
दिल्ली में छठ महापर्व की अद्भुत छटा — विधायक अशोक गोयल देवरहा ने महिलाओं का किया सम्मान
मॉडल टाउन में छठ पूजा का अद्भुत नज़ारा — विधायक अशोक गोयल देवरहा
राजधानी दिल्ली के मॉडल टाउन विधानसभा क्षेत्र में इस बार छठ महापर्व का दृश्य अत्यंत भव्य, भावनात्मक और प्रेरणादायक रहा। श्रद्धा, भक्ति और सामूहिकता का ऐसा संगम देखने को मिला जब हजारों की संख्या में श्रद्धालु महिलाएं और परिवार छठ घाटों पर एकत्र हुए और अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया।
Delhi: भलस्वा झील पर छठ घाट की हकीकत — गंदगी और प्रशासनिक लापरवाही
यह दृश्य केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं था, बल्कि दिल्ली की सांस्कृतिक एकता और प्रशासनिक सहयोग का सुंदर उदाहरण भी प्रस्तुत कर रहा था। इस अवसर पर क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक अशोक गोयल देवरहा ने स्वयं घाट पर पहुंचकर श्रद्धालुओं से मुलाकात की, उन्हें छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं और व्रती महिलाओं को पूजन सामग्री एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया।
🌅 “छठी मैया का व्रत केवल पूजा नहीं, यह जीवन का अनुशासन है” — अशोक गोयल देवरहा
विधायक अशोक गोयल देवरहा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा —
“छठी मैया का व्रत एक ऐसा पर्व है जिसमें डूबते और उगते दोनों सूर्य को नमन किया जाता है। यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन में ऊर्जा, शुद्धता और सामूहिक एकता का प्रतीक है। छठ हमें सिखाता है कि संयम, सेवा और सत्य के मार्ग पर चलकर जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है।”

रेखा गुप्ता के नेतृत्व में मॉडल टाउन के घाट चमके, श्रद्धालुओं ने कहा — सफाई और सुरक्षा रही शानदार
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि सभी धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक माहौल में मनाए जाएं।
विधायक ने एमसीडी कर्मियों, पुलिस अधिकारियों और स्थानीय निवासियों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने मिलकर छठ घाटों की सफाई, रोशनी और सुरक्षा की उत्कृष्ट व्यवस्था की।
🪔 महिलाओं को सम्मानित कर दी शुभकामनाएं
घाट पर उपस्थित सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक गीतों और व्रत विधि के साथ पूजा संपन्न की।
विधायक अशोक गोयल देवरहा ने श्रद्धालुओं के बीच जाकर महिलाओं को सुप (डालिया), थाली, दीपक, फल और पूजन सामग्री भेंट की।
उन्होंने हर महिला से संवाद किया और कहा —
“आप सबके आशीर्वाद से ही क्षेत्र में शांति, सौहार्द और खुशहाली बनी रहती है। आपकी निष्ठा और आस्था से समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है।”
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इस अवसर पर स्थानीय पार्षद, एमसीडी अधिकारी, पुलिसकर्मी और समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि किसी श्रद्धालु को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
🧹 सफाई, रोशनी और सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम
स्थानीय प्रशासन और एमसीडी की टीमों ने कई दिनों पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। घाटों की सफाई, जल स्तर की जाँच, बिजली लाइनों की मरम्मत और टेंट लगाने का कार्य समय पर पूरा किया गया।
रात के समय छठ व्रतियों के लिए एलईडी लाइटें, जनरेटर बैकअप और अस्थायी शौचालय भी लगाए गए थे।
महिलाओं ने बताया कि इस बार घाटों की स्थिति पिछले वर्षों की तुलना में काफी बेहतर रही। पानी स्वच्छ था, गंदगी नहीं थी, जिससे व्रतियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। घाट के चारों ओर पुलिस बल और वॉलंटियर्स की तैनाती से सुरक्षा का माहौल पूरी तरह बना रहा।
👩🦰 श्रद्धालुओं ने जताया आभार — “इस बार छठ की व्यवस्था बहुत अच्छी रही”
आसपास की महिलाओं ने विधायक अशोक गोयल देवरहा और दिल्ली सरकार का आभार व्यक्त किया।
व्रती रेखा देवी ने कहा —
“हर साल हम छठ पूजा यहीं करते हैं, लेकिन इस बार सफाई और रोशनी की व्यवस्था बहुत बेहतर रही। विधायक जी खुद आए, लोगों से मिले, यह हमारे लिए गर्व की बात है।”
वहीं सुनीता मिश्रा ने कहा —
“छठी मैया की कृपा से सब कुछ शुभ रहा। घाट पर पानी साफ था, सुरक्षा व्यवस्था अच्छी थी, और हर तरफ भक्ति का माहौल था। सरकार और स्थानीय टीम ने बहुत अच्छा कार्य किया है।”

