
Delhi Police Arrests 6 Proclaimed Offenders in Major North-West District Operation
Delhi Police नॉर्थ-वेस्ट जिले की बड़ी कार्रवाई — 6 फरार घोषित अपराधी गिरफ्तार
Delhi Police के नॉर्थ-वेस्ट ज़िले की स्पेशल स्टाफ और महेन्द्रा पार्क थाना की टीमों ने मिलकर बड़ी सफलता हासिल की है। लंबे समय से फरार चल रहे 6 घोषित अपराधियों (Proclaimed Offenders) को पुलिस ने दबोच लिया है। इन सभी पर अदालत से Proclaimed Offender (PO) का दर्जा था, यानी अदालत द्वारा फरार घोषित किए जाने के बाद भी ये गिरफ्तारी से बचते घूम रहे थे।
यह अभियान, उत्तरी-पश्चिमी ज़िले के विशेष स्टाफ और थाना महेन्द्रा पार्क की डेडिकेटेड PO टीमों द्वारा चलाया गया, जिन्होंने लगातार निगरानी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर इन आरोपियों को ढूंढ निकाला।
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स्पेशल स्टाफ की टीम ने 4 फरार अपराधियों को पकड़ा
दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ (नॉर्थ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट) की टीम — जिसमें एसआई सुरेन्दर, एएसआई सुरेन्दर दहिया और महिला कांस्टेबल कोमल शामिल थीं — ने चार ऐसे अपराधियों को गिरफ्तार किया जो लंबे समय से अदालतों द्वारा फरार घोषित थे।
इन मामलों में ज्यादातर अपराधी धोखाधड़ी, चेक बाउंस और आर्थिक अपराधों में लिप्त थे।
1. अशरफ अली
अशरफ अली, पुत्र कलवा खान, उम्र 42 वर्ष, निवासी जे.जे. कैंप, शाहदरा, दिल्ली।
अशरफ अली चेक बाउंस केस में फरार था और 18 अक्टूबर 2023 को माननीय न्यायालय Ms. Divya Singh (MM, NIA-02, दक्षिण-पश्चिम, द्वारका कोर्ट) द्वारा Proclaimed Offender घोषित किया गया था। यह मामला PS जनकपुरी, दिल्ली में U/S 138 NI Act के तहत दर्ज था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा।
2. दिलीप सिंह
दूसरा आरोपी दिलीप सिंह, पुत्र जगदीश सिंह, उम्र 40 वर्ष, निवासी सेक्टर-50, नोएडा (उत्तर प्रदेश) है।
दिलीप सिंह को 05 अक्टूबर 2024 को Ms. Seema Meena (MM, NI Act-4, डिजिटल कोर्ट, द्वारका) द्वारा PO घोषित किया गया था।
उसके खिलाफ PS कपासहेड़ा में CC No. 659/2021 U/S 138 NI Act का मामला चल रहा था।
आरोपी पर लाखों रुपये के बकाए और वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप हैं।
3. विनोद कुमार
तीसरे आरोपी विनोद कुमार, पुत्र दलिप सिंह, उम्र 53 वर्ष, निवासी हरिजन कॉलोनी, तिलक नगर, दिल्ली, को 14 मार्च 2024 को PO घोषित किया गया था।
यह आदेश Ms. Jyoti Nain (MM-07, नॉर्थ, रोहिणी कोर्ट) द्वारा CC No. 1890/2020 U/S 138 NI Act, PS जहांगीरपुरी मामले में दिया गया था।
विनोद कुमार पर भी वित्तीय गड़बड़ी और चेक बाउंस के मामले दर्ज थे।
4. अमित सक्सेना
चौथा आरोपी अमित सक्सेना, पुत्र कमल किशोर सक्सेना, उम्र 47 वर्ष, निवासी ओलिव कोर्ट पुरी अमन विलास, फरीदाबाद (हरियाणा) को 29 मई 2025 को Proclaimed Offender घोषित किया गया था।
यह आदेश श्री हिमांशु तंवर (Municipal Magistrate, JMFC, दक्षिण-पश्चिम, द्वारका कोर्ट) द्वारा दिया गया था।
अमित सक्सेना के खिलाफ दो मामले दर्ज थे —
1️⃣ CC No. 4992057/2016 U/S 138 NI Act, PS बाबा हरिदास नगर, दिल्ली
2️⃣ FIR No. 182/2025 U/S 209 BNS, PS बाबा हरिदास नगर, दिल्ली
आरोपी को कई महीनों से ट्रेस करने की कोशिश की जा रही थी, और अंततः उसे पुलिस ने एक तकनीकी ट्रैकिंग ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार किया।

