
दिल्ली: फ्लाईओवर पर अचानक उठीं लपटें, कार में सवार परिवार को निकाला सुरक्षित
दिल्ली के शालीमार बाग फ्लाईओवर पर चलती कार में लगी भीषण आग
राजधानी दिल्ली में रविवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई जब शालीमारबाग फ्लाईओवर पर चलती कार में अचानक भीषण आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने इतनी विकराल रूप ले लिया कि पूरी कार धुएं और लपटों में घिर गई। इस हादसे में कार के अंदर मौजूद चार लोगों की जान बाल-बाल बची। मौके पर मौजूद लोगों की सूझबूझ और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी दुर्घटना को होने से रोक दिया।
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अचानक कार में उठी लपटें — अफरा-तफरी का माहौल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना दोपहर करीब 2:30 बजे की है। एक सफेद रंग की कार शालीमारबाग फ्लाईओवर पर सामान्य गति से चल रही थी, तभी अचानक कार के बोनट से धुआं निकलने लगा। कुछ ही क्षणों में बोनट के नीचे से आग की लपटें उठीं और देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना के दौरान कार में चार लोग सवार थे — दो पुरुष, एक महिला और एक बच्चा। जैसे ही कार में आग लगी, चालक ने तत्काल वाहन को फ्लाईओवर के किनारे रोकने की कोशिश की, लेकिन कार के दरवाजे जाम हो गए और सवार लोग अंदर ही फंस गए। फ्लाईओवर पर ट्रैफिक तेज़ था, जिससे शुरूआती कुछ सेकंडों तक लोगों को समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ है।
स्थानीय लोगों और राहगीरों की सूझबूझ से बची चार ज़िंदगियाँ
मौके पर मौजूद कुछ स्थानीय लोग और अन्य वाहन चालक तुरंत सक्रिय हो गए। उन्होंने बिना समय गवाए कार के पास पहुंचकर दरवाजे खोलने और शीशे तोड़ने की कोशिश की। दो राहगीरों ने मिलकर कार की पिछली खिड़की को तोड़ा, जिसके बाद अंदर फंसे लोगों को एक-एक करके बाहर निकाला गया। इस दौरान लपटें बढ़ती जा रही थीं और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल था।
एक चश्मदीद ने बताया —
“गाड़ी से धुआं निकलते ही हमें कुछ गड़बड़ लगा। हम तुरंत गाड़ी के पीछे रुके और लोगों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। आग बहुत तेजी से फैल रही थी, अगर 2 मिनट और लग जाते तो शायद कुछ और हो जाता।”

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दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, 20 मिनट में आग पर पाया गया काबू
जैसे ही घटना की जानकारी स्थानीय लोगों ने पुलिस और दमकल विभाग को दी, फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने तुरंत आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कार कुछ ही समय में पूरी तरह जल चुकी थी। हालांकि, दमकल विभाग ने लगभग 20 मिनट की मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझा दिया।
दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया —
“हमें दोपहर करीब 2:40 बजे कॉल मिली। हमारी टीम तुरंत रवाना हुई और घटनास्थल पर पहुंचते ही आग पर नियंत्रण का काम शुरू किया। आग काफी भीषण थी, लेकिन सौभाग्य से सभी सवारों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया था। यदि बचाव कार्य में थोड़ी भी देर होती तो जान-माल की बड़ी हानि हो सकती थी।”
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प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और ट्रैफिक को डायवर्ट कर बचाव कार्य में मदद की। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर तकनीकी जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की मुख्य वजह माना जा रहा है, लेकिन जांच अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि कहीं किसी तरह का मैकेनिकल फॉल्ट या ईंधन लीकेज तो नहीं हुआ था।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया —
“प्रारंभिक जांच में यह प्रतीत होता है कि वाहन के इंजन हिस्से में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग फैली। हमने वाहन को जब्त कर लिया है और फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही सटीक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।”
फ्लाईओवर पर ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित, लंबा जाम लगा
घटना के बाद शालीमारबाग फ्लाईओवर पर ट्रैफिक कई घंटों तक प्रभावित रहा। अचानक आग लगने के बाद मौके पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया, लेकिन कुछ समय के लिए पूरी फ्लाईओवर पर जाम की स्थिति बन गई। कई ऑफिस जाने वाले और आम यात्री घंटों ट्रैफिक में फंसे रहे।
ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी ने बताया —
“घटना के बाद तुरंत ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया, लेकिन फ्लाईओवर पर जली हुई कार को हटाने और आग पर काबू पाने में समय लगने के कारण ट्रैफिक प्रभावित हुआ। करीब एक घंटे में सड़क को पूरी तरह से खाली कराया गया।”

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घटना के बाद सवाल — क्या वाहनों में पर्याप्त सुरक्षा जांच होती है?
इस हादसे ने एक बार फिर वाहन सुरक्षा और नियमित मेंटेनेंस को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली में गर्मी, धूल और ट्रैफिक के चलते कई बार वाहन अधिक गर्म हो जाते हैं और इंजन में तकनीकी खराबी आ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार लोग अपनी गाड़ियों की नियमित सर्विसिंग और वायरिंग की जांच नहीं करवाते, जिससे इस तरह के हादसे हो सकते हैं।
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञ राजीव बंसल ने कहा —
“अक्सर लोग सोचते हैं कि नई कार में कोई दिक्कत नहीं आएगी, लेकिन इंजन कंपार्टमेंट में वायरिंग और ईंधन लाइनों की समय-समय पर जांच जरूरी होती है। गर्मी या शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग सकती है, इसलिए हर 3-6 महीने में बेसिक चेकअप कराना चाहिए।”
स्थानीय लोगों की बहादुरी की तारीफ
इस हादसे में चारों सवारों की जान बचाने में जिस तरह स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तत्परता दिखाई, उसकी चारों ओर सराहना हो रही है। दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग ने भी लोगों की बहादुरी की तारीफ की है और कहा है कि उनकी सूझबूझ के कारण ही समय रहते लोगों को बचाया जा सका।
दमकल विभाग के एक अधिकारी ने कहा —
“जब तक हमारी टीम पहुंची, तब तक स्थानीय लोग मिलकर यात्रियों को बाहर निकाल चुके थे। यह उनकी हिम्मत और त्वरित कार्रवाई ही थी कि एक संभावित बड़ी त्रासदी को टाल दिया गया।”

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पुलिस और प्रशासन की अपील — वाहन मालिक नियमित जांच करवाएं
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों की नियमित जांच कराते रहें और किसी भी प्रकार की खराबी को हल्के में न लें। गर्मियों और लंबे सफर के दौरान विशेष रूप से इंजन, ईंधन पाइप और वायरिंग की जांच ज़रूर करें। इसके अलावा कार में हमेशा एक छोटा फायर एक्सटिंग्विशर रखना भी जीवन रक्षक साबित हो सकता है।
निष्कर्ष
शालीमारबाग फ्लाईओवर पर हुई यह घटना इस बात की सख्त याद दिलाती है कि सड़क पर चलते समय हादसे कभी भी, कहीं भी हो सकते हैं। इस हादसे में चार लोगों की जान तो बच गई, लेकिन कुछ ही मिनटों में एक पूरी कार राख में बदल गई। समय पर की गई मदद, दमकल विभाग की तत्परता और ट्रैफिक पुलिस के त्वरित प्रबंधन ने स्थिति को संभाला।
आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच जारी है, लेकिन यह स्पष्ट है कि वाहन सुरक्षा और मेंटेनेंस को लेकर लापरवाही बेहद खतरनाक हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे मामलों में जागरूकता और सतर्कता बरतें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।