
दिल्ली में गोगी गैंग पर बड़ा प्रहार | दो बदमाश हथियारों समेत गिरफ्तार
📰 दिल्ली में गोगी गैंग के दो कुख्यात बदमाश गिरफ्तार, अवैध हथियार बरामद — दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस की आउटर नॉर्थ जिला की स्पेशल टीम ने दशहरा के दिन एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। टीम ने गोगी गैंग/सोनू खड़करी से जुड़े दो कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो न केवल अवैध हथियारों की तस्करी में सक्रिय थे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट के लिए मनी लॉन्ड्रिंग का काम भी करते थे।
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गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल (Pietro Gardone VTCAL PAT मेक) दो जिंदा कारतूसों के साथ और एक देशी कट्टा एक जिंदा कारतूस के साथ बरामद किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋतिक उर्फ बॉम्ब (22) और चंदन (19) के रूप में हुई है, जो पहले भी कई गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल रह चुके हैं।
ऋतिक, पीएस कापसहेड़ा का घोषित बदमाश है और उस पर छह संगीन मामलों में मुकदमे दर्ज हैं, जबकि चंदन दो मामलों में पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। यह कार्रवाई आउटर नॉर्थ जिला पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

विदेशी पिस्टल और क्रिप्टो नेटवर्क के साथ पकड़े गए गोगी गैंग के बदमाश
📅 त्योहार के दिन भी पुलिस की मुस्तैदी से मिली सफलता
यह पूरी घटना 2 अक्टूबर 2025 को दशहरा के मौके पर घटी। जब शहरवासी रावण दहन के उत्सव में व्यस्त थे, उसी समय समयपुर बादली थाना की टीम बीजी ब्लॉक, श्रीराम धर्मकांटा, संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर के पास गश्त कर रही थी।
गश्ती के दौरान पुलिस को एक सफेद रंग की i20 कार संदिग्ध हालत में दिखी, जिसकी आगे की नंबर प्लेट गायब थी। यह देखकर पुलिस को शक हुआ और उन्होंने कार को रुकने का इशारा किया। लेकिन कार में सवार लोग पीछे मुड़कर भागने लगे।
पुलिस ने तत्काल सतर्कता दिखाते हुए कार का पीछा किया और थोड़ी दूरी पर उसे घेर लिया। कार में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें से तीन मौके से भाग निकले जबकि बाकी तीन को पुलिस ने पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों में ऋतिक, चंदन और रोहित शामिल थे।
तलाशी के दौरान ऋतिक और चंदन से अवैध हथियार बरामद हुए — एक विदेशी पिस्टल, दो कारतूस, एक देशी कट्टा और एक कारतूस। मौके से भागा तीसरा मुख्य आरोपी सुरज उर्फ ऋतिक हथियार उपलब्ध कराता था, जिसकी तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है।
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🚨 आपराधिक इतिहास और गिरोह से संबंध
पुलिस जांच में सामने आया कि ऋतिक किशोरावस्था से ही अपराध की दुनिया में सक्रिय था। 2018 में गैंगस्टर राजेश भारती की मौत के बाद उसने सोनू खड़करी और बाद में गोगी गैंग से हाथ मिला लिया।
ऋतिक पर हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी वसूलने और अवैध हथियारों की तस्करी जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमे दर्ज हैं। वह दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर गैंग की गतिविधियों को संचालित करता था।
चंदन भी पिछले दो मामलों में जेल जा चुका है और हाल के महीनों में ऋतिक के साथ सक्रिय रूप से हथियारों की आपूर्ति और गिरोह की लॉजिस्टिक्स में शामिल था।

