
दिल्ली पुलिस ने मोबाइल चोरी के बड़े नेटवर्क को 48 घंटे में किया ट्रेस,आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने उत्तर-पश्चिम जिले में 105 चोरी किए गए मोबाइल फोन के रैकेट का किया भंडाफोड़, आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस उत्तर-पश्चिम जिले की एंटी बर्गलरी, स्नैचिंग एवं मोबाइल ट्रेसिंग सेल ने एक बड़े मोबाइल चोरी और पुनर्विक्रय रैकेट का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में मोहम्मद शाहरूख (29 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया, जो चोरी किए गए मोबाइल फोन को स्नैचर और छोटे चोरों से खरीदता था, उनके बॉडी और आंतरिक पुर्जों में बदलाव करके उनकी पहचान छिपाता और उन्हें लाभ के लिए पुनः बेच देता था।
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इस बड़ी सफलता के परिणामस्वरूप पुलिस ने कुल 105 स्मार्टफोन बरामद किए, जिनमें से कम से कम 5 मोबाइल फोन पहले से दर्ज चोरी के मामलों से संबंधित पाए गए। इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया कि राजधानी दिल्ली में मोबाइल चोरी और उनके पुनर्विक्रय की बढ़ती घटनाओं पर पुलिस लगातार कड़ी नजर रख रही है और ऐसे रैकेट्स को खुलासे की दिशा में काम कर रही है।
पृष्ठभूमि और अपराध की बढ़ती घटनाएँ
हाल ही में कई मामले सामने आए हैं, जिनमें अपराधी केवल मोबाइल फोन को ही निशाना बना रहे हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि मोबाइल फोन आसानी से रिसीवरों को बेचे जा सकते हैं। चोरी किए गए फोन को तुरंत नकदी में बदलने की क्षमता और बाजार में उनकी उच्च मांग अपराधियों को इस प्रकार के रैकेट्स की ओर आकर्षित करती है।
उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस ने इस बढ़ती समस्या को देखते हुए एंटी बर्गलरी, स्नैचिंग एवं मोबाइल ट्रेसिंग सेल को विशेष दायित्व सौंपा। इस टीम का कार्य है चोरी या स्नैचिंग किए गए मोबाइल फोन की बरामदगी, उनके रैकेट का पता लगाना और अपराधियों को गिरफ्तार करना।
टीम और संचालन
इस मामले की जांच और छापेमारी के लिए एक विशेष टीम गठित की गई, जिसका नेतृत्व इंस्पेक्टर चैतन्य अभिजीत, इंचार्ज एंटी बर्गलरी, स्नैचिंग एवं मोबाइल ट्रेसिंग सेल, उत्तर-पश्चिम जिला ने किया। टीम में शामिल थे एसआई विश्व प्रताप, एसआई उमेश पाल, एचसी मुकेश कुमार, एचसी प्रभात और एचसी सुनील।
टीम को एसीपी सीएडब्ल्यू सेल, श्री राजीव कुमार और अधोहस्ताक्षरी के निकट पर्यवेक्षण में काम करने के आदेश दिए गए। टीम लगातार संदिग्ध रैकेट पर नजर बनाए हुए थी और विश्वसनीय सूचना मिलने पर कार्रवाई के लिए तैयार थी।
स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर, 08 अक्टूबर 2025 को टीम ने कबाड़ी मार्केट, कुशल सिनेमा रोड, जहांगीरपुरी में लक्षित छापेमारी की।

एंटी बर्गलरी और मोबाइल ट्रेसिंग सेल ने चोरी रैकेट पर कसा शिकंजा
गिरफ्तारी और बरामदगीछापेमारी के दौरान मोहम्मद शाहरूख, पुत्र मोहम्मद रकीब, निवासी जहांगीरपुरी, दिल्ली, आयु 29 वर्ष, को मौके से गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह चोरी किए गए मोबाइल फोन को स्नैचर और छोटे चोरों से खरीदता है। उसने मोबाइल के बॉडी और आंतरिक पुर्जों में बदलाव कर उनकी पहचान छिपाई और फिर उन्हें लाभ के लिए पुनः बेचता था।
तलाशी के दौरान पुलिस ने 105 स्मार्टफोन बरामद किए। इनमें से अधिकांश बैगों और कार्टनों में रखे हुए थे। प्रारंभिक जांच में 5 मोबाइल फोन चोरी के मामलों से संबंधित पाए गए, जो अलग-अलग थानों में दर्ज ई-एफआईआर से जुड़े थे।
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बरामद मोबाइल फोन की स्थिति:
- 70 मोबाइल फोन के IMEI नंबर पहचान योग्य थे।
- शेष 35 मोबाइल या तो लॉक थे या स्विच ऑफ थे, जिससे मौके पर IMEI की पुष्टि नहीं हो सकी।
- इन उपकरणों की पहचान CEIR पोर्टल और IMEI सर्च के माध्यम से आगे की जा रही है।
सुलझाए गए ई-एफआईआर मामले
पुलिस ने जांच के दौरान यह पुष्टि की कि बरामद 5 मोबाइल फोन निम्नलिखित ई-एफआईआर से जुड़े थे:
- ई-एफआईआर संख्या 80071000/2025, दिनांक 30/07/2025, थाना आदर्श नगर
- ई-एफआईआर संख्या 80129864/2024, दिनांक 15/11/2024, थाना मॉडल टाउन
- ई-एफआईआर संख्या 80052729/2025, दिनांक 01/06/2025, थाना महेन्द्रा पार्क
- ई-एफआईआर संख्या 80086458/2025, दिनांक 14/09/2025, थाना समयपुर बादली
- ई-एफआईआर संख्या 80127482/2024, दिनांक 08/11/2024, थाना मुखर्जी नगर
इससे यह स्पष्ट होता है कि आरोपी ने बड़े पैमाने पर चोरी किए गए मोबाइल फोन के नेटवर्क का संचालन किया।
पूछताछ और आरोपी का विवरण
पूछताछ में मोहम्मद शाहरूख ने स्वीकार किया कि वह चोरी किए गए मोबाइल फोन को अन्य स्थानीय विक्रेताओं को वितरित करता था। इसके अलावा, उसने यह भी बताया कि वह फोन की बॉडी और आंतरिक पुर्जों में बदलाव करके उनके पहचान को छिपाता था।

