दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा | देसी कट्टे और कारतूस बरामद

मुकुंदपुर में अवैध हथियारों के साथ दो गिरफ्तार | दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई दिल्ली में अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार

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मुकुंदपुर में अवैध हथियारों के साथ दो गिरफ्तार | दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई

दिल्ली में अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार — दो देशी कट्टे और जिंदा कारतूस बरामद

दिल्ली पुलिस के आउटर नॉर्थ जिले की पुलिस ने क्षेत्र में प्रभावी गश्त और सतर्कता के माध्यम से अवैध हथियारों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस अभियान में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से दो देसी कट्टे (कंट्री मेड पिस्टल) और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। यह कार्रवाई दिल्ली में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में आउटर नॉर्थ जिला पुलिस की सक्रिय और पेशेवर कार्यशैली को दर्शाती है

गश्त के दौरान मिली सफलता

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार क्षेत्र में गश्त की पैटर्न और पुलिस की दृश्य उपस्थिति को बेहतर बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसका उद्देश्य जनता में विश्वास पैदा करना और अपराधियों पर अंकुश लगाना था। इसी कड़ी में भलस्वा डेयरी थाने की एक टीम, जिसमें हेड कॉन्स्टेबल सुमित (नं. 2305/OND), हेड कॉन्स्टेबल दीपक (नं. 1972/OND) और हेड कॉन्स्टेबल तिनु (नं. 2595/OND) शामिल थे, नियमित गश्त पर निकली हुई थी।

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यह टीम इंस्पेक्टर एस.एस. यादव (एसएचओ, भलस्वा डेयरी) के नेतृत्व में, स्वारूप नगर एसीपी विजय कुमार वत्स के मार्गदर्शन में और आउटर नॉर्थ जिला के डीसीपी हरेश्वर स्वामी (IPS) तथा नॉर्दर्न रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय सिंह (IPS) के समग्र पर्यवेक्षण में काम कर रही थी।

घटना का विवरण

दिनांक 04 अक्टूबर 2025 को दोपहर लगभग 3:15 बजे गश्त के दौरान पुलिस टीम चाट घाट, शुक्ला कॉलोनी, झील रोड, मुकुंदपुर इलाके में पहुंची। वहां एक संदिग्ध युवक को टीम ने रोका। पूछताछ और तलाशी में उस युवक के पास से एक देसी पिस्तौल (कट्टा) और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।

पुलिस ने मौके पर ही उसे हिरासत में ले लिया। उसकी पहचान जतिन पुत्र नरेश, निवासी गली नं. 10/2, डी-ब्लॉक, मुकुंदपुर, दिल्ली, उम्र 20 वर्ष के रूप में हुई। मामले में एफआईआर संख्या 664/2025, दिनांक 04.10.2025, धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत भलस्वा डेयरी थाने में दर्ज की गई और जांच शुरू कर दी गई।

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गहन पूछताछ में दूसरा आरोपी पकड़ा गया

गिरफ्तारी के बाद जतिन से गहन और सतत पूछताछ की गई। पूछताछ में जतिन ने खुलासा किया कि उसने यह देसी पिस्तौल और कारतूस कुछ दिन पहले सचिन पुत्र सुनील गुप्ता, निवासी डी-1168, गली नं. 17, डी-ब्लॉक, मुकुंदपुर, दिल्ली से ₹4000 में खरीदा था। उसने बताया कि उसने यह हथियार लोगों को डराने और धौंस जमाने के लिए खरीदा था।

जतिन ने यह भी बताया कि सचिन के पास एक और देसी पिस्तौल है। इस सूचना पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सचिन के ठिकाने पर छापा मारा और उसे भी गिरफ्तार कर लिया। उसकी तलाशी में एक और देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।

सचिन की उम्र 19 वर्ष है और वह मुकुंदपुर का ही निवासी है। जांच में यह भी सामने आया कि सचिन पहले भी एक गंभीर मामले में पकड़ा जा चुका है। उसके खिलाफ एफआईआर संख्या 252/2024, धारा 363/376 आईपीसी एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत भलस्वा डेयरी थाने में मामला दर्ज था।

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आरोपियों का विवरण

  1. जतिन पुत्र नरेश, निवासी गली नं. 10/2, डी-ब्लॉक, मुकुंदपुर, दिल्ली, उम्र 20 वर्ष।
    • इसके पास से एक देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया।
    • उसने हथियार खरीदने और इस्तेमाल करने की बात स्वीकार की।
  2. सचिन पुत्र सुनील गुप्ता, निवासी डी-1168, गली नं. 17, डी-ब्लॉक, मुकुंदपुर, दिल्ली, उम्र 19 वर्ष।
    • इसके पास से भी एक देसी पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
    • वह पहले भी एक आपराधिक मामले में पकड़ा जा चुका है और उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज है।

