
हरियाणा NCB साइकिल यात्रा – नशे के खिलाफ जन जागरूकता
करनाल में नशा मुक्त अभियान: युवाओं को दी जागरूकता और भविष्य सुरक्षित बनाने की सीख
करनाल, हरियाणा। “यदि अब परिश्रम करोगे तो भविष्य सुखमय होगा, यदि नशा करोगे तो जीवन नर्क बन जाएगा” — यह संदेश हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा करनाल में आयोजित विशेष जागरूकता कार्यक्रम में युवा पीढ़ी तक पहुँचाया गया। राज्य के गाँव-गाँव में चल रहे इस नशा मुक्त अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के खतरों से अवगत कराना और उन्हें सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है। यह अभियान पुलिस महानिदेशक श्री ओपी सिंह के दिशानिर्देशों के तहत, पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह भौरिया एवं मोहित हांडा के कुशल नेतृत्व में जारी है।
नशा मुक्त अभियान की रूपरेखा
हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम और पुनर्वास प्रभारी/उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा इस अभियान के प्रमुख प्रतिनिधि हैं। वे साइकिल यात्रा के माध्यम से हर गाँव और शहर में लोगों को नशा मुक्त जीवन की ओर प्रेरित कर रहे हैं। उनका उद्देश्य न केवल नशे के दुष्प्रभावों से युवाओं को सचेत करना है, बल्कि उन्हें यह भी बताना है कि जीवन के पहले 25 वर्ष कितने महत्वपूर्ण हैं।
आज करनाल में यह अभियान भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, करनाल में हुआ, जिसे विद्यालय की छात्रा मिनी शर्मा के नेतृत्व में संचालित किया गया। इस अवसर पर भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव कुलबीर सिंह मलिक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि इंजेकटिव ड्रग यूजर्स (IDU) की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है, जो युवा पीढ़ी और समाज के लिए चिंता का विषय है। इसके चलते युवा एचआईवी पॉजिटिव हो रहे हैं, और इसके प्रभावों से बचने के लिए समय पर परामर्श और उपचार बेहद आवश्यक है।
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जागरूकता कार्यक्रम के मुख्य बिंदु
ब्यूरो के उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने अपने संबोधन में छात्रों और उपस्थित लोगों को स्पष्ट संदेश दिया कि प्रत्येक व्यक्ति अपने भविष्य का स्वयं निर्माता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने जीवन के प्रारंभिक 25 वर्षों में कड़ा परिश्रम करता है, तो आने वाले 50 वर्ष उसके लिए सुखमय होंगे। वहीं, यदि कोई युवा नशे की आदत में पड़ जाता है और जीवन को खोखला करता है, तो उसका भविष्य अंधकारमय और पीड़ादायक हो जाएगा।
डॉ. वर्मा ने नशा तस्करी में संलिप्त लोगों पर भी गंभीर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि नशा बेचकर लाभ कमाना न केवल पाप है, बल्कि ऐसे लोग अपने परिवार और समाज को नुकसान पहुँचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटांस एक्ट के अंतर्गत मादक पदार्थों का उत्पादन, सेवन, क्रय-विक्रय और वितरण न केवल दंडनीय है बल्कि अपराध भी है।

