
Delhi Police Uncover Home Robbery Plot by Carpenter and Accomplices
Delhi Police की बड़ी सफलता: थाना मॉडल टाउन की टीम ने 3 लुटेरों को दबोचा
उत्तर-पश्चिम Delhi Police के थाना मॉडल टाउन की पुलिस टीम ने तेजी और सूझबूझ का परिचय देते हुए एक घर में हुई लूट की वारदात का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। पुलिस ने तीन नवसिखिए अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से लूटी गई दो सोने की चूड़ियाँ और एक सोने की अंगूठी बरामद की गई। तीनों आरोपी जहांगीरपुरी क्षेत्र के रहने वाले हैं और नशे के आदी बताए जा रहे हैं।
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घटना की पूरी कहानी
यह मामला 7 नवंबर 2025 का है। मॉडल टाउन-III स्थित एक मकान R-52 में दोपहर करीब 4:10 बजे तीन युवक एक महिला के घर पहुंचे। इनमें से एक युवक मुकेश उर्फ गोलू था, जिसने पहले उसी घर में बढ़ई का काम किया था। उस दिन वह अपने दो साथियों—अमर उर्फ नेपाली और गोविंद—के साथ घर पहुंचा। उन्होंने पीड़िता रीता कोचर से कहा कि वे अधूरा काम पूरा करने आए हैं। महिला को उन पर भरोसा था, इसलिए उसने उन्हें घर में प्रवेश की अनुमति दे दी।
काम के दौरान तीनों ने बड़ी चालाकी से पीड़िता को नशीला पदार्थ सुंघा दिया। कुछ ही देर में वह बेहोश हो गई। जब उसे होश आया, तो उसने देखा कि उसके हाथ चुन्नी से बंधे हुए हैं और उसकी सोने की चूड़ियाँ व अंगूठी गायब हैं। घबराई हुई पीड़िता किसी तरह नीचे अपने भतीजे शिवम के पास पहुँची और पूरी घटना बताई।
शिवम ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) को सूचना दी, जिसके बाद थाना मॉडल टाउन की टीम मौके पर पहुँची। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया — एफआईआर संख्या 556/25, धारा 309(4)/3(5) BNS के तहत — और जांच शुरू की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए SHO मॉडल टाउन इंस्पेक्टर अशोक गिरी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई। इस टीम में एसआई संदीप कुमार, हेड कॉन्स्टेबल दीपक, हेड कॉन्स्टेबल हकीकत और हेड कॉन्स्टेबल पृथ्वी सिंह शामिल थे। टीम का संचालन एसीपी मॉडल टाउन श्री सुरेश चंदर के पर्यवेक्षण में किया गया।
पुलिस ने सबसे पहले तकनीकी साक्ष्य जुटाने शुरू किए। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की मदद से संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। शुरुआती जांच में यह साफ हुआ कि घटना में शामिल व्यक्ति कोई जान-पहचान वाला ही था, क्योंकि बिना विश्वास के कोई बाहरी व्यक्ति इस तरह से घर में प्रवेश नहीं कर सकता था।
इसी आधार पर शक की सुई मुकेश उर्फ गोलू पर गई, जिसने पहले पीड़िता के घर पर बढ़ई का काम किया था। पुलिस ने जब उसकी तलाश शुरू की, तो पता चला कि वह अपने ठिकाने से गायब है। लेकिन तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की मदद से टीम ने उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली।

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आदर्श नगर में हुई गिरफ्तारी
9 नवंबर 2025 को पुलिस टीम को सूचना मिली कि तीनों आरोपी आदर्श नगर स्थित “झील वाले फ्लैट्स” में छिपे हुए हैं। सूचना पक्की मानते हुए टीम ने वहां छापेमारी की। आरोपी पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने बहादुरी दिखाते हुए तीनों को मौके पर ही दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई —
- मुकेश @ विशाल @ गोलू, पुत्र देवकरण, निवासी बी-1683, जहांगीरपुरी, उम्र 28 वर्ष।