बरामदगी

पुलिस ने दोनों आरोपियों से कुल दो देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए। प्रत्येक आरोपी के पास से एक-एक पिस्तौल और कारतूस मिला। यह बरामदगी दर्शाती है कि इलाके में अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क सक्रिय हैं और पुलिस उन तक पहुंचने के लिए अब आगे की जांच में जुट गई है।

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आगे की जांच और प्रयास

मामला फिलहाल जांच के अधीन है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन देसी पिस्तौलों का स्रोत कौन है और इन्हें कहां से खरीदा गया था। इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भी टीम सक्रिय रूप से काम कर रही है।

पुलिस इस दिशा में तकनीकी निगरानी, स्थानीय मुखबिर तंत्र और फील्ड इंटेलिजेंस का उपयोग कर रही है ताकि अवैध हथियारों की आपूर्ति की जड़ तक पहुंचा जा सके। जांचकर्ता इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या दोनों आरोपी किसी बड़े आपराधिक गिरोह से जुड़े हैं या ये स्वतंत्र रूप से ऐसे अपराध कर रहे थे।

पुलिस की सक्रियता का उदाहरण

भलस्वा डेयरी थाना पुलिस की टीम की तत्परता और सतर्कता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि दिल्ली पुलिस अवैध हथियारों और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ सक्रिय, प्रोफेशनल और तत्परता से काम कर रही है

क्षेत्र में नियमित गश्त, तकनीकी निगरानी और स्थानीय समुदाय से मिली जानकारी का उपयोग करते हुए पुलिस ने इस मामले को बहुत ही कम समय में सुलझा लिया और दो आरोपियों को पकड़ लिया। यह कदम न केवल अपराध को रोकने में मददगार रहा बल्कि लोगों के बीच पुलिस पर भरोसा भी मजबूत हुआ है।अवैध हथियारों के खतरे और पुलिस की भूमिका

दिल्ली जैसे महानगर में अवैध हथियारों की मौजूदगी और उनका इस्तेमाल एक गंभीर चुनौती है। ये हथियार अक्सर लूटपाट, धमकी, आपसी झगड़ों या बड़े आपराधिक मामलों में इस्तेमाल किए जाते हैं। ऐसे में पुलिस की समय पर कार्रवाई बेहद जरूरी हो जाती है।

आउटर नॉर्थ जिला पुलिस लगातार ऐसे नेटवर्क पर नज़र रख रही है जो इन हथियारों की सप्लाई में शामिल हो सकते हैं। नियमित चेकिंग, संदिग्धों की प्रोफाइलिंग और मुखबिरों के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस इन पर सख्त कार्रवाई कर रही है।

पुलिस अधिकारियों का बयान

इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई आउटर नॉर्थ जिले की पुलिस टीम के समन्वय, सतर्कता और पेशेवर रवैये का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अवैध हथियारों और अपराधियों के खिलाफ पुलिस की नीति “जीरो टॉलरेंस” की है।

उन्होंने यह भी दोहराया कि ऐसे अभियानों को नियमित रूप से चलाया जाएगा ताकि इलाके में अपराधियों के मन में डर और जनता में विश्वास दोनों बना रहे।

आउटर नॉर्थ जिले में अवैध हथियारों पर प्रहार | दो युवक गिरफ्तार

भलस्वा डेयरी थाना क्षेत्र में गश्त के दौरान दो युवकों की गिरफ्तारी और उनके पास से देसी पिस्तौल और कारतूसों की बरामदगी न केवल एक पुलिस सफलता है, बल्कि यह इस बात का संकेत भी है कि राजधानी में अवैध हथियारों का खतरा वास्तविक है और पुलिस को निरंतर सतर्क रहने की आवश्यकता है।

इस कार्रवाई ने साबित किया कि जब तकनीकी साधनों, स्थानीय इंटेलिजेंस और सतर्क पुलिसिंग को एक साथ जोड़ा जाए तो अपराधों पर समय रहते अंकुश लगाया जा सकता है। आउटर नॉर्थ जिला पुलिस ने जिस तेजी से इस मामले में कार्रवाई की, वह पूरे दिल्ली पुलिस बल के लिए एक मिसाल है।

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