नशा मुक्त करनाल कार्यक्रम – छात्रों को भविष्य सुरक्षित बनाने की सीख
आंकड़ों के माध्यम से नशा की गंभीरता
डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने ब्यूरो के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि नशा मुक्त हरियाणा अभियान के तहत 2023 में 3823 अभियोग दर्ज किए गए, जिनमें 6615 नशा तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा गया। 2024 में 3330 अभियोग दर्ज हुए और 5969 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इसी तरह, इस वर्ष 17 सितंबर 2025 तक 2614 नए अभियोग दर्ज किए गए और 4605 अपराधियों को जेल भेजा गया। इतना ही नहीं, नशा तस्करी में संलिप्त 87 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति भी जब्त की गई।
डॉ. वर्मा ने बताया कि केवल गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है। नशे से लड़ाई में सबसे महत्वपूर्ण पहलू जागरूकता है। युवाओं को यह समझना होगा कि नशा न केवल उनका व्यक्तिगत जीवन प्रभावित करता है, बल्कि उनके परिवार, समाज और देश पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।
सरकारी दिशा-निर्देश और शिकायत चैनल
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को यह भी जानकारी दी गई कि नशे से संबंधित किसी भी गतिविधि के खिलाफ गुप्त सूचना देने के लिए हरियाणा सरकार ने 1933 नंबर और NCB MANAS पोर्टल उपलब्ध कराया है। इसके अलावा, हरियाणा के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 9050891508 भी जारी किया गया है। इन माध्यमों से कोई भी व्यक्ति नशा तस्करी या मादक पदार्थों के उपयोग के बारे में सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले का नाम पूर्णतः गोपनीय रखा जाएगा।
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स्थानीय सहभागिता और समर्थन
इस जागरूकता कार्यक्रम में करनाल पुलिस लाइन के अधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक गजेंद्र कुमार, और इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में करनाल के विभिन्न विद्यालयों और कॉलेजों के विद्यार्थी भी शामिल हुए। इस मौके पर छात्रों ने शपथ ली कि वे न केवल अपने जीवन में नशे से दूर रहेंगे, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने रेहड़ी-पटरी वालों और दुकानदारों को निर्देशित किया कि वे गुटखा, पान मसाला और तम्बाकू जैसे प्रतिबंधित उत्पादों को अपने स्टॉल या दुकान से हटा दें। इसका उद्देश्य केवल जागरूकता बढ़ाना ही नहीं, बल्कि नशे के प्रति समाज में सतर्कता और सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना भी है।

डॉ. अशोक कुमार वर्मा का नशा विरोधी अभियान – करनाल में जागरूकता
नशा मुक्त समाज का संदेश
साइकिल यात्रा और जागरूकता अभियान के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट किया गया कि नशा सिर्फ व्यक्तिगत जीवन को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि पूरे समाज को अंधकार की ओर ले जाता है। अभियान का मुख्य लक्ष्य युवाओं को प्रेरित करना, उन्हें सही मार्ग दिखाना और उन्हें सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करना है।
डॉ. वर्मा ने कहा, “यदि आप अपने जीवन में परिश्रम और अनुशासन अपनाते हैं, तो आपका भविष्य निश्चित रूप से उज्ज्वल और सुखमय होगा। नशा केवल समय और पैसा ही नहीं खोता, बल्कि आपके स्वास्थ्य, करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा को भी नष्ट कर देता है। इसलिए नशे को कहो ‘ना’ और जीवन को ‘हाँ’ कहो।”
छात्रों और नागरिकों की भागीदारी
कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों ने इस जागरूकता अभियान की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम उन्हें न केवल नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करते हैं, बल्कि उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार बनाते हैं। उन्होंने शपथ ग्रहण कर नशा मुक्त जीवन अपनाने का संकल्प लिया।
स्थानीय नागरिकों ने भी इस पहल की तारीफ की। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त हरियाणा अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भविष्य की योजनाएं
डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों को राज्य के अन्य जिलों में भी नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा। उनका लक्ष्य है कि हर व्यक्ति, खासकर युवा, नशे से दूर रहें और समाज में नशा मुक्त वातावरण को सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि नशा मुक्त अभियान का उद्देश्य केवल गिरफ्तारियां नहीं हैं, बल्कि समाज में स्थायी जागरूकता और शिक्षा पैदा करना है। इसके तहत नशा मुक्त समाज की अवधारणा को फैलाने के लिए विभिन्न माध्यमों जैसे स्कूल, कॉलेज, साइकिल रैली, जागरूकता शिविर, और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है।
करनाल में आयोजित यह विशेष जागरूकता कार्यक्रम न केवल युवाओं को प्रेरित करने में सफल रहा, बल्कि समाज के सभी वर्गों में नशे के खतरों के प्रति सचेत रहने की भावना पैदा की। नशा मुक्त अभियान का संदेश स्पष्ट है: “नशे को कहो ना और जीवन को हाँ कहो”।

हरियाणा नशा रोकथाम अभियान – गुटखा, पान मसाला और तम्बाकू प्रतिबंध
हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो का यह अभियान युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने, समाज में जागरूकता बढ़ाने और नशे की दलदल से उन्हें बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। करनाल में आयोजित कार्यक्रम ने यह संदेश स्पष्ट किया कि यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएं, तो समाज और राष्ट्र दोनों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बनाया जा सकता है।