आर्य समाज ने स्वामी श्रद्धानंद जी का उत्साहपूर्वक 170वां जन्मदिन मनाया

नई दिल्ली, 22 फरवरी 2026: दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा ने आज स्वामी श्रद्धानंद जी महाराज की 170वीं जन्म जयंती बड़े भक्तिभाव और उत्साह के साथ

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नई दिल्ली, 22 फरवरी 2026: दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा ने आज स्वामी श्रद्धानंद जी महाराज की 170वीं जन्म जयंती बड़े भक्तिभाव और उत्साह के साथ मनाई। वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, शिक्षाविद और आर्य समाज के प्रमुख स्तंभ रहे। कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली स्थित एनडीएमसी सम्मेलन केंद्र में किया गया, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस शिव नारायण ढींगरा, विधायक एवं मंदिर प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री करनैल सिंह, अखिल भारतीय हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज, गुरुकुल इंद्रप्रस्थ फरीदाबाद के आचार्य ऋषिपाल जी, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर प्रतिभा मेहता लूथरा, दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के महासचिव विनय आर्य तथा अन्य प्रमुख सामाजिक, धार्मिक और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

कार्यक्रम में उनके जीवन की यात्रा का विस्तृत वर्णन किया गया—मुनशी राम विज के रूप में प्रारंभिक जीवन से लेकर संन्यास ग्रहण कर स्वामी श्रद्धानंद बनने तक। उन्होंने राष्ट्र उत्थान, समाज सुधार और वैदिक शिक्षा के प्रसार को अपना जीवन समर्पित किया। वक्ताओं ने हरिद्वार स्थित गुरुकुल कांगड़ी की स्थापना तथा कुरुक्षेत्र गुरुकुल की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इन संस्थानों ने मूल्य आधारित शिक्षा का प्रसार कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सभा में स्त्री शिक्षा, अनाथ आश्रमों की स्थापना, निर्धनों के उत्थान और छुआछूत उन्मूलन के लिए उनके सतत प्रयासों को विशेष रूप से याद किया गया। आर्य नगर योजनाओं के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों को सम्मानजनक जीवन, आवास और समान अवसर प्रदान करने की पहल को भी रेखांकित किया गया। शुद्धि आंदोलन को सामाजिक परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण अध्याय बताया गया।

अखिल भारतीय दयानंद सेवाश्रम संघ के अध्यक्ष श्री एस.के. आर्य ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद जी ने केवल सुधार की बातें नहीं कीं, बल्कि उन्हें अपने जीवन में उतारा। गुरुकुल व्यवस्था, शुद्धि आंदोलन, सेवा कार्य और सामाजिक समरसता के माध्यम से उन्होंने सिद्ध किया कि वैदिक सिद्धांत न्यायपूर्ण और करुणामय समाज की स्थापना कर सकते हैं। 170वीं जयंती पर उपस्थित जनों ने शिक्षा प्रसार, चरित्र निर्माण और सेवा विस्तार का संकल्प लिया।

इस अवसर पर डॉ. विवेक आर्य द्वारा लिखित स्वामी श्रद्धानंद के जीवन एवं कार्यों पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया गया। वक्ताओं ने 23 दिसंबर 1926 को दिल्ली में अब्दुल रशीद द्वारा गोली मारकर किए गए उनके बलिदान का स्मरण करते हुए उनके साहस और निष्ठा को नमन किया।

कार्यक्रम में वैदिक भजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और किशोरों के लिए मूल्य शिक्षा पर विशेष चर्चा आयोजित की गई। अंत में दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए युवाओं से स्वामी श्रद्धानंद जी के जीवन से प्रेरणा लेकर शिक्षा, मर्यादा और देशभक्ति से ओतप्रोत समाज निर्माण का आह्वान किया।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क:
थिंक क्यू परामर्श
आशीष खत्री / अनिल शर्मा
मोबाइल: +91 88266 68377 / 9811499946

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