तैयार किया जाए।
केवल मुनाफे पर नहीं, बल्कि सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी पर भी ध्यान देना होगा।
भारत के लिए AI क्यों महत्वपूर्ण है?
- डिजिटल इंडिया विज़न – एआई इसमें प्रमुख भूमिका निभा सकता है।
- आर्थिक विकास – 2030 तक AI भारतीय अर्थव्यवस्था में 1 ट्रिलियन डॉलर का योगदान दे सकता है।
- सामाजिक प्रभाव – शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि जैसे क्षेत्रों में एआई आम जनता तक सुविधाएं पहुंचा सकता है।
दिल्ली संवाददाता कमल किशोर की रिपोर्ट
हमारे संवाददाता कमल किशोर ने कॉन्क्लेव में मौजूद प्रमुख मेहमानों से विशेष बातचीत की।

Future of AI in India | GACS Knowledge Conclave in Delhi
सभी का मानना था कि यह आयोजन भारत को AI-ड्रिवन नेशन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कॉर्पोरेट जगत और सरकार मिलकर अगर इस दिशा में कदम उठाते हैं, तो भारत विश्व में एआई लीडरशिप हासिल कर सकता है।
नई दिल्ली में आयोजित GACS का AI नॉलेज कॉन्क्लेव केवल एक आयोजन नहीं था, बल्कि यह भारत के डिजिटल भविष्य की दिशा तय करने वाला एक मील का पत्थर (Milestone) साबित हुआ।
- इसमें न सिर्फ कॉर्पोरेट जगत की रणनीतियों पर चर्चा हुई, बल्कि AI के नैतिक उपयोग, डेटा सुरक्षा, रोजगार और इनोवेशन जैसे अहम मुद्दों पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ।
- यह स्पष्ट है कि भारत अगर AI में निवेश, ट्रेनिंग और रिसर्च पर ध्यान देगा तो आने वाले वर्षों में दुनिया के सबसे बड़े एआई केंद्रों में से एक बन सकता है।