Delhi Police Strike Hard: Major Operation Targets Drug Peddlers and Illegal Foreigners

Delhi Police Arrest 260 African Nationals in Massive Crackdown Delhi Police की वेस्टर्न रेंज की कार्रवाई ऑपरेशन क्लीन स्वीप में 260 अफ्रीकी नागरिक गिरफ्तार राजधानी

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Delhi Police Arrest 260 African Nationals in Massive Crackdown

Delhi Police की वेस्टर्न रेंज की कार्रवाई ऑपरेशन क्लीन स्वीप में 260 अफ्रीकी नागरिक गिरफ्तार

राजधानी दिल्ली में ड्रग्स माफिया और अवैध विदेशी नागरिकों पर नकेल कसने के लिए Delhi Police की वेस्टर्न रेंज ने एक बड़े स्तर पर अभियान चलाया है। इस विशेष अभियान का नाम “ऑपरेशन क्लीन स्वीप” रखा गया, जिसके तहत पुलिस ने दिल्ली के कई इलाकों में छापेमारी करते हुए 260 अफ्रीकी नागरिकों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया है।

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इनमें पुरुष, महिलाएँ और कुछ किशोर भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि यह अब तक का सबसे बड़ा एक-दिवसीय ऑपरेशन था, जिसमें तीन जिलों — द्वारका, वेस्ट और आउटर की पुलिस ने समन्वित कार्रवाई की।

ऑपरेशन का उद्देश्य: अवैध प्रवास और ड्रग्स नेटवर्क पर रोकथाम

दिल्ली पुलिस के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में वेस्टर्न रेंज के अंतर्गत आने वाले इलाकों — द्वारका, बिंदापुर, डाबड़ी, उत्तम नगर, मोहन गार्डन, तिलक नगर और निहाल विहार — में विदेशी नागरिकों की गैरकानूनी गतिविधियों और ड्रग्स की तस्करी को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं।

पुलिस जांच में सामने आया कि कई अफ्रीकी नागरिक बिना वैध वीज़ा या पासपोर्ट के दिल्ली में रह रहे थे। इनमें से कुछ ने स्थानीय मकान मालिकों से किराए पर फ्लैट या कमरे ले रखे थे और वहां से ड्रग्स की सप्लाई जैसी अवैध गतिविधियाँ चला रहे थे।

इन सूचनाओं की पुष्टि होने के बाद संयुक्त पुलिस आयुक्त (वेस्टर्न रेंज) श्री जितिन नरवाल के नेतृत्व में एक विशेष अभियान योजना तैयार की गई। इसे “ऑपरेशन क्लीन स्वीप” का नाम दिया गया — जिसका उद्देश्य था,

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“अवैध विदेशी नागरिकों और ड्रग्स नेटवर्क को राजधानी से पूरी तरह साफ करना।”

Joint Police Operation Across Three Districts Leads to 260 Arrests in Delhi

तैयारी और रणनीति: बीट वाइज मैपिंग और गुप्त निगरानीअभियान शुरू करने से पहले पुलिस ने विस्तृत तैयारी की।

  • संदिग्ध कॉलोनियों की मैपिंग की गई।
  • लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) और फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) के साथ समन्वय स्थापित किया गया।
  • 30 विशेष पुलिस टीमें गठित की गईं।
  • 600 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।

प्रत्येक टीम को बीट वाइज ज़िम्मेदारी दी गई ताकि एक साथ कई इलाकों में कार्रवाई की जा सके। कार्रवाई सुबह 5 बजे से शुरू हुई और देर रात तक चली।

ऑपरेशन की सफलता: 260 विदेशी नागरिक पुलिस की गिरफ्त में

अभियान के दौरान पुलिस ने कुल 260 अफ्रीकी नागरिकों को पकड़ा। इनमें

  • 152 पुरुष,
  • 96 महिलाएँ, और
  • 12 किशोर/किशोरियाँ शामिल हैं।

पुलिस जांच में यह सामने आया कि इनमें से कई नागरिकों के वीज़ा की अवधि समाप्त हो चुकी थी, जबकि कुछ के पास पासपोर्ट तक मौजूद नहीं थे

सभी को हिरासत में लेकर दस्तावेज़ों की जांच की गई। जिनके पास वैध वीज़ा और पासपोर्ट पाए गए, उन्हें सत्यापन के बाद छोड़ दिया गया। जबकि जिनके वीज़ा ओवरस्टे या फर्जी पाए गए, उनके खिलाफ Foreigners Act के तहत डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू की गई है।

Zero Tolerance on Drugs and Illegal Stay

ड्रग्स तस्करी पर कार्रवाई: NDPS एक्ट के तहत 26 केस दर्ज

पुलिस ने तलाशी के दौरान कई जगहों से हेरोइन, कोकीन, गांजा और अन्य मादक पदार्थ बरामद किए।
इसके चलते NDPS Act (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) के तहत 26 केस दर्ज किए गए हैं।

इन मामलों में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि कुछ अफ्रीकी नागरिक दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में ड्रग्स सप्लाई चेन का हिस्सा थे। वे आम तौर पर