हजारों दीपों से जगमगाया मॉडल टाउन — छठ पूजा ने दिया सामाजिक एकता का संदेश
💡 रेखा गुप्ता के नेतृत्व में बेहतर प्रबंधन
स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस बार रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने हर घाट पर विशेष ध्यान दिया।
पानी की गुणवत्ता, बिजली आपूर्ति और सफाई व्यवस्था की लगातार निगरानी की गई। एमसीडी कर्मचारियों ने दिन-रात मेहनत की ताकि कोई भी स्थान अव्यवस्थित या गंदा न दिखे।
रेखा गुप्ता ने कहा —
“छठ केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि दिल्ली की विविध संस्कृति और सामूहिकता की पहचान है। यहां हर प्रांत, हर भाषा और हर वर्ग के लोग मिलकर छठ मनाते हैं — यही हमारी राजधानी की खूबसूरती है।”
🎶 भक्ति, संगीत और लोक परंपराओं से गूंज उठा मॉडल टाउन
पूरा क्षेत्र छठी मैया के गीतों और जयकारों से गूंज उठा। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सज-धजकर व्रत किया और बच्चों ने घाट किनारे दीप जलाए।
“केलवा जे हरइले मइया” और “उग हे सूरज देव” जैसे लोकगीतों की ध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो गया।
युवा और बच्चे भी इस आयोजन में सक्रिय रूप से शामिल रहे। कई स्वयंसेवी संगठनों ने प्रसाद वितरण, भीड़ नियंत्रण और सफाई में प्रशासन की मदद की।
घाट के आसपास लाउडस्पीकर पर छठ के पारंपरिक भजन, फूलों की सजावट और दीपमालाओं की रोशनी ने पूरे इलाके को एक दिव्य रंग में रंग दिया।
🌇 अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य और उगते सूर्य का स्वागत
पहले दिन श्रद्धालुओं ने अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया और अगले दिन उगते सूर्य का स्वागत किया।
महिलाओं ने जल में खड़े होकर सूर्य देव को जल अर्पित किया और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
जब अस्ताचलगामी सूर्य की किरणें जल में प्रतिबिंबित हो रही थीं, तो पूरा वातावरण एक अद्भुत शांति और आस्था से भर गया था।
अगली सुबह जब उगते सूर्य को अर्घ्य दिया गया, तो श्रद्धालुओं के चेहरों पर संतोष और कृतज्ञता की झलक दिखी।
🏛 प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की संयुक्त पहल
विधायक अशोक गोयल देवरहा ने बताया कि उन्होंने कई दिन पहले से ही प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियां शुरू करवाई थीं।
सफाई, सुरक्षा और बिजली से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की व्यक्तिगत निगरानी की गई।
उन्होंने कहा —
“हमारा प्रयास है कि हर धर्म और हर त्योहार को समान सम्मान मिले। दिल्ली की पहचान उसकी विविधता और सह-अस्तित्व में है — और छठ पर्व इसका सबसे सुंदर उदाहरण है।”
एमसीडी और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मॉडल टाउन क्षेत्र में लगभग 15 से अधिक छोटे-बड़े घाटों पर छठ पूजा का आयोजन हुआ।
हर घाट पर पुलिस पेट्रोलिंग, फर्स्ट एड टीम और फायर ब्रिगेड यूनिट की तैनाती की गई ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे।
🌱 पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश
छठ पर्व अब पर्यावरण-संरक्षण का भी प्रतीक बनता जा रहा है। श्रद्धालुओं ने इस वर्ष प्लास्टिक की वस्तुओं के बजाय मिट्टी के दीपक और प्राकृतिक पूजन सामग्री का प्रयोग किया।
जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों ने विशेष अभियान चलाया।
विधायक देवरहा ने कहा —
“छठ का सबसे बड़ा संदेश यही है कि हम प्रकृति का सम्मान करें। सूर्य और जल दोनों जीवन के आधार हैं, और इनका पूजन मानवता के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।”

सूर्य अर्घ्य से रोशन हुआ मॉडल टाउन — विधायक देवरहा बोले, “यह पर्व हमारी संस्कृति की आत्मा है
🕊 सामाजिक एकता और सौहार्द का पर्व
मॉडल टाउन में छठ पूजा ने यह साबित कर दिया कि आस्था से बढ़कर कोई शक्ति नहीं।
हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई — सभी समुदायों के लोग घाट पर एकत्र होकर इस आयोजन का हिस्सा बने।
स्थानीय दुकानदारों, युवाओं और समाजसेवी संस्थाओं ने मिलकर सेवा भाव से आयोजन को सफल बनाया।
कई स्थानों पर मुफ्त जल वितरण, चिकित्सा शिविर और सहायता केंद्र लगाए गए।
यह सामूहिक सहभागिता दिल्ली की असली पहचान को दर्शाती है — जहाँ हर त्यौहार सबका होता है।
🌞 निष्कर्ष — भक्ति, सहयोग और संस्कृति का संगम
मॉडल टाउन का यह छठ पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, नारी शक्ति और प्रशासनिक दक्षता का प्रतीक बन गया।
अशोक गोयल देवरहा जैसे संवेदनशील जनप्रतिनिधि और रेखा गुप्ता जैसी आयोजक टीमों के प्रयासों से यह आयोजन न केवल सफल रहा बल्कि दिल्ली के सांस्कृतिक इतिहास में यादगार बन गया।
जब सूर्य देव को अर्घ्य देते हुए हजारों दीपक जल उठे, तो न केवल घाट बल्कि लोगों के दिलों में भी उजाला फैल गया —
यह उजाला आस्था का था, एकता का था, और नए भारत की आशा का था।