
Major Breakthrough: J&K Police Foil Terror Conspiracy in Haryana, Doctor Held
फरीदाबाद में जम्मू-कश्मीर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: आतंकी साजिश का भंडाफोड़
Haryana के फरीदाबाद में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक गुप्त अभियान चलाकर एक कश्मीरी डॉक्टर के घर से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और हथियार बरामद किए।
यह कार्रवाई एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करने की दिशा में पुलिस की अहम सफलता मानी जा रही है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरडीएक्स, अमोनियम नाइट्रेट, टाइमर, हथियार और कारतूस सहित भारी मात्रा में खतरनाक सामान बरामद किया है।
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ऑपरेशन की शुरुआत: जम्मू-कश्मीर पुलिस की खुफिया जानकारी पर हरियाणा में छापा
सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस को कुछ दिन पहले एक इनपुट मिला था कि हरियाणा में छिपे कुछ संदिग्ध लोग आतंकी गतिविधियों की तैयारी कर रहे हैं।
जांच के दौरान पुलिस को सुराग मिला कि फरीदाबाद के धौज क्षेत्र में रहने वाला एक व्यक्ति, जो पेशे से डॉक्टर है, संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हो सकता है।
इस खुफिया जानकारी के आधार पर जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल टीम ने हरियाणा पुलिस के सहयोग से एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया।
ऑपरेशन को गुप्त रखा गया ताकि कोई सूचना लीक न हो सके।
फरीदाबाद के धौज इलाके में छापा: डॉक्टर के घर से विस्फोटक बरामद
पुलिस टीम ने जब धौज गांव में स्थित डॉक्टर के आवास पर छापा मारा, तो वहां का दृश्य देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।
घर के अंदर कई बैगों में विस्फोटक सामग्री और हथियार भरे पड़े थे।
पुलिस ने मौके से जो सामान बरामद किया, उसमें शामिल हैं:
- 2 बैग आरडीएक्स से भरे हुए,
- 2 ऑटोमैटिक पिस्टल,
- 84 कारतूस,
- 5 लीटर रासायनिक पदार्थ (केमिकल),
- एक AK-56 राइफल,
- 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट,
- 20 टाइमर और 8 पिस्टल कारतूस।
ये सभी सामान किसी बड़े विस्फोट या आतंकवादी हमले में इस्तेमाल किए जाने की संभावना को दिखाते हैं।

Kashmiri Doctor Arrested with Huge Explosives Cache
गिरफ्तार आरोपी: कश्मीरी डॉक्टर के आतंकी कनेक्शन की जांच शुरू
पुलिस ने मौके से जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया, उसकी पहचान डॉ. मुजम्मिल के रूप में हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, डॉ. मुजम्मिल मूल रूप से जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है और पिछले कुछ सालों से फरीदाबाद में रह रहा था।
वह फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में बतौर शिक्षक कार्यरत था और इससे पहले मुजम्मिल यूनिवर्सिटी (जम्मू) में भी पढ़ाता था।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि उसे करीब 10 दिन पहले ही गुप्त निगरानी में लिया गया था।
पुलिस ने बताया कि अब तक इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से एक डॉक्टर है और दूसरा उसका सहयोगी बताया जा रहा है।
जांच में चौंकाने वाले खुलासे: वैज्ञानिक पृष्ठभूमि का गलत इस्तेमाल
डॉ. मुजम्मिल की पृष्ठभूमि की जांच में यह बात सामने आई है कि वह रसायन विज्ञान (Chemistry) में विशेषज्ञता रखता है और विस्फोटक पदार्थों की रासायनिक संरचना और निर्माण प्रक्रिया को अच्छी तरह समझता था।
पुलिस को शक है कि उसने अपनी वैज्ञानिक जानकारी का इस्तेमाल आतंकी संगठन की मदद के लिए किया।
बरामद किए गए केमिकल्स और उपकरणों से यह अंदेशा है कि यह व्यक्ति इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बनाने की तैयारी में था।
संभावित साजिश: दिल्ली-NCR को बनाया गया था टारगेट
पुलिस सूत्रों का कहना है कि बरामद विस्फोटक सामग्री की मात्रा इतनी अधिक है कि उससे एक साथ कई धमाके किए जा सकते थे।
प्रारंभिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि इन विस्फोटकों का इस्तेमाल दिल्ली-NCR क्षेत्र में किसी बड़ी आतंकी वारदात में किया जा सकता था।
सुरक्षा एजेंसियाँ अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि डॉक्टर के संपर्क में कौन-कौन लोग थे, और क्या इसके तार कश्मीर घाटी के किसी आतंकी संगठन से जुड़े हैं।
जांच एजेंसियों की टीम सक्रिय: NIA और IB की निगरानी
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) भी सक्रिय हो गई हैं।
दोनों एजेंसियों ने बरामद विस्फोटकों के सैंपल ले लिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरडीएक्स और अमोनियम नाइट्रेट कहाँ से लाया गया था।
प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार, बरामद 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट को गुप्त रूप से छोटे पैकेटों में बाँटकर अलग-अलग ठिकानों पर पहुंचाने की योजना थी।
इससे यह अंदेशा और गहरा हो गया है कि यह कोई संगठित आतंकी नेटवर्क का हिस्सा था।
पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया बड़ी आतंकी साजिश नाकाम
जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने फरीदाबाद में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा —
“यह केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा है।
हमें विश्वास है कि इस कार्रवाई से दिल्ली-NCR क्षेत्र में संभावित आतंकी हमले को टाला गया है।”

RDX, AK-56, and 360 Kg Ammonium Nitrate Found in Doctor’s House: Terror Plot Foiled
उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण — लैपटॉप, मोबाइल फोन, और हार्ड ड्राइव — जब्त किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच जारी है।
फरीदाबाद पुलिस का सहयोग: हरियाणा में सुरक्षा बढ़ाई गई
हरियाणा पुलिस ने इस ऑपरेशन में जम्मू-कश्मीर पुलिस को पूरा सहयोग दिया।
फरीदाबाद के अलावा पलवल और गुड़गांव में भी पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी संभावित साथी को भागने से रोका जा सके।
पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि अगर किसी भी व्यक्ति या मकान में संदिग्ध गतिविधियाँ दिखें, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
स्थानीय प्रतिक्रिया: लोगों में डर और राहत दोनों
धौज गांव के निवासियों के अनुसार, डॉक्टर मुजम्मिल एक शांत स्वभाव का व्यक्ति था और अक्सर खुद को कॉलेज प्रोफेसर बताता था।
कई लोगों को यह अंदाजा नहीं था कि वह इतने बड़े अपराध में शामिल हो सकता है।
छापेमारी के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है, लेकिन साथ ही लोगों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस की तेजी और सतर्कता की भी प्रशंसा की है।
अंतरराज्यीय नेटवर्क की तलाश: आतंक की जड़ तक पहुंचने की कोशिश
जांच एजेंसियाँ अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि डॉक्टर के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और क्या उसके नेटवर्क में कोई विदेशी या आतंकी संगठन शामिल है।
इस बात की भी जांच की जा रही है कि उसने विस्फोटक सामग्री को कहाँ से खरीदा या मंगवाया था।
पुलिस को शक है कि यह नेटवर्क ऑनलाइन क्रिप्टो चैनलों या डार्क वेब प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए फंडिंग प्राप्त कर रहा था।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी की भूमिका की जांच
पुलिस अब अल-फलाह यूनिवर्सिटी प्रशासन से भी पूछताछ कर रही है कि डॉक्टर मुजम्मिल को कैसे और कब नियुक्त किया गया था।
यह भी जांच का विषय है कि क्या उसके किसी छात्र या सहयोगी को उसकी गतिविधियों की जानकारी थी।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बयान जारी करते हुए कहा है —
“हम सुरक्षा एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रहे हैं। अगर कोई भी स्टाफ सदस्य किसी गलत गतिविधि में शामिल पाया गया, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
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राष्ट्रीय स्तर पर सतर्कता बढ़ी
इस खुलासे के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों की पुलिस को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों और किराए पर रहने वाले विदेशी नागरिकों की निगरानी बढ़ाने के आदेश जारी किए गए हैं।
निष्कर्ष: वैज्ञानिक मस्तिष्क का दुरुपयोग और पुलिस की सतर्कता की जीत
फरीदाबाद का यह मामला देश के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि आतंकवाद अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षित और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित लोग भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
डॉ. मुजम्मिल जैसे व्यक्ति, जिनके पास वैज्ञानिक ज्ञान और सामाजिक प्रतिष्ठा दोनों थे, जब आतंक की राह पर चले जाते हैं, तो यह पूरे समाज के लिए एक गहरा झटका होता है।
लेकिन दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर पुलिस और हरियाणा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि भारत की सुरक्षा एजेंसियाँ हर स्तर पर चौकस हैं और किसी भी साजिश को पनपने नहीं देंगी।