चोरी किए गए मोबाइल फोन का पुनर्विक्रय रैकेट उजागर, आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया
आरोपी का विवरण:
- नाम: मोहम्मद शाहरूख
- पिता का नाम: मोहम्मद रकीब
- निवासी: जहांगीरपुरी, दिल्ली
- आयु: 29 वर्ष
- पूर्व आपराधिक संलिप्तता: NIL
अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया। संबंधित ई-एफआईआर के जांच अधिकारियों को आगे की कार्रवाई हेतु सूचित किया गया।
पुलिस की रणनीति और सफलता
उत्तर-पश्चिम जिले की एंटी बर्गलरी, स्नैचिंग एवं मोबाइल ट्रेसिंग सेल की यह कार्रवाई पुलिस की तत्परता, तकनीकी दक्षता और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण है।
पुलिस ने स्थानीय सूचना स्रोतों, तकनीकी निगरानी और मानव खुफिया नेटवर्क का संयोजन कर इस रैकेट तक पहुँचा। आरोपी को पकड़ने और चोरी किए गए मोबाइल फोन बरामद करने में टीम की गहन तैयारी और रणनीति स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
समाज के लिए संदेश
इस मामले के माध्यम से दिल्ली पुलिस ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि चोरी किए गए मोबाइल फोन का पुनर्विक्रय या रिसीवर होना कानूनन अपराध है।
सामान्य नागरिकों को भी यह संदेश दिया गया कि:
- अपने मोबाइल फोन और कीमती सामान की सुरक्षा पर ध्यान दें।
- यदि किसी को संदिग्ध गतिविधि या चोरी का शक हो तो तुरंत स्थानीय थाना या पुलिस हेल्पलाइन पर सूचित करें।
- चोरी या स्नैचिंग के मोबाइल को खरीदना, बेचना या किसी भी प्रकार से इस्तेमाल करना अपराध है।
निष्कर्ष
इस पूरे मामले में पुलिस की तत्परता, कुशल योजना और टीमवर्क ने अपराधियों के लिए एक स्पष्ट संदेश दिया कि राजधानी दिल्ली में चोरी या स्नैचिंग के मोबाइल फोन का रैकेट चलाना आसान नहीं है।
105 मोबाइल फोन बरामद करने और आरोपी को गिरफ्तार करने के साथ ही पुलिस ने यह सुनिश्चित किया कि चोरी की गई अधिकांश संपत्ति को अपने मालिकों तक पहुँचाने के लिए तकनीकी जांच जारी रहे।
यह कार्रवाई यह भी स्पष्ट करती है कि पुलिस न केवल अपराधियों को पकड़ने में सक्षम है बल्कि चोरी और अपराध के नेटवर्क का भंडाफोड़ करने में भी कुशल है।

दिल्ली पुलिस का संदेश: चोरी और स्नैचिंग मोबाइल पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू
उपसंहार
उत्तर-पश्चिम जिले की एंटी बर्गलरी, स्नैचिंग एवं मोबाइल ट्रेसिंग सेल की यह सफलता दिल्ली पुलिस की सतर्कता, तकनीकी दक्षता और अपराध पर जीरो टॉलरेंस नीति का प्रतीक है। पुलिस लगातार अपने क्षेत्र में सक्रिय गश्त, तकनीकी निगरानी और मानव खुफिया नेटवर्क का उपयोग करके अपराधियों पर अंकुश लगाती रहेगी।
(भीष्म सिंह)
आईपीएस, उपायुक्त पुलिस, उत्तर-पश्चिम जिला, दिल्ली