  • लोकल युवाओं को एजेंट बनाकर काम कराते थे,
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर संपर्क करते थे,
  • और ड्रग्स की डिलीवरी के लिए कैब सर्विस या ई-रिक्शा नेटवर्क का उपयोग करते थे।

विदेशी नागरिकों से जुड़े अन्य अपराध: 14 केस फॉरेनर्स एक्ट में दर्ज

पुलिस ने बताया कि ड्रग्स मामलों के अलावा, 14 केस ऐसे हैं जो केवल फॉरेनर्स एक्ट के तहत दर्ज किए गए हैं। इनमें

  • वीज़ा की अवधि समाप्त होने के बाद रहना,
  • फर्जी दस्तावेज़ों से प्रवेश करना,
  • और गलत पते का इस्तेमाल कर किराए पर मकान लेना शामिल है।

मकान मालिकों की भूमिका: 25 से अधिक घरों पर जांच

पुलिस की जांच में सामने आया कि कई मकान मालिकों ने बिना किसी सत्यापन या सूचना के विदेशी नागरिकों को किराए पर मकान दे रखे थे।

जांच के दौरान 25 से अधिक मकान मालिकों की पहचान की गई है। अब इनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म-II (Tenant Verification Form) भरना हर मकान मालिक के लिए अनिवार्य है, और ऐसा न करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ऑपरेशन के दौरान विवाद: 49 लोगों के खिलाफ BNSS की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान कुछ स्थानों पर अफ्रीकी नागरिकों के बीच आपसी झगड़े और विरोध की स्थिति भी बनी।
इन हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को BNSS (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita) की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई करनी पड़ी।

कुल 49 लोगों को इस दौरान कानून-व्यवस्था भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

पुलिस अधिकारियों की भागीदारी और नेतृत्व

इस विशाल अभियान में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।

  • संयुक्त पुलिस आयुक्त (वेस्टर्न रेंज)जितिन नरवाल,
  • डीसीपी द्वारकाअंकित सिंह,
  • डीसीपी वेस्टशरद भास्कर,
  • डीसीपी आउटरसचिन शर्मा

इन अधिकारियों के नेतृत्व में 30 टीमों ने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की।
अभियान की समन्वय प्रक्रिया ज्वाइंट कंट्रोल रूम से की गई जहाँ से लगातार निगरानी रखी जा रही थी।

दिल्ली पुलिस की चेतावनी: कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह अभियान केवल शुरुआत है।

“ऑपरेशन क्लीन स्वीप” समय-समय पर जारी रहेगा ताकि राजधानी में किसी भी अवैध विदेशी नागरिक या ड्रग्स नेटवर्क को पनपने का मौका न मिले।

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साथ ही मकान मालिकों को चेतावनी दी गई है कि वे किसी भी विदेशी नागरिक को किराए पर घर देने से पहले फॉर्म-II भरें और स्थानीय थाने को इसकी सूचना दें।

वेस्टर्न रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त जितिन नरवाल ने कहा —

“दिल्ली पुलिस कानून के दायरे में रहते हुए हर ऐसे व्यक्ति पर कार्रवाई करेगी जो देश की सुरक्षा, समाज की शांति और युवा पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।”

सामाजिक और प्रशासनिक असर: दिल्ली में बढ़ती सख्ती का संकेत

इस कार्रवाई से दिल्ली में यह स्पष्ट संदेश गया है कि अब अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और ड्रग्स कारोबार में शामिल तत्वों के प्रति प्रशासन शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपना रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने भी इस अभियान की सराहना की है।
उनका कहना है कि कई इलाकों में विदेशी नागरिक लंबे समय से बिना वीज़ा रह रहे थे और स्थानीय युवाओं को ड्रग्स की लत में धकेल रहे थे।

विश्लेषण: “ऑपरेशन क्लीन स्वीप” क्यों है मील का पत्थर

  1. यह दिल्ली पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी सिंक्रोनाइज़्ड ऑपरेशन है जिसमें तीन जिलों ने एक साथ काम किया।
  2. इससे न केवल ड्रग्स नेटवर्क कमजोर हुआ बल्कि अवैध प्रवासियों के ठिकाने भी उजागर हुए।
  3. यह अभियान डिजिटल इंटेलिजेंस और ग्राउंड एक्शन के संयुक्त प्रयोग का उदाहरण बना।
  4. मकान मालिकों को जवाबदेह बनाकर पुलिस ने अप्रत्यक्ष अपराध नियंत्रण की दिशा में भी कदम उठाया।

निष्कर्ष: साफ संदेश — कानून से कोई ऊपर नहीं

“ऑपरेशन क्लीन स्वीप” दिल्ली पुलिस का केवल एक अभियान नहीं बल्कि एक कठोर संदेश है —
कि चाहे कोई भी हो, अगर वह कानून का उल्लंघन करता है या समाज के खिलाफ काम करता है, तो कार्रवाई तय है।

इस अभियान से यह भी साफ हुआ है कि दिल्ली पुलिस अब केवल अपराध के बाद नहीं, बल्कि अपराध से पहले रोकथाम की दिशा में काम कर रही है।

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