
AAP Workers Threaten March to PM if Mohalla Clinics Are Not Reopened
करोल बाग में मोहल्ला क्लीनिक बंद होने पर हंगामा: AAP विधायक विशेष रवि बीजेपी सरकार
सेंट्रल दिल्ली के करोल बाग विधानसभा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक विशेष रवि ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ जोरदार प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली में “बीजेपी की चार इंजन वाली सरकार” आने के बाद से जनता को दी गई सुविधाओं को योजनाबद्ध तरीके से बंद किया जा रहा है। दिल्ली की स्वास्थ्य सुविधाओं पर एक बार फिर बड़ा राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है।
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इस प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा रहा — मोहल्ला क्लीनिकों को बंद किया जाना।
विधायक विशेष रवि ने दावा किया कि दिल्ली के लगभग 200 मोहल्ला क्लीनिक, जो आम आदमी पार्टी की सरकार ने पिछले सालों में स्थापित किए थे, अब बंद कर दिए गए हैं, जिससे लाखों लोगों की इलाज तक पहुंच गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।
“बीजेपी सरकार जनता की सुविधाएं छीन रही है” — विशेष रवि
प्रदर्शन के दौरान AAP विधायक विशेष रवि ने बेहद तीखे स्वर में कहा:
“जब से दिल्ली में बीजेपी की चार इंजन वाली सरकार आई है, तब से आम आदमी पार्टी द्वारा बनाई गई हर सुविधा को बंद किया जा रहा है। जनता को स्वास्थ्य, शिक्षा और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं देने वाली हमारी योजनाओं को रोक दिया गया है। 200 मोहल्ला क्लीनिक बंद करना जनता के साथ अन्याय है।”
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को विधानसभा में मजबूती से उठाएगी, और यदि सरकार ने क्लीनिकों को चालू नहीं किया, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
“जरूरत पड़ी तो हम सड़क से लेकर प्रधानमंत्री तक का घेराव करेंगे। जनता की आवाज को किसी भी हालत में दबने नहीं देंगे।” — विशेष रवि
पूर्व मेयर महेश खींची भी पहुंचे प्रदर्शन में, कहा — “बीजेपी आम आदमी की सुविधा खत्म कर रही है”
इस विरोध प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मेयर महेश खींची भी शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद बीजेपी सरकार ने आम आदमी पार्टी की हर अच्छी पहल को रोकने का काम किया है।
महेश खींची का कहना था:
“मोहल्ला क्लीनिक गरीबों, बुजुर्गों, महिलाओं, श्रमिकों और मध्यम वर्ग के लिए जीवन रेखा थे। इन्हें बंद करना जनता के अधिकारों पर हमला है। बीजेपी सरकार जानबूझकर दिल्ली के लोगों को परेशान कर रही है।”
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उन्होंने आगे कहा कि मोहल्ला क्लीनिक के बंद होने से लोगों को दवा, टेस्ट और बेसिक इलाज न मिलने के कारण रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
“हम एक-एक कार्यकर्ता के साथ सड़कों पर उतरेंगे। जनता के साथ हो रहे इस अन्याय को हम चुपचाप नहीं होने देंगे।” — महेश खींची
वार्ड नंबर 84 के पूर्व प्रत्याशी अमरनाथ का आरोप — “बीजेपी सरकार मनमानी कर रही है”
वार्ड नंबर 84 के AAP पूर्व प्रत्याशी अमरनाथ ने भी बीजेपी सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब जनता की सुविधाओं से खिलवाड़ किया गया हो।
उन्होंने कहा:
“बीजेपी सरकार अपनी मनमानी पर उतर आई है। जितने भी मोहल्ला क्लीनिक थे, उन्हें बंद कर दिया गया है। क्या मुख्यमंत्री को जनता की परेशानी नहीं दिख रही?”
अमरनाथ ने आगे कहा कि मोहल्ला क्लीनिक बंद होने के बाद आम नागरिकों को प्राइवेट डॉक्टरों के पास 500-800 रुपये फीस देकर इलाज कराना पड़ रहा है, जबकि पहले क्लीनिक में दवा, टेस्ट और डॉक्टर की सलाह बिल्कुल मुफ्त मिलती थी।
“यह फैसला दिल्ली की जनता के खिलाफ है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से हमारी मांग है कि सभी मोहल्ला क्लीनिक तुरंत शुरू किए जाएं, वरना जनता सड़कों पर उतरकर बीजेपी सरकार को उखाड़ फेंकेगी।” — अमरनाथ

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मोहल्ला क्लीनिक — जिन पर हो रहा है राजनीतिक संग्राम
मोहल्ला क्लीनिक आम आदमी पार्टी की सबसे चर्चित और सराही जाने वाली योजनाओं में से एक रहे हैं। इन क्लीनिकों का मकसद था:
- बेसिक स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों के नजदीक पहुंचाना
- मुफ्त दवा, टेस्ट, परामर्श उपलब्ध कराना
- कम आय वाले परिवारों को राहत देना
- सरकारी अस्पतालों में भीड़ कम करना
दिल्ली सरकार के अनुसार कुछ ही वर्षों में मोहल्ला क्लीनिकों में लाखों मरीजों का इलाज किया गया।
अब AAP का दावा है कि इनमें से लगभग 200 क्लीनिक बंद कर दिए गए हैं, जबकि केंद्र और एलजी कार्यालय ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि “तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से कुछ क्लीनिक अस्थाई रूप से प्रभावित” हुए हैं।
लेकिन AAP नेताओं का मानना है कि यह सिर्फ बहाना है और इसके पीछे राजनीतिक बदले की भावना है।
प्रदर्शन स्थल पर माहौल — नारों से गुंजा करोल बाग क्षेत्र
करोल बाग विधानसभा के कई इलाकों में AAP कार्यकर्ताओं ने रैली की, जिसमें शामिल रहे:
- स्थानीय निवासी
- पार्टी कार्यकर्ता
- कई क्षेत्रीय पदाधिकारी
- महिलाएं और बुजुर्ग
प्रदर्शन के दौरान “मोहल्ला क्लीनिक वापस लाओ”, “बीजेपी सरकार हाय-हाय”, और “जनता के हक पर हमला बंद करो” जैसे नारे लगातार लगाए जा रहे थे।
महिलाओं ने भी कहा कि मोहल्ला क्लीनिक बंद होने से बच्चों और बुजुर्गों को इलाज के लिए दूर अस्पतालों में जाना पड़ रहा है, जहां घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है।
स्थानीय जनता में भारी नाराज़गी: लोग बोले — “क्लीनिक बंद होने से हमारी जेब पर बोझ बढ़ गया”
प्रदर्शन के दौरान कई लोगों ने अपनी परेशानी भी बताई।
एक महिला ने कहा:
“पहले सुबह मोहल्ला क्लीनिक में जाकर दवा लेकर आ जाते थे। अब हर बार 600–700 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। हम जैसे परिवार कैसे चलें?”
एक ऑटो चालक ने बताया:
“हम रोज़ कमाते हैं, रोज़ खाते हैं। बीमारी होने पर क्लीनिक बहुत सहारा था। अब तो लगता है कि सरकार गरीबों के खिलाफ खड़ी है।”

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इन प्रतिक्रियाओं से साफ है कि इलाके में मोहल्ला क्लीनिक बंद होने से व्यापक असंतोष है।
AAP की चेतावनी — “संघर्ष तेज होगा, विधानसभा से सड़क तक हर जगह लड़ाई”
विधायक विशेष रवि ने स्पष्ट कहा कि यह सिर्फ पहला चरण है।
“यदि मोहल्ला क्लीनिक तुरंत शुरू नहीं हुए, तो यह आंदोलन पूरे दिल्ली में फैलाया जाएगा। विधानसभा में भी हम आवाज उठाएंगे, और अगर जरूरत पड़ी तो प्रधानमंत्री आवास तक मार्च किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि जनता के अधिकारों की लड़ाई है।
बीजेपी की प्रतिक्रिया — “AAP फर्जी प्रचार कर रही है”
हालांकि इस रिपोर्ट के समय तक बीजेपी की विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पहले दिए गए बयानों के अनुसार बीजेपी ने हमेशा कहा है:
- मोहल्ला क्लीनिक में अनियमितताएं थीं
- फर्जी मरीजों की एंट्री होती थी
- दवाओं की आपूर्ति में भ्रष्टाचार था
- कई क्लीनिक किराए पर अवैध रूप से चल रहे थे
बीजेपी का दावा है कि “शासन व्यवस्था में सुधार” के लिए कुछ क्लीनिकों की समीक्षा की जा रही है, उन्हें बंद नहीं किया गया।
लेकिन AAP इन आरोपों को बेबुनियाद बताती है।
अगला कदम क्या?
इस पूरे मामले ने राजधानी की राजनीति में एक बड़ा बवाल खड़ा कर दिया है। जहां AAP इसे जनता पर अत्याचार बता रही है, वहीं बीजेपी कह रही है कि AAP भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है।
आने वाले दिनों में:
- विधानसभा में मामला उठेगा
- कई और जगहों पर AAP विरोध प्रदर्शन करेगी
- जनता भी सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाने लगी है
यह साफ है कि मोहल्ला क्लीनिक को लेकर दिल्ली में एक बड़ा राजनीतिक तूफ़ान उठ चुका है।

Aam Aadmi Party Launches Strong Protest Against Shutdown of Mohalla Clinics
निष्कर्ष
करोल बाग में हुआ यह विरोध प्रदर्शन अब सिर्फ एक स्थानीय मुद्दा नहीं रहा। यह दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था और राजनीतिक समीकरणों के बीच संघर्ष का प्रतीक बन गया है।
एक तरफ AAP दावा कर रही है कि सरकार जनता की सुविधाएं छीने जा रही है, वहीं दूसरी ओर बीजेपी प्रशासनिक सुधार का हवाला दे रही है।
लेकिन इस सियासी जंग में सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है — दिल्ली की आम जनता।
लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द से जल्द मोहल्ला क्लीनिक फिर से खुलें और वे पहले की तरह अपनी स्वास्थ्य सुविधाओं तक सरलता से पहुंच पा सकें।