- अमर @ नेपाली, पुत्र जीवन, निवासी एन-38/ए-433, सीडी पार्क झुग्गी, जहांगीरपुरी, उम्र 24 वर्ष।
- गोविंद, पुत्र जीवन, निवासी एन-38/ए-433, सीडी पार्क झुग्गी, जहांगीरपुरी, उम्र 24 वर्ष।
बरामदगी और पूछताछ
पुलिस ने तीनों के कब्जे से लूटी गई ज्वेलरी बरामद की —
- एक सोने की चूड़ी मुकेश के पास से,
- एक चूड़ी अमर @ नेपाली से,
- और एक सोने की अंगूठी गोविंद के पास से।
पूछताछ में मुकेश ने बताया कि उसने कुछ दिन पहले पीड़िता के घर में काम किया था और उसे पता था कि वह अक्सर घर पर अकेली रहती है। इसी का फायदा उठाने के लिए उसने अपने साथियों अमर और गोविंद के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई।
उन्होंने बताया कि तीनों नशे के आदी हैं और नशे के लिए पैसे जुटाने की खातिर उन्होंने यह अपराध किया। अमर और गोविंद आपस में सगे भाई हैं, जबकि मुकेश उनका मित्र है।
घटना के दिन तीनों ने यह योजना बनाई थी कि वे बचे हुए लकड़ी के काम का बहाना बनाकर घर जाएंगे। अंदर पहुंचते ही उन्होंने मौका देखकर पीड़िता को पीछे से पकड़ लिया और उसे नशीला पदार्थ सुंघा दिया। महिला के बेहोश होते ही उन्होंने उसकी चूड़ियाँ और अंगूठी उतारी और मौके से फरार हो गए।
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अभियुक्तों की प्रोफाइल
तीनों आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है, लेकिन वे नियमित रूप से नशा करते हैं। पुलिस के अनुसार, ये “नवसिखिए अपराधी” हैं जो पहली बार किसी बड़ी आपराधिक वारदात में शामिल हुए।
- मुकेश @ गोलू: 28 वर्षीय बढ़ई, जिसने पहले पीड़िता के घर में काम किया था। कोई आपराधिक इतिहास नहीं।
- अमर @ नेपाली: 24 वर्षीय मजदूर, नशे का आदी, कोई पूर्व अपराध रिकॉर्ड नहीं।
- गोविंद: 24 वर्षीय, अमर का सगा भाई, नशे की लत का शिकार।
पुलिस की मेहनत और तकनीकी कौशल की सराहना
डीसीपी उत्तर-पश्चिम, भीष्म सिंह (IPS) ने टीम की त्वरित कार्रवाई और पेशेवर दक्षता की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम ने न सिर्फ पीड़िता की लूटी गई संपत्ति बरामद की, बल्कि आरोपियों को कुछ ही दिनों में पकड़कर क्षेत्र में जनता का विश्वास भी मजबूत किया।
उन्होंने बताया कि पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क और नशे की आपूर्ति के स्रोत की भी जांच कर रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की वारदातों को रोका जा सके।

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आगे की जांच जारी
मॉडल टाउन थाना पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन आरोपियों का किसी अन्य अपराध में हाथ रहा है या उन्होंने इसी तरह की अन्य वारदातें की हैं। लूटी गई ज्वेलरी को पीड़िता को अदालत के आदेशानुसार लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि नशे की लत के चलते तीनों किन सप्लायरों या गिरोहों के संपर्क में थे। इसके लिए इलाके के नशा विरोधी अभियान को भी और तेज किया जाएगा।
निष्कर्ष
थाना मॉडल टाउन की यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस के उस समर्पण को दर्शाती है, जिसके तहत वह जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात काम कर रही है।
इस मामले में जहां पीड़िता को न्याय मिला, वहीं पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों को यह संदेश दिया कि कानून से बचना असंभव है।
तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है।
(भीष्म सिंह) आईपीएस
उपायुक्त पुलिस, उत्तर-पश्चिम जिला, दिल्ली