गोगी गैंग के अपराधी मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर फ्रॉड में भी सक्रिय — पुलिस का खुलासा
🌐 अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क
पूछताछ में एक चौंकाने वाला पहलू सामने आया — ऋतिक केवल स्थानीय गैंगस्टर ही नहीं था, बल्कि पाकिस्तानी ठगों से जुड़ा एक अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क भी चला रहा था।
- वह पाकिस्तानी व्हाट्सएप नंबरों से संपर्क में था।
- बायनेंस (Binance) ऐप के जरिए USDT (Tether) क्रिप्टोकरंसी में लेन-देन करता था।
- वह भारतीय क्रिप्टो ट्रेडर्स के यूपीआई आईडी पाकिस्तानी ठगों को उपलब्ध कराता था।
पाकिस्तानी ठग इन फर्जी UPI अकाउंट्स के जरिए भारत में पीड़ितों से फर्जी लोन ऐप्स और अन्य ऑनलाइन ठगी के जरिये पैसा वसूलते थे। जब पैसा इन खातों में आता, ऋतिक उसे USDT में कन्वर्ट कर देता और बदले में उसे प्रति ट्रांजैक्शन 5% कमीशन मिलता था।
जांच में उसके मोबाइल से पाकिस्तान के छह सक्रिय नंबरों से बातचीत के सबूत मिले हैं। साथ ही, तीन Binance अकाउंट्स की भी पहचान हुई है, जिनसे यह लेन-देन हो रहा था। यह नेटवर्क न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर फ्रॉड में शामिल है।
🔫 बरामदगी और साक्ष्य
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित चीज़ें बरामद कीं:
- एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल (Pietro Gardone VTCAL PAT)
- दो जिंदा कारतूस
- एक देशी कट्टा
- एक जिंदा कारतूस
- एक सफेद i20 कार, बिना फ्रंट नंबर प्लेट के
- ऋतिक का मोबाइल फ़ोन, जिसमें पाकिस्तानी नंबरों से संपर्क और Binance ट्रांजैक्शन के डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं
इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने एफआईआर नंबर 965/2025 दर्ज की है। आरोपियों को IPC और Arms Act की विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार किया गया।
👮 पुलिस की त्वरित कार्रवाई और रिमांड
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। इस दौरान पुलिस उनसे गिरोह के अन्य सदस्यों, हथियार आपूर्ति नेटवर्क और साइबर फ्रॉड में उनकी भूमिका के बारे में पूछताछ करेगी।
पुलिस ने बताया कि फरार आरोपी सुरज उर्फ ऋतिक की तलाश में दिल्ली-NCR के कई इलाकों में छापेमारी की जा रही है। साथ ही, क्रिप्टो लेन-देन में शामिल अन्य भारतीय ट्रेडर्स और पाकिस्तानी ठगों की पहचान के लिए साइबर सेल और खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर जांच की जा रही है।
🧠 गोगी गैंग: दिल्ली-हरियाणा में अपराध का बड़ा नेटवर्क
गोगी गैंग दिल्ली-हरियाणा क्षेत्र में पिछले एक दशक से सक्रिय एक कुख्यात आपराधिक नेटवर्क है। इसकी स्थापना जितेंद्र गोगी ने की थी, जिसे 2021 में रोहिणी कोर्ट में गोलीबारी के दौरान मारा गया। उसके बाद सोनू खड़करी ने गैंग की कमान संभाली।
यह गैंग न सिर्फ रंगदारी और हथियारबाजी में सक्रिय है, बल्कि अब क्रिप्टोकरंसी और साइबर फ्रॉड के जरिए पैसे की हेराफेरी में भी शामिल हो चुका है। ऋतिक और चंदन जैसे युवा अपराधी इस गैंग की नई पीढ़ी का हिस्सा हैं, जो आधुनिक तकनीक को अपराध के साधन के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
📝 पुलिस का बयान
आउटर नॉर्थ जिला के उपायुक्त हरेश्वर स्वामी (IPS) ने बताया:
“गोगी गैंग जैसे आपराधिक नेटवर्क अब पारंपरिक अपराध से आगे बढ़कर साइबर अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग में भी शामिल हो गए हैं। यह गिरफ्तारी न केवल दो बदमाशों की है, बल्कि एक बड़े नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”

दशहरे पर दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई | गोगी गैंग के बदमाश गिरफ्तार
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और अपराधियों को पकड़ने में सहयोग करें।⚠️ संदेश नागरिकों के लिए
संदिग्ध वाहनों की सूचना तुरंत दें — खासकर यदि नंबर प्लेट गायब हो।
- ऑनलाइन ट्रांजैक्शन में सतर्क रहें — फर्जी UPI और क्रिप्टो ट्रांजैक्शन मनी लॉन्ड्रिंग के साधन बन रहे हैं।
- किशोरों को अपराध की ओर जाने से रोकें — गैंग उन्हें आसान पैसे के लालच में फंसा लेते हैं।
- कानून का सहयोग करें — गवाह बनें, शिकायत दर्ज कराएं, और पुलिस को सूचनाएं साझा करें।
🔚 निष्कर्ष
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अपराधी अब आधुनिक तकनीक, हथियारों और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऋतिक और चंदन की गिरफ्तारी से गोगी गैंग को बड़ा झटका लगा है और इससे उनके नेटवर्क के कई और कड़ियाँ उजागर होने की उम्मीद है।
यह मामला पारंपरिक गैंगवार से आगे जाकर यह भी दिखाता है कि अपराधी अब क्रिप्टोकरंसी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को अपराध के वित्तीय चैनल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। आने वाले समय में पुलिस और साइबर एजेंसियों को ऐसे अपराधों से निपटने के लिए और भी अधिक तकनीकी रूप से सशक्त होना पड़ेगा।