
नशा मुक्त भारत फरीदाबाद पीएमश्री स्कूल: नशा मुक्त भारत के संदेश के साथ छात्र और शिक्षक हुए प्रेरित
फरीदाबाद में पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय में नशा मुक्ति अभियान और प्रतियोगिता आयोजित
नशा मुक्त हो भारत देश, स्वस्थ रहे मेरा प्रदेश” के नारे के साथ आज हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो (NCB) ने फरीदाबाद में एक दिवसीय नशा मुक्ति अभिया का आयोजन किया। यह अभियान न केवल नशे के खतरों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, बल्कि विद्यार्थियों और आम जनता में नशा मुक्त समाज की आवश्यकता को उजागर करने के लिए भी था।
इस अभियान का मार्गदर्शन ब्यूरो पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने किया। उनके दिशा-निर्देशों और मार्गदर्शन के तहत, ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी/उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने सुबह तड़के साइकिल पर निकलकर नशा मुक्ति का संदेश देने का अभियान शुरू किया।

नशा विरोधी प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाया रचनात्मक प्रतिभा और जागरूकता
साइकिल यात्रा के माध्यम से जागरूकता फैलाना
डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन फरीदाबाद से अपनी साइकिल यात्रा शुरू की। उन्होंने चंदावली, मच्छगर, दयालपुर, अटाली और मोढूका होते हुए स्थानीय लोगों को नशा मुक्ति का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने लोगों से संवाद किया, उन्हें बताया कि नशा न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि यह समाज और परिवार के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करता है।
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साइकिल यात्रा के दौरान, डॉ. वर्मा ने लोटा और नमक के साथ प्रतीकात्मक संदेश भी फैलाया, ताकि यह दिखाया जा सके कि नशा मुक्त जीवन सरल, स्वच्छ और स्वास्थ्यप्रद होता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही नशे से लड़ने का पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है।
इस अभियान में डॉ. वर्मा ने 66 किलोमीटर की दूरी तय की और हर गाँव, मोहल्ला और बाजार में नशे के दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक किया। यह यात्रा न केवल शारीरिक शक्ति का प्रदर्शन थी, बल्कि एक प्रेरक संदेश भी थी कि समाज के हर व्यक्ति को नशे के खिलाफ कदम उठाने की आवश्यकता है।
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पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय में जागरूकता सत्र
साइकिल यात्रा के बाद डॉ. अशोक कुमार वर्मा सीधे पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय, फरीदाबाद पहुंचे। वहां उन्होंने उप प्राचार्य सतीश जैन से भेंट की और नशे के विरुद्ध एक दिवसीय जागरूकता सत्र का आयोजन किया।
विद्यालय में 488 विद्यार्थी, 20 शिक्षक और 5 अन्य कर्मचारी उपस्थित थे। उप प्राचार्य सतीश जैन ने डॉ. वर्मा का स्वागत किया और सभी को बताया कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को नशे के खतरों और उसके परिणामों से अवगत कराने के लिए आयोजित किया गया है।
सत्र के दौरान, डॉ. वर्मा ने छात्रों को विस्तार से बताया कि भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित नशों में शामिल हैं:
- अफीम
- चरस
- हेरोइन
- स्मैक
- चिट्टा
- एलएसडी
- एमडीएम नशे की गोलियां
- नशे के टीके
उन्होंने छात्रों को यह निर्देश भी दिए कि यदि किसी को नशे के संबंध में जानकारी हो तो वे 1933 अथवा 9050891508 पर निर्भीकता से सूचित करें। इससे न केवल नशे का विरोध होगा, बल्कि समाज में सुरक्षा और जागरूकता का माहौल भी बनेगा।
डॉ. वर्मा ने विद्यार्थियों से शपथ भी दिलवाई कि वे नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवार और समाज को भी नशे से बचाने का प्रयास करेंगे।

फरीदाबाद के स्कूलों में नशा मुक्त जीवन के लिए जागरूकता सत्र का आयोजन
प्रतियोगिता और छात्र प्रतिभा का प्रदर्शन
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों के लिए नशे के खिलाफ एक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्रों को रचनात्मक तरीके से नशे के दुष्प्रभावों के बारे में सोचने और साझा करने का अवसर देना था।
प्रतियोगिता में नवम कक्षा की ख्याति ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
द्वितीय स्थान पर रहे देव गौतम, और
कक्षा सप्तम के आशीष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
विजेता विद्यार्थियों को स्कूल के नियमों और प्रोटोकॉल के अनुसार सम्मानित किया गया। यह प्रतियोगिता न केवल उनकी प्रतिभा को उजागर करने का अवसर थी, बल्कि उन्हें नशे के खतरों और उसके प्रभावों को समझने और दूसरों तक पहुंचाने का मंच भी प्रदान किया।
नशा मुक्ति अभियान का समाज पर प्रभाव
यह अभियान केवल स्कूल तक ही सीमित नहीं रहा। डॉ. वर्मा ने यह सुनिश्चित किया कि सड़क, मोहल्ला और स्थानीय बाजार में भी लोगों को नशे के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि जागरूकता कार्यक्रम और पुनर्वास प्रयास समाज में स्थायी बदलाव लाने के लिए आवश्यक हैं।
डॉ. वर्मा ने बताया कि पुलिस अधीक्षक मोहित हांडा के नेतृत्व और पुलिस उपाधीक्षक गजेंद्र सिंह के पर्यवेक्षण में वे निरंतर अभियान चला रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि हर युवा और नागरिक नशे के खतरों से अवगत हो और नशा मुक्त जीवन अपनाए।
शिक्षकों और अभिभावकों की भागीदारी
इस अभियान की सफलता में विद्यालय के शिक्षक और अभिभावक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने छात्रों को सत्र के दौरान सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया और नशा मुक्त जीवन के महत्व पर चर्चा की। शिक्षकों ने छात्रों को बताया कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का सही विकास तभी संभव है जब युवा नशे से दूर रहें।
अभिभावकों ने भी इस कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि ऐसे जागरूकता सत्र बच्चों में सकारात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी पैदा करते हैं।
नशा मुक्ति अभियान के लक्ष्य और भविष्य की योजनाएँ
इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है कि हर व्यक्ति नशे के खतरों से अवगत हो और समाज में जागरूकता फैलाए। यह अभियान केवल छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे शहर और जिले में फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।
- युवाओं में जागरूकता और आत्मनिर्भरता पैदा करना
- समाज में नशे के खिलाफ सकारात्मक माहौल बनाना
- पुलिस और सरकारी विभागों के सहयोग से समुदाय स्तर पर निगरानी और सहयोग सुनिश्चित करना
डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि आने वाले महीनों में फरीदाबाद के अन्य स्कूलों और कॉलेजों में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं और नागरिकों में नशा मुक्त समाज की भावना को मजबूत किया जा सके।

हरियाणा NCB का फरीदाबाद में एक दिवसीय नशा मुक्ति अभियान, छात्र और शिक्षक हुए सहभागी
कार्यक्रम का निष्कर्ष
आज का अभियान यह स्पष्ट करता है कि नशा मुक्ति केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है।
- नशे के दुष्प्रभावों को समझाना और जागरूकता फैलाना सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम है।
- प्रतियोगिताओं और सत्रों के माध्यम से युवाओं में रचनात्मक और जिम्मेदार दृष्टिकोण विकसित किया जा सकता है।
- पुलिस, शिक्षक, अभिभावक और समाज के सभी सदस्य मिलकर नशा मुक्त समाज की दिशा में कार्य कर सकते हैं।
इस अभियान ने न केवल विद्यार्थियों और नागरिकों को नशे के खतरों से अवगत कराया, बल्कि समाज में जागरूकता, सहभागिता और सकारात्मक बदलाव के लिए एक उदाहरण भी प्रस्तुत किया।
डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने सत्र के अंत में साइकिल पर बैठकर वापस 66 किलोमीटर की दूरी तय की और यह संदेश दिया कि नशा मुक्त जीवन स्वस्थ और उत्साही जीवन की नींव है।