Delhi Police Recovers 17 Stolen Tower Batteries; Scrap Network Exposed

Big Breakthrough: Delhi Police Solves Four Major Battery Theft Cases in Delhi-NCR Delhi Police के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की बड़ी कार्रवाई: मोबाइल टावर बैटरी चोरी और

Delhi Police

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Big Breakthrough: Delhi Police Solves Four Major Battery Theft Cases in Delhi-NCR

Delhi Police के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की बड़ी कार्रवाई: मोबाइल टावर बैटरी चोरी और स्क्रैप सिंडिकेट


Delhi Police के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए मोबाइल टावर बैटरी चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में सक्रिय था और चोरी की गई महंगी टावर बैटरियों को स्क्रैप डीलरों के जरिए बेचता था। पुलिस ने इस कार्रवाई में तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है, जिनसे 17 चोरी की गई मोबाइल टावर बैटरियाँ बरामद की गई हैं।

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इनमें से 12 बैटरियाँ JIO, 2 BSNL, और 3 EXICOM कंपनी की हैं। साथ ही, अपराध में उपयोग की गई एक हीरो पैशन प्रो मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस का मानना है कि यह कार्रवाई मोबाइल टावर बैटरी चोरी के लगातार बढ़ रहे मामलों पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।

🕵️‍♂️ गुप्त सूचना से शुरू हुई कार्रवाई

सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की स्पेशल स्टाफ टीम को 4 अक्टूबर 2025 को एक विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली। सूचना के अनुसार, अकील नामक व्यक्ति, जो भजनपुरा का निवासी है, चोरी की मोबाइल टावर बैटरियाँ खरीदता और बेचता था। मुखबिर ने बताया कि अकील इन बैटरियों को शानू उर्फ सोनू (निवासी — मुस्तफाबाद) से सस्ते दामों पर खरीदता था।

इसके बाद अकील इन चोरी की बैटरियों को लालधर सैनी उर्फ नाटी, जो कि आई.पी. एस्टेट, दिल्ली का रहने वाला है और जहांगीर रोड पर ई-रिक्शा का व्यवसाय करता है, को बेचता था। सूचना के अनुसार, अकील उस रात लगभग 8 बजे प्रेस रोड, जहांगीर रोड पर चोरी की बैटरियों की एक खेप सौंपने वाला था।

Delhi Police Busts Inter-State Mobile Tower Battery Theft Gang; 17 Batteries Recovered

⚡ पुलिस की सटीक घेराबंदी

गुप्त सूचना की पुष्टि के बाद, एसीपी (स्पेशल स्टाफ) के निर्देशन में इंस्पेक्टर और एसआई की टीम गठित की गई।
टीम में शामिल थे:

  • एसआई मनोज कुमार
  • हेड कांस्टेबल विजय
  • कांस्टेबल दीपक, राहुल और अरुण

टीम ने तय समय पर जहांगीर रोड के आसपास निगरानी शुरू की। इलाके में कई टीमों को तैनात किया गया ताकि संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

लगभग रात 8:05 बजे, एक व्यक्ति मोटरसाइकिल (हीरो पैशन प्रो) पर आया, जिसके पीछे दो बड़ी बैटरियाँ बंधी हुई थीं। पुलिस टीम ने तुरंत उसे घेर लिया। पूछताछ में उसकी पहचान अकील (निवासी भजनपुरा) के रूप में हुई। उसके पास से दो मोबाइल टावर बैटरियाँ बरामद की गईं, जिन पर JIO कंपनी का निशान था।

🔎 गहन पूछताछ में खुला नेटवर्क

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अकील से पूछताछ की तो उसने अपने साथियों के नाम और पूरा नेटवर्क उजागर किया। उसने बताया कि वह चोरी की बैटरियाँ शानू उर्फ सोनू और एक अन्य साथी से खरीदता था। ये दोनों मिलकर दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के अलग-अलग इलाकों में लगे मोबाइल टावरों से बैटरियाँ चोरी करते थे।

अकील ने यह भी बताया कि इन बैटरियों को वे स्क्रैप के रूप में बेच देते थे। हर बैटरी की कीमत ₹25,000 से ₹40,000 तक होती थी, जबकि वे इन्हें मात्र ₹4,000–₹5,000 में स्क्रैप डीलरों को बेच देते थे।

अकील की निशानदेही पर पुलिस ने शानू उर्फ सोनू और लालधर सैनी उर्फ नाटी को भी गिरफ्तार कर लिया।

📦 बरामदगी और छापेमारी

तीनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम ने दिल्ली और गाजियाबाद के कई स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस को कुल 17 चोरी की गई मोबाइल टावर बैटरियाँ बरामद हुईं —

  • 12 JIO कंपनी की
  • 2 BSNL की
  • 3 EXICOM कंपनी की

इसके अलावा, चोरी में इस्तेमाल मोटरसाइकिल (हीरो पैशन प्रो, बिना नंबर प्लेट) और स्क्रैप खरीद-फरोख्त से संबंधित दस्तावेज़ भी जब्त किए गए।

🧩 अपराध का तरीका (Modus Operandi)

