
भारत मंडप, नई दिल्ली में आयोजित 53वें विश्व पुस्तक मेले में इस वर्ष भी भारी संख्या में पाठक और साहित्य प्रेमी पहुंच रहे हैं। हॉल नंबर दो में स्टॉल R-36 पर संसमय प्रकाशन का स्टॉल लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
संस्मय प्रकाशन की निदेशक भावना शर्मा ने सभी साहित्यकारों एवं लेखकों का धन्यवाद देते हुए कहा कि हिन्दुस्तान के मशहूर साहित्यकारों की पुस्तक का विमोचन संस्मय प्रकाशन के द्वारा होना उनके लिए गौरव की बात है। आज सभी के समर्थन से हम साहित्य सेवा कर रहे हैं। लेखकों का विश्वास हमारे लिए ऊर्जा स्रोत है।
संस्मय प्रकाशन के स्टॉल पर उस समय विशेष भीड़ देखी गई जब भारत सरकार से ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित तथा आजतक साहित्य लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित प्रसिद्ध कथाकार चित्रा मुद्गल की पुस्तक ‘बाघ’ का लोकार्पण किया गया। इसी अवसर पर राजीव मुद्गल की पुस्तक ‘ओ यास्मीन’ का भी विमोचन हुआ। इन दोनों पुस्तकों के प्रकाशन में संसमय प्रकाशन की अहम भूमिका रही है।
इस अवसर पर जेएनयू के प्रोफेसर देवेंद्र चौबे, जेएनयू की प्रोफेसर रश्मि चौधरी, जीसस एंड मैरी कॉलेज की प्रोफेसर एवं गायिका अनुपमा श्रीवास्तव, एनडीटीवी के आर्ट डिजाइनर यतीश जैन, उपन्यासकार नीलम झा नील, राजीव गुप्ता, अभया कपूर, रेखा कपूर, चार्टर्ड अकाउंटेंट अनु झा, प्रशांत मुद्गल, शिवानी मुद्गल, नकुल मुद्गल, दीक्षा दुबे, गुणिका दुबे, कर्नल त्रिपाठी, लेखिका मीनू त्रिपाठी, द पेनमैन प्रेस के वीरेंद्र सिंह एवं अन्य साहित्यप्रेमी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
संस्मय प्रकाशन साहित्य जगत की सेवा के साथ-साथ हिंदी भाषा को आम जनमानस से जोड़ने के लिए भी निरंतर कार्य कर रहा है। संस्था के प्रयासों से अब तक लाखों लोगों के हस्ताक्षर हिंदी में परिवर्तित किए जा चुके हैं।
53वें विश्व पुस्तक मेले में संसमय प्रकाशन का यह आयोजन साहित्य और हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।