एक अभियुक्त सचिन @ मोहित आदतन एवं सक्रिय अपराधी पाया गया, जो पूर्व में हत्या, सेंधमारी, झपटमारी, लूट, चोरी एवं आर्म्स एक्ट के कुल 18 मामलों में संलिप्त रहा है।

थाना मुखर्जी नगर क्षेत्र में दिनांक 02 जनवरी 2026 को घटित अपहरण सह डकैती की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में थाना मुखर्जी नगर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घातक हथियार, लूटी गई राशि तथा वारदात में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किया है। मामला एफआईआर संख्या 06/26, धारा 140(3), 309(4), 309(6), 311, 3(5) बीएनएस एवं 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया था।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक देसी पिस्तौल, एक जिंदा कारतूस, एक बटनदार चाकू, वसूली गई 40 हजार रुपये की राशि में से 37 हजार 500 रुपये तथा ऑनलाइन लेनदेन में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किया गया है। गिरफ्तार आरोपी सचिन उर्फ मोहित आदतन अपराधी पाया गया है, जो पूर्व में हत्या, लूट, झपटमारी, चोरी और आर्म्स एक्ट से जुड़े कुल 18 मामलों में संलिप्त रह चुका है। वह थाना मुखर्जी नगर का घोषित बदमाश भी है।
घटना का संक्षिप्त विवरण
दिनांक 03 जनवरी 2026 को शिकायतकर्ता कुलदीप, निवासी मुखर्जी नगर, ने थाना मुखर्जी नगर में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि 02 जनवरी 2026 की शाम करीब 5 बजे, जब वह नंद लाल झुग्गी स्थित मछली मार्केट से अपने घर लौट रहा था, तभी उसका परिचित अजय उससे मिला और बातचीत में उलझा लिया। इसी दौरान सचिन वहां पहुंचा और चाकू दिखाकर उसे धमकाते हुए जबरन अपने साथ ले गया।
शिकायतकर्ता को पास की एक झुग्गी में ले जाया गया, जहां दीपक उर्फ डीसी पहले से मौजूद था। तीनों आरोपियों ने उसे कमरे में बंद कर मारपीट की, हाथ-पैर बांध दिए और जान से मारने की धमकी देते हुए 50 हजार रुपये की मांग की। आरोपियों ने देसी पिस्तौल और चाकू दिखाकर उसे अजय के मोबाइल फोन से अपनी कंपनी के मैनेजर को कॉल करने के लिए मजबूर किया और क्यूआर कोड के माध्यम से पैसे ट्रांसफर कराए। डर के कारण शिकायतकर्ता ने किश्तों में कुल 40 हजार रुपये अजय के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
इसके बाद आरोपियों ने उसे अवैध रूप से बंदी बनाकर रखा। देर रात अजय उसे उसके कमरे में छोड़ गया और बाहर से ताला लगाकर घटना किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। बाद में शिकायतकर्ता ने मकान मालिक की मदद से खुद को मुक्त कराया और थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
जांच एवं कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना मुखर्जी नगर के थानाध्यक्ष निरीक्षक राजीव शाह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने शिकायतकर्ता से पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की। लगातार छापेमारी के बाद पुलिस ने सचिन उर्फ मोहित, अजय शर्मा और दीपक उर्फ डीसी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर हथियार, लूटी गई रकम और मोबाइल फोन बरामद किया गया। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।