जांच में पता चला कि यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता था।

  1. शानू उर्फ सोनू और उसके साथी रात में मोबाइल टावर साइट्स की रेकी करते थे।
  2. जहां गार्ड या निगरानी कम होती, वहां वे टावर की बैटरियाँ निकाल लेते।
  3. ये बैटरियाँ छोटे ट्रॉली या मोटरसाइकिल के माध्यम से पास के इलाकों तक ले जाई जातीं।
  4. अकील चोरी का माल कम दाम में खरीदता और
  5. लालधर सैनी स्क्रैप डीलर नेटवर्क के माध्यम से इन बैटरियों को आगे बेच देता।

इन बैटरियों को स्क्रैप डीलरों तक पहुँचाने के बाद उन्हें तोड़ दिया जाता ताकि असली पहचान मिटाई जा सके, जिससे ट्रैक करना मुश्किल हो जाए।

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🛰️ मैनुअल और टेक्निकल सर्विलांस से ट्रैकिंग

स्पेशल स्टाफ की टीम ने इस नेटवर्क को पकड़ने के लिए मैनुअल सर्विलांस (सूत्रों और स्थानीय मुखबिरों के जरिये निगरानी) और टेक्निकल सर्विलांस (CCTV फुटेज, कॉल डिटेल्स, लोकेशन ट्रैकिंग) दोनों का इस्तेमाल किया।

टीम ने कई इलाकों की CCTV फुटेज खंगाली, जिससे यह पुष्टि हुई कि एक ही पैशन प्रो मोटरसाइकिल को कई चोरी की घटनाओं के दौरान देखा गया था। इसी सुराग से पुलिस आरोपियों तक पहुँची।

🚨 चार बड़े मामले सुलझे

पुलिस ने जांच के दौरान यह पाया कि यह गिरोह दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा में हुई चार बड़ी मोबाइल टावर बैटरी चोरी की वारदातों में शामिल था।

  1. गाजियाबाद सेक्टर 62 में JIO टावर चोरी
  2. नोएडा सेक्टर 59 में BSNL बैटरी चोरी
  3. दिल्ली के दरियागंज इलाके में टावर चोरी
  4. आई.पी. एस्टेट के आसपास EXICOM टावर से बैटरी चोरी

इन सभी मामलों में चोरी की गई बैटरियाँ अब बरामद कर ली गई हैं।

👮‍♂️ पुलिस अधिकारियों के बयान

सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी ने इस सफलता पर टीम की सराहना की। उन्होंने कहा —

“स्पेशल स्टाफ की यह कार्रवाई न सिर्फ एक चोरी गैंग को पकड़ने की उपलब्धि है, बल्कि इससे ऐसे स्क्रैप नेटवर्क पर भी चोट पहुंची है जो चोरी के माल को खपाने में अहम भूमिका निभाते हैं। हम ऐसे नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखेंगे।”

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उन्होंने आगे कहा कि पुलिस अब स्क्रैप मार्केट में भी सघन जांच कर रही है, ताकि भविष्य में इस तरह के अपराधों पर रोक लगाई जा सके।

⚖️ कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है —

  • धारा 379 (चोरी)
  • धारा 411 (चोरी का माल रखना)
  • धारा 34 (साझा आपराधिक कृत्य)
  • तथा अन्य संबंधित धाराएँ जो इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चोरी और संपत्ति नुकसान से जुड़ी हैं।

सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेजा गया ताकि और नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

🧠 पुलिस की रणनीति और भविष्य की योजना

स्पेशल स्टाफ ने इस घटना के बाद मोबाइल टावर कंपनियों से भी संपर्क किया है। उन्हें सुझाव दिया गया है कि

  • टावर साइट्स पर CCTV की संख्या बढ़ाई जाए,
  • बैटरी यूनिट्स पर GPS ट्रैकर लगाए जाएँ,
  • रात में नियमित गश्त बढ़ाई जाए,
  • और लोकल बीट पुलिस को अलर्ट रखा जाए।

इसके अलावा, पुलिस ने स्क्रैप मार्केट में काम करने वालों को भी चेताया है कि यदि कोई व्यक्ति बिना वैध बिल के बैटरी या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बेचता है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए।

💡 सामाजिक प्रभाव

मोबाइल टावर बैटरियाँ दूरसंचार नेटवर्क की रीढ़ होती हैं। इनके चोरी होने से नेटवर्क बाधित होता है और लाखों लोगों की कनेक्टिविटी पर असर पड़ता है। इस कारण यह केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि पब्लिक सर्विस को प्रभावित करने वाला अपराध माना जाता है।

दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई न केवल अपराधियों पर सख्त कार्रवाई का उदाहरण है, बल्कि इससे जनता में भी यह संदेश गया है कि अपराध चाहे कितना भी संगठित क्यों न हो, कानून की पकड़ से बचना असंभव है।

JIO, BSNL, EXICOM Tower Batteries Recovered in Central District Police Operation

📍 निष्कर्ष

सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच के माध्यम से जिस कुशलता से इस इंटरस्टेट गिरोह का भंडाफोड़ किया, वह काबिले-तारीफ है।

यह केस दिखाता है कि—

  • अपराध कितना भी जटिल क्यों न हो, अगर जांच रणनीतिक और समन्वित तरीके से की जाए, तो सफलता निश्चित है।
  • पुलिस और टेलीकॉम कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल से इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।

सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस अब इस मामले के अन्य संभावित साथियों और स्क्रैप डीलरों की तलाश में है, ताकि पूरे नेटवर्क को समाप्त किया जा सके।

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