
नई दिल्ली: संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी के 649वें जन्मोत्सव के अवसर पर राजधानी दिल्ली में भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर गुरु रविदास जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की सांसद बांसुरी स्वराज और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी समारोह में पहुंचे और गुरु रविदास जी के चरणों में माथा टेककर आशीर्वाद लिया।
कार्यक्रम का आयोजन बेहद श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। मंदिर परिसर और आयोजन स्थल को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और धार्मिक झांकियों से सजाया गया था। सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और गुरु रविदास जी के भजनों और कीर्तन से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
सांसद बांसुरी स्वराज ने लिया आशीर्वाद
बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज समारोह में पहुंचीं और गुरु रविदास जी के दर्शन कर देश और समाज की खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने गुरु रविदास जी के जीवन और उनके द्वारा दिए गए सामाजिक समरसता के संदेश को याद किया। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने समाज को समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश दिया, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
बांसुरी स्वराज ने कहा कि गुरु रविदास जी ने जाति-पाति और भेदभाव से ऊपर उठकर समाज को एकजुट करने का काम किया। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी के विचार हमें समाज में प्रेम और एकता बनाए रखने की प्रेरणा देते हैं।
महिलाओं के साथ किया कीर्तन
समारोह के दौरान बांसुरी स्वराज ने महिलाओं के साथ बैठकर कीर्तन में हिस्सा लिया। उन्होंने भक्ति गीतों और गुरु रविदास जी के भजनों के माध्यम से श्रद्धा व्यक्त की। इस दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और पूरा वातावरण भक्ति रस में सराबोर हो गया।
महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में भाग लिया और सामूहिक कीर्तन कर गुरु रविदास जी का गुणगान किया। कीर्तन के दौरान श्रद्धालुओं ने गुरु जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने किए दर्शन
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी कार्यक्रम में पहुंचे और गुरु रविदास जी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी का जीवन समाज को सही दिशा देने वाला रहा है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने सदैव समाज में समानता और मानवता का संदेश दिया।
नितिन नवीन ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु रविदास जी के आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि हमें गुरु रविदास जी के बताए मार्ग पर चलकर समाज में भाईचारा और सौहार्द बनाए रखना चाहिए।
गुरु रविदास जी के जीवन पर प्रकाश
समारोह के दौरान संत रविदास जी के जीवन और उनके योगदान पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने बताया कि गुरु रविदास जी का जन्म समाज में व्याप्त भेदभाव और कुरीतियों को समाप्त करने के उद्देश्य से हुआ था। उन्होंने अपने उपदेशों और भजनों के माध्यम से समाज को एक नई दिशा दी।
गुरु रविदास जी ने प्रेम, समानता और सेवा को जीवन का आधार बताया। उन्होंने समाज को यह संदेश दिया कि सभी मनुष्य एक समान हैं और ईश्वर की नजर में कोई छोटा या बड़ा नहीं होता।
भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रम
जन्मोत्सव के अवसर पर भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई, जिसमें गुरु रविदास जी की झांकियां प्रस्तुत की गईं। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन करते हुए शोभायात्रा में भाग लिया। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों और युवाओं ने गुरु रविदास जी के जीवन पर आधारित प्रस्तुतियां दीं।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। दूर-दूर से आए लोगों ने गुरु रविदास जी के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे सभी लोग आराम से कार्यक्रम में शामिल हो सके।
श्रद्धालुओं ने कहा कि गुरु रविदास जी का जन्मोत्सव उनके लिए एक आध्यात्मिक पर्व की तरह होता है। इस दिन वे गुरु जी के संदेशों को याद करते हैं और अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करते हैं।
सामाजिक समरसता का संदेश
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि गुरु रविदास जी का जीवन सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने समाज में व्याप्त ऊंच-नीच और भेदभाव को समाप्त करने के लिए निरंतर कार्य किया। उनका संदेश आज भी समाज को जोड़ने का कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने गुरु रविदास जी के बताए मार्ग पर चलने और समाज में प्रेम एवं भाईचारे को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी के 649वें जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित यह भव्य समारोह श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का अद्भुत उदाहरण बनकर सामने आया। इसमें शामिल जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं ने गुरु रविदास जी के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।