Operation Trace: Delhi Police Tracks Down Long-Hiding Proclaimed Offenders
थाना महेन्द्रा पार्क की टीम ने दो अपराधियों को किया गिरफ्तार
उसी अभियान के तहत, थाना महेन्द्रा पार्क की विशेष टीम ने भी 2 अन्य फरार अपराधियों को गिरफ्तार कर पुलिस की कार्यकुशलता का परिचय दिया।
इस टीम में महिला कांस्टेबल अंजू (W/Ct. Anju) की भूमिका बेहद सराहनीय रही, जिन्होंने सटीक जानकारी और ट्रैकिंग के जरिए आरोपियों को ढूंढ निकाला।
5. शेख अहसान अली @ पोचा @ पोडा
पहला आरोपी शेख अहसान अली, पुत्र शेख हसन अली, उम्र 28 वर्ष, वर्तमान में जे.जे. कॉलोनी, बवाना, दिल्ली में रह रहा था।
उसका स्थायी पता गांव काशीपुर, थाना सुताहाता, जिला ईस्ट मिदनापुर (पश्चिम बंगाल) है।
उसे 1 अगस्त 2023 को Ms. Navdeep Gupta (MM-06, NW, रोहिणी कोर्ट) द्वारा Proclaimed Offender घोषित किया गया था।
यह मामला FIR No. 1256/2017 U/S 380/411/34 IPC, PS विजय विहार, दिल्ली से जुड़ा था — यानी चोरी और चोरी का माल रखने का मामला।
6. राजन @ शंकर @ शेखर
दूसरा आरोपी राजन उर्फ शंकर उर्फ शेखर, पुत्र भोज राज, उम्र 45 वर्ष, निवासी राज नगर पार्ट-II, पालम कॉलोनी, दिल्ली है।
इसका पैतृक गांव बलराम चौथई, थाना बलदेव, जिला मथुरा (उत्तर प्रदेश) है।
राजन को 21 अगस्त 2024 को Ms. Ebbani Aggarwal (JMFC-03, NW, रोहिणी) द्वारा Proclaimed Offender घोषित किया गया था।
इसके खिलाफ FIR No. 392/2016 U/S 380/457 IPC, PS नॉर्थ रोहिणी में मामला दर्ज था, जो चोरी और घर में घुसकर अपराध से जुड़ा था।
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पुलिस की कार्रवाई और जांच का तरीका
नॉर्थ-वेस्ट जिला पुलिस ने बताया कि Proclaimed Offenders (POs) के खिलाफ यह लगातार चल रहा अभियान है।
ऐसे अपराधी जो अदालतों से फरार घोषित हैं, उन पर नज़र रखने और उन्हें ट्रेस करने के लिए प्रत्येक थाना और स्पेशल स्टाफ यूनिट में विशेष PO टीमों का गठन किया गया है।
इन टीमों को तकनीकी सर्विलांस, कॉल डिटेल्स, बैंकिंग रिकॉर्ड, और फील्ड इंटेलिजेंस के माध्यम से अपराधियों की लोकेशन का पता लगाने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
इस बार भी टीमों ने महीनों की मेहनत और डिजिटल विश्लेषण के बाद इन फरार अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
पुलिस अधिकारियों की प्रतिक्रिया
डीसीपी (नॉर्थ-वेस्ट) श्री भिषम सिंह (IPS) ने इस ऑपरेशन की सराहना करते हुए कहा:
“Proclaimed Offenders को पकड़ना पुलिस के लिए सबसे कठिन कार्यों में से एक है, क्योंकि ये लोग पहचान छिपाने के लिए बार-बार ठिकाने बदलते हैं। हमारी टीमों ने दृढ़ संकल्प, तकनीकी दक्षता और लगन से काम करते हुए 6 फरार अपराधियों को पकड़कर न्याय की दिशा में अहम कदम उठाया है।”

Women Officers Lead the Way as Delhi Police Arrest Six Court-Declared Offenders
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी ताकि कोई भी फरार अपराधी कानून से बच न सके।
पुलिस की रणनीति और आगे की योजना
दिल्ली पुलिस अब इस अभियान को “ऑपरेशन ट्रेस” के नाम से आगे बढ़ा रही है, जिसके तहत अदालतों द्वारा घोषित सभी फरार अपराधियों का डेटा डिजिटल रूप से तैयार किया जा रहा है।
इनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट्स, पुरानी केस फाइल्स और इलेक्ट्रॉनिक डेटा का मिलान कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
इसमें महिलाओं की भी सक्रिय भूमिका है — जैसे इस मामले में महिला कांस्टेबल अंजू और कोमल ने अपनी मेहनत से यह सिद्ध किया कि दिल्ली पुलिस की महिला बल न केवल सुरक्षा में बल्कि जाँच और ऑपरेशन में भी अग्रणी हैं।

Major Breakthrough: North-West Delhi Police Catch Six Criminals Declared PO by Courts
निष्कर्ष
यह अभियान सिर्फ छह फरार अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिल्ली पुलिस की प्रोफेशनलिज़्म और सिस्टमेटिक अप्रोच का प्रतीक है।
नॉर्थ-वेस्ट ज़िले की पुलिस ने दिखाया है कि यदि इच्छाशक्ति और तकनीकी दक्षता हो, तो न्याय से कोई नहीं बच सकता।
इन गिरफ्तारियों से न केवल पुराने मामलों में नई प्रगति हुई है, बल्कि आम जनता में यह संदेश भी गया है कि दिल्ली पुलिस लगातार